नई संसद: क्या आडवाणी को निमंत्रण दिया? पीएम मोदी पर उद्धव ठाकरे की पार्टी का बड़ा हमला

नए संसद भवन के उद्घाटन के मसले को लेकर विपक्ष का हल्ला बोल शांत नहीं हो रहा है। अब उद्धव ठाकरे की पार्टी ने अपने मुखपत्र सामना के माध्यम से पीएम मोदी पर निशाना साधा है।

New Parliament Shiv Sena (UBT)

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) ने नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से नहीं कराए जाने को लेकर केंद्र की बीजेपी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद के नए परिसर को अपनी 'जागीर' समझते हैं, क्योंकि उन्हें लगाता है कि इसे उन्होंने बनाया है।

'सामना' के जरिए पीएम मोदी पर निशाना
शिवसेना (यूबीटी) ने अपने मुखपत्र 'सामना' की संपादकीय में नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर पीएम मोदी पर आरोप तो लगाए ही हैं, साथ ही यह भी सवाल किया है कि क्या 28 मई के कार्यक्रम के लिए बीजेपी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी को बुलाया गया है।

20 से ज्यादा विपक्षी दल कर रहे हैं विरोध
गौरतलब है कि कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की पार्टी समेत करीब 20 विपक्षी दलों ने रविवार को होने वाले इस राष्ट्रीय समारोह के बायकॉट करने का ऐलान किया है। नई संसद की इमारत का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन भी करेंगे और उसे राष्ट्र को भी समर्पित करेंगे। लेकिन, विपक्ष नहीं चाहता कि नई संसद का उद्घाटन पीएम मोदी करें।

पीएम मोदी समझते हैं यह उनकी जागीर है- उद्धव की पार्टी
अपने मुखपत्र में सेना (यूबीटी) ने कहा कि राष्ट्रपति देश की प्रमुख हैं और भारत की पहली नागरिक भी हैं, इसलिए इस पद का अपमान नही होना चाहिए। पार्टी ने सामना में कहा है, 'मोदी की नीति ये है कि नए संसद भवन का निर्माण मेरे द्वारा हुआ है और यह मेरी जागीर है। इसलिए तख्ती पर मेरा नाम होगा। लोकतंत्र के लिए यह खतरनाक है। '

क्या आडवाणी को आमंत्रित किया गया है- शिवसेना (यूबीटी)
इसमें कहा गया है कि नई संसद किसी पार्टी की नहीं, बल्कि देश की है और बीजेपी नेता लोकतंत्र की बात कर रहे हैं, जो कि मजाक है। इसमें सवाल किया गया है, ' क्या आडवाणी को जिनकी वजह से बीजेपी 'अच्छे दिन' देख सकी, उन्हें इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया है?'

सुप्रीम कोर्ट भी ठुकरा चुका है याचिका
इसमें यहां तक दावा किया गया है कि विपक्ष के नेता का कद प्रधानमंत्री के बराबर का होता है। इस दलील के साथ इसमें लिखा गया है कि इसलिए यह और भी अच्छा होता यदि निमंत्रण पत्र में विपक्ष के नेता का नाम भी होता। गौरतलब है कि पीएम मोदी को उद्घाटन से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका डाली गई थी, जिसे अदालत ने फटकार लगाते हुए खारिज कर दिया है।

शिंदे-फडणवीस पर भी कसा गया तंज
सामना में लिखा गया है, 'सरकार ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि अगर आप हमारी निजी पार्टी में आते हैं तो आपका अपमान किया जाएगा। शिंदे-फडणवीस (एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस) को ऐसी पार्टियों में जाना पसंद है। देखिए कि क्या आडवाणी के लिए जगह है।'

कई विपक्षी दल समारोह में हो रहे हैं शामिल
इसके मुताबिक जब भारत की राष्ट्रपति को कार्यक्रम के लिए नहीं बुलाया गया है तो फिर किसी को निमंत्रण मिला या नहीं, कोई मतलब नहीं है। गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में कई विपक्षी पार्टियों ने भी शामिल होने की बात कही है। जिसमें बीजेडी, बीएसपी, वाईएसआर कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल, टीडीपी और जेडीएस शामिल हैं। (इनपुट-पीटीआई)

Recommended Video

    New Parliament Building: Shiv Sena ने LK Advani का जिक्र कर PM Modi से पूछा ये सवाल | वनइंडिया हिंदी

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+