अमरावती हत्याकांड में NIA का खुलासा-हत्या से आंतक फैलाने की कोशिश, इंटरनेशनल लिंक
नई दिल्ली, 08 जुलाई: महाराष्ट्र के अमरावती में केमिस्ट उमेश कोल्हे की हत्या मामले में सातों आरोपियों को 15 जुलाई तक के लिए एनआईए की हिरासत में भेजा गया है। इस मामले में एनआईए ने अपनी एफआईआर में कहा है कि, 21 जून को महाराष्ट्र के अमरावती स्थित केमिस्ट उमेश कोल्हे की नृशंस हत्या व्यक्तियों के एक समूह की ओर से रची गई बड़ी साजिश का हिस्सा था, जिन्होंने भारत के लोगों के एक वर्ग के बीच आतंक फैलाने और धर्म के आधार पर दुश्मनी को बढ़ावा देने की साजिश रची थी।

कोल्हे की हत्या की प्राथमिकी में आगे कहा गया है कि, भारत के लोगों के एक वर्ग को आतंकित करने के लिए यह हत्या की गई। इस मामले के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय लिंक होने की आशंका भी जाहिर की गई है। बता दें कि, पर भारतीय जनता पार्टी की पूर्व नेता नूपुर शर्मा के समर्थन में एक पोस्ट लिखने के बाद अमरावती के 54 वर्षीय फार्मासिस्ट उमेश प्रल्हादराव कोल्हे की 21 जून की रात को हत्या कर दी गई थी। एनआईए ने 2 जुलाई को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 16, 18 और 20 के तहत मामला फिर से दर्ज किया।
महाराष्ट्र के अमरावती के सिटी कोतवाली पुलिस स्टेशन को चाकू से कोल्हे की निर्मम हत्या की सूचना मिली। 22 जून को तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। मृतक के बेटे संकेत उमेश कोल्हे की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। अमरावती के घनश्याम नगर इलाके के निवासी कोल्हे की रात करीब 10 बजे हत्या की गई, जब वह 21 जून को अपने घर लौट रहे थे। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के अनुसार, आईपीसी की धारा 153 (ए), 153 (बी) और 120 (बी) और यूए (पी) अधिनियम की धारा 16, 18 और 20 बनता हैं, जो कि अनुसूचित अपराध हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम, 2008 ने प्राथमिकी दर्ज की।
एनआईए को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 1 जुलाई को मामले को संभालने का निर्देश दिया था। गृह मंत्रालय (एमएचए) की ओर से अमित शाह के निर्देश पर पत्र जारी किया गया। एमएचए के आदेश में कहा गया है, 'केंद्र सरकार की राय है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम, 2008 के तहत एक अनुसूचित अपराध किया गया है, अपराध की गंभीरता, और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नतीजों के संबंध में इसकी एनआईए से जांच कराना जरूरी है।'
मामले में पहचाने गए संदिग्धों में मुदस्सिर अहमद, शारुख पठान, अब्दुल तौफिक, शोएब खान, आतिब राशिद, यूसुफ खान बहादुर खान और शाहिम अहमद फिरोज अहमद हैं। इन सभी को महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एनआईए ने बुधवार को मामले में 13 स्थानों पर तलाशी ली और नफरत फैलाने वाले पैम्फलेट वाले विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए। आरोपियों और संदिग्धों के परिसरों में की गई तलाशी के दौरान, एनआईए ने डिजिटल डिवाइस (मोबाइल फोन, सिम कार्ड, मेमोरी कार्ड, डीवीआर), चाकू और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज और सामग्री जब्त करने का दावा किया।












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