अमित शाह के मुंबई दौरे से पहले राज ठाकरे और फडणवीस के बीच 'गुप्त' मुलाकात के मायने ?
मुंबई, 29 अगस्त: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार की तख्तापलट के बाद भाजपा उनकी अगुवाई वाली शिवसेना को बीएमसी चुनावों में घेरने की रणनीति में भी जुट गई लगती है। रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह गणेश पूजा के दौरान मुंबई आने वाले हैं, जिसमें पार्टी की कुछ नई दिशा तय हो सकती है। इस तरह की अटकलों को जोर इसलिए मिल रहा है, क्योंकि सोमवार को उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलने के लिए मनसे चीफ राज ठाकरे पहुंचे हैं। इन मुलाकातों के पीछे क्या कुछ संभावनाएं देखी जा रही हैं, इस रिपोर्ट में पढ़िए।

राज ठाकरे और फडणवीस के बीच 'गुप्त' मुलाकात के मायने ?
न्यूज18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार सुबह महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के चीफ राज ठाकरे ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के घर जाकर उनसे करीब एक घंटे तक गुप्त मुलाकात की है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब एशिया के सबसे बड़े निगम और भारत के कुछ छोटे राज्यों से भी ज्यादा बजट वाली बीएमसी के चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के भतीजे और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे के चचेरे भाई राज ठाकरे सुबह करीब 6.45 बजे अपने घर से निकले और 7.30 बजे के करीब फडणवीस के आवास पर पहुंच गए। यहीं पर दोनों नेताओं के बीच कथित गुप्त बातचीत हुई। हालांकि, दोनों पक्षों में से किसी ने भी इसके बारे में पुष्टि नहीं की है।

शाह के मुंबई दौरे से पहले हुई मुलाकात खास है!
इस बीच इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के भी अगले हफ्ते गणेश पूजा के दौरान मुंबई यात्रा पर पहुंचने का कार्यक्रम है। भाजपा नेताओं का कहना है कि गृहमंत्री लालबाग के राजा के परम भक्त हैं और इस मौके पर वह हर साल मुंबई आते हैं। गणेश उत्सव में शामिल होने के अलावा शाह की उपमुख्यमंत्री फडणवीस के अलावा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले और मुंबई बीजेपी अध्यक्ष आशीष शेलार से भी मुलाकात की योजना है। वे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से भी मिलेंगे। ऐसे में शाह के मुंबई पहुंचने से पहले राज ठाकरे और फडणवीस के बीच इस मुलाकात के और भी मायने निकाले जा रहे हैं।

बीएमसी में 134 सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही है भाजपा-रिपोर्ट
दरअसल, इस बार का बीएमसी चुनाव भारतीय जनता पार्टी के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो चुका है। पार्टी इसपर से उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना के कब्जे को हटाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं रहने देना चाहती है। शिवसेना ने पिछले तीन दशकों से बृहन्मुंबई नगर निगम पर अपना दबदबा कायम कर रखा है। उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना को बीएमसी की कुर्सी से बेदखल करने के लिए भाजपा ने 227 सीटों वाले निगम में 134 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य तय कर रखा है।

उद्धव गुट के लिए बीएमसी है जीवन रेखा!
भाजपा सूत्रों से संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी पहले से ही सीएम एकनाथ शिंदे गुट के साथ बीएमसी चुनावों में तालमेल की सोच रही है। इसके लिए शिंदे गुट की ओर से ठाकरे समर्थक कॉर्पोरेटरों को भी अपने साथ करने की कोशिश हो सकती है। मौजूदा समय में बीजेपी हो या शिंदे गुट या फिर राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस, सभी जानते हैं कि उद्धव गुट के लिए बीएमसी एक तरह से जीवन रेखा की तरह है, जिसके बिना पार्टी का आधार बहुत ही कमजोर हो सकता है। इसलिए, राज ठाकरे और फडणवीस के बीच मुलाकात को शिष्टाचार मुलाकात से कहीं ज्यादा देखा जा रहा है। वैसे एक महीने पहले ही फडणवीस एमएनएस चीफ की सेहत का हाल जानने उनके घर पहुंचे थे। राज ठाकरे की जुलाई में हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी हुई थी।

40,000 करोड़ रुपये बजट वाली संस्था की लड़ाई
बीएमसी देश की सबसे अमीर नगर निकाय है, जिसका सालाना बजट 40,000 करोड़ रुपये का है। बीएमसी का पिछला चुनाव 2017 के फरवरी में ही हुआ था। लेकिन, कोरोना वायरस महामारी की वजह से इसमें देर हो गई। उसके बाद वार्ड के परिसीमन को लेकर विवाद शुरू हुआ। उद्धव सरकार ने बीएमसी में वार्डों की संख्या बढ़कर 236 करने का फैसला लिया था, जिसे विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शिंदे-बीजेपी ने घटाकर वापस 227 करने का फैसला ले लिया। इधर मानसून की वजह से भी यह चुनाव टलता लग रहा है। अब संभावना है कि यह चुनाव अगले साल जनवरी-फरवरी तक हो सकता है।












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