कंप्यूटर ऑपरेटर पर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से 21.59 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर शहर में एक सरकारी खेल परिसर के खाते से एक कंप्यूटर ऑपरेटर ने कथित तौर पर 21.59 करोड़ रुपये की हेराफेरी की है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
जवाहरनगर थाने के एक अधिकारी ने बताया कि मुख्य आरोपी हर्षकुमार क्षीरसागर, जो संभागीय खेल परिसर कार्यालय में संविदा पर काम करने वाला कंप्यूटर ऑपरेटर है और फिलहाल फरार है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपी की एक महिला मित्र को गिरफ्तार किया है और उससे मामले के संबंध में पूछताछ कर रही है।

मामले की जांच चल रही थी तभी फरार आरोपी ने 26 दिसंबर को जवाहरनगर पुलिस को डाक से एक पत्र भेजा, जिसमें आरोप लगाया गया कि परिसर के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उस पर धन की हेराफेरी के लिए दबाव डाला। पुलिस अधिकारी के अनुसार, क्षीरसागर ने कथित तौर पर एक बैंक में पंजीकृत खेल परिसर समिति का ई-मेल पता बदल दिया और परिसर के खाते को दूसरे ई-मेल आईडी से जोड़ दिया, जिस तक उसकी पहुंच थी।
उन्होंने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर खेल परिसर के बैंक खाते से 21.59 करोड़ रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए और फिर पैसे निकाल लिए। अधिकारी ने बताया कि खेल परिसर के एक प्रतिनिधि की शिकायत के आधार पर जवाहरनगर पुलिस ने 22 दिसंबर को क्षीरसागर और दो अन्य के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया।
क्षीरसागर को पकड़ने के प्रयास चल रहे थे, लेकिन पिछले हफ्ते उसने जवाहरनगर पुलिस थाने के प्रभारी को सात पन्नों का पत्र भेजा, जिसमें दावा किया गया कि खेल परिसर कार्यालय के कुछ वरिष्ठ लोगों ने उस पर खेल परिसर का फंड निकालने का दबाव बनाया।
उसने आरोप लगाया कि खेल परिसर के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने उसे बंदूक दिखाकर धमकाया, खेल परिसर का खाता नंबर बदलवाने के लिए एक पत्र दिया, निकाली गई राशि से खरीदी गई संपत्तियों का चयन किया और आरोपी द्वारा 1.35 करोड़ रुपये में खरीदी गई कार का भी इस्तेमाल किया। आरोपी ने अपने पत्र में यह भी दावा किया कि जब उसने फंड ट्रांसफर और निकासी में शामिल होने से इनकार किया तो उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।












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