लंबे इंतजार के बाद दूर हुई छगन भुजबल-महायुती की नाराजगी, येवला विधायक ने ली मंत्री पद की शपथ

Chhagan Bhujbal: एक लंबे इंतजार के बाद, छगन भुजबल की सियासी नाराजगी आखिरकार दूर होती नजर आ रही है। महाराष्ट्र की राजनीति में OBC समुदाय की मजबूत आवाज माने जाने वाले वरिष्ठ नेता छगन भुजबल को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है। भुजबल ने आज मंत्री पद की शपथ ले ली है।

शपथ ग्रहण समारोह मुंबई के राजभवन में आयोजित किया गया, जहां राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन ने उन्हें मंत्री पद की शपथ दिलाई। बीते दिसंबर 2024 में जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार हुआ था, तब भुजबल को जगह नहीं दी गई थी। इस फैसले से वे खुले तौर पर नाराज हो गए थे और उन्होंने सार्वजनिक मंचों से अपनी नाराजगी जताते हुए अजित पवार पर भी अप्रत्यक्ष निशाना साधा था।

Chhagan Bhujbal

अब जब धनंजय मुंडे ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, तो NCP (अजित पवार गुट) ने भुजबल को आगे लाकर सियासी समीकरण सुधारने की कोशिश की है। माना जा रहा है कि यह कदम न केवल भुजबल को संतुष्ट करने के लिए उठाया गया है, बल्कि OBC मतदाताओं को लुभाने की एक रणनीति भी है, खासकर तब जब राज्य में निकाय चुनाव नजदीक हैं।
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राजभवन में ली शपथ

राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एनसीपी नेता छगन भुजबळ ने महाराष्ट्र सरकार में मंत्री पद की शपथ ली। इस मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजीत पवार भी मौजूद रहे।

धनंजय मुंडे के इस्तीफे से खाली हुई थी सीट

छगन भुजबल को जो विभाग मिलेगा, वह पहले धनंजय मुंडे के पास था। मुंडे ने मार्च 2025 में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दिया था। हालांकि, बीड जिले में एक सरपंच की हत्या के मामले में उनके करीबी का नाम सामने आने के बाद उन पर इस्तीफे का दबाव भी बढ़ गया था।

फडणवीस और पवार के बीच बनी सहमति

सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शुरू से ही भुजबल को मंत्रिमंडल में लाने के पक्ष में थे। उन्होंने यह बात उपमुख्यमंत्री अजित पवार के सामने भी रखी थी। इसके बाद NCP नेताओं के बीच सहमति बनी और भुजबल के नाम पर मुहर लगी। बता दें, NCP के वरिष्ठ नेता और OBC के जानेमाने लीडर छगन भुजबल महायुति की पिछली सरकार में भी मंत्री थे।

राज्यसभा की बजाय मंत्री पद दिया गया

NCP के भीतर चर्चा थी कि छगन भुजबल को राज्यसभा भेजा जा सकता है, लेकिन पार्टी ने तय किया कि उन्हें मंत्री पद देना ज्यादा फायदेमंद रहेगा। इससे उत्तर महाराष्ट्र और मराठवाड़ा क्षेत्र में OBC मतदाताओं को साधा जा सकेगा।

पुरानी नाराजगी बनी चर्चा का विषय

दिसंबर 2024 में जब उन्हें मंत्री पद नहीं मिला था, तब भुजबल ने मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात कर नाराजगी जताई थी। उन्होंने दावा किया था कि फडणवीस उनके समर्थन में थे, लेकिन कुछ अंदरूनी कारणों से उन्हें शामिल नहीं किया गया। अब उन्हें मंत्री पद मिलने से पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी को थामने की कोशिश की गई है।

नासिक के येवला से विधायक हैं भुजबल

छगन भुजबल नासिक जिले की येवला सीट से विधायक हैं और लंबे समय से महाराष्ट्र की राजनीति में सक्रिय हैं। वे पूर्व में भी कई बार मंत्री रह चुके हैं। अब एक बार फिर उन्हें कैबिनेट में शामिल कर एनसीपी ने सियासी संतुलन साधने की कोशिश की है।
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