'सबका साथ, सबका विकास' का नारा वाजपेयी पर सूट करता था- संजय राउत
मुंबई, 25 दिसम्बर। शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने शनिवार 25 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उनकी जमकर तारीफ की। राउत ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जवाहरलाल नेहरू के बाद इकलौते प्रधानमंत्री थे जिन्हें पूरे देश में पसंद किया जाता था। उन्होंने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास' का नारा उनके साथ वास्तव में जमता था।

दरअसल शिवसेना नेता का बयान वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र पर निशाना था जिन्होंने 2014 में सबका साथ, सबका विकास के ध्येय के साथ सत्ता संभाली थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार इस नारे को दोहराते रहे हैं लेकिन विपक्ष आरोप लगाता रहा है कि केंद्र की बीजेपी सरकार बिना किसी की परवाह किए काम करती है।
संजय राउत ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा "अटल बिहारी वाजपेयी ने शिवसेना-बीजेपी गठबंधन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सबका साथ, सबका विकास की पंक्ति उन पर सच में सूट करती है।" राउत पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की जयंती पर पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू (भारत के प्रथम प्रधानमंत्री) के बाद देश के दूसरे ऐसे नेता थे जिन्हें पूरे देश में पसंद किया जाता था। चाहे यह नागालैंड हो या फिर पुडुचेरी, हर जगह वाजपेयी के प्रशंसक मौजूद थे।
राउत ने आगे कहा वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी बीजेपी के दो प्रमुख स्तम्भ थे जिन्होंने पार्टी को पूरे देश में फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
35 साल साथ रहे थे बीजेपी-शिवसेना
बीजेपी और शिवसेना के बीच 35 साल लंबा गठबंधन साल 2019 में विधानसभा चुनाव के बाद तब टूट गया था। महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और शिवसेना ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। गठबंधन को बहुमत मिला था लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर बात ठन गई। चुनाव में बीजेपी को सबसे ज्यादा सीटें मिली थी लेकिन शिवसेना का कहना था कि पिछली बार बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री रहे थे इसलिए इस बार यह पद उसे मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बात नहीं बनी और आखिरकर 35 साल पुराना गठबंधन टूट गया। इसके बाद से शिवसेना और बीजेपी के नेता एक दूसरे पर तीखी बयानबाजी करते रहते हैं।












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