Mumbai Weather: भारी बारिश से मुंबई में हाहाकार-कई इलाके डूबे! हाईटाईड की चेतावनी? 3 जुलाई को कहां-कहां आफत?
Mumbai Weather: रात से लगातार हो रही भारी बारिश ने मुंबई और आसपास के इलाकों में हाहाकार मचा दिया है। निचले इलाकों में जलभराव, सड़कें नदियों में बदल गईं, पेड़ गिरे और यातायात ठप हो गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों में बहुत भारी बारिश की आशंका है।
3 जुलाई को उच्च ज्वार (High Tide) आने की चेतावनी भी जारी की गई है, जो जलभराव को और बढ़ा सकता है। BMC ने नागरिकों से अपील की है कि जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। आइए विस्तार से जानते हैं कि मुंबई के कौन-कौन से इलाको में खतरे की घंटी...

Mumbai IMD Alert: रेड और ऑरेंज की चेतावनी
IMD ने मुंबई सहित आसपास के जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में 200 मिमी तक बारिश हो सकती है। अगले 72 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
कहां-कहां अलर्ट जारी?

- रेड अलर्ट: मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़।
- ऑरेंज अलर्ट: विदर्भ के कई जिले (नागपुर, चंद्रपुर आदि)।
- कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी भारी बारिश संभव।
रायगढ़ और पालघर में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। पनवेल में भी छुट्टी।
Mumbai Rain Alert: कहां-कहां सबसे ज्यादा बारिश? लाइव आंकड़े

पिछले 24 घंटों में कई जगहों पर जबरदस्त बारिश दर्ज की गई:
- सांताक्रूज: 165.9 मिमी
- जुहू हवाई अड्डा: 164.5 मिमी
- राम मंदिर स्टेशन: 157 मिमी
- बांद्रा: 141.5 मिमी
- विद्याविहार: 132 मिमी
मुंबई शहर में औसतन 134 मिमी, पूर्वी उपनगरों में 164 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में 149 मिमी बारिश हुई। ठाणे में 158 मिमी, अंबरनाथ में 157 मिमी दर्ज हुई।
Mumbai Waterlogging Alert: कहां-कहां जलभराव और यातायात पर असर?

- अंधेरी, सांताक्रूज, खार, बांद्रा, पवई, कुरला: सबसे ज्यादा प्रभावित।
- वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे: भारी जाम।
- अंधेरी सबवे और निचले इलाके: पानी भर गया।
- लोकल ट्रेनें धीमी गति से चल रही हैं।
- 135 जगहों पर पेड़ गिरे।
BMC और फायर ब्रिगेड की टीमें सक्रिय हैं।
उच्च ज्वार की चेतावनी: 3 जुलाई को आफत?
BMC के अनुसार, 3 जुलाई को उच्च ज्वार आने की संभावना है। भारी बारिश और उच्च ज्वार का कॉम्बिनेशन निचले इलाकों में जलभराव बढ़ा सकता है। बुधवार (1 जुलाई) दोपहर 1:45 बजे और गुरुवार (2 जुलाई) सुबह 1:31 बजे उच्च ज्वार। तेज हवाएं (50-60 किमी/घंटा) भी चलने की आशंका है।
जलाशयों में तूफान?
- अपर वैतरणा का जलस्तर 594.76 मीटर है, जो लोअर ड्रॉडाउन लेवल (LDL) से नीचे है। इसलिए इसका उपयोगी जल भंडारण शून्य माना गया है।
- मोडक सागर में 28,814 ML पानी है, जो इसकी क्षमता का 22.35% है।
- तानसा में 5,216 ML (3.60%) पानी उपलब्ध है।
- मिडिल वैतरणा में 23,950 ML (12.38%) जल भंडारण दर्ज किया गया।
- भातसा में 40,983 ML (5.72%) पानी उपलब्ध है।
- विहार झील सबसे बेहतर स्थिति में है, जहां 15,837 ML यानी 57.18% (सबसे बेहतर) उपयोगी जल भंडारण दर्ज किया गया।
- तुलसी झील में 2,733 ML (33.96%) पानी उपलब्ध है।
बारिश जारी रही तो जल संकट कम हो सकता है, लेकिन बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
कहां-कितनों की मौत?
- चेंबूर: 70 साल पुराना पेड़ गिरने से 11 वर्षीय बच्चे की मौत।
- वालकेश्वर और कामोठे: स्लैब गिरने से दो मौतें।
- भूस्खलन: दो मौतें।
- कई जगहों पर दीवारें और छतें ढहीं।
क्यों हर साल यही समस्या?
मुंबई की पुरानी ड्रेनेज सिस्टम, अतिक्रमण, कचरा जमा होना, वेटलैंड्स का नुकसान और जलवायु परिवर्तन मुख्य कारण हैं। 26 जुलाई 2005 की आपदा अभी याद है। BMC ने सुधार के दावे किए हैं, लेकिन नतीजे अभी कम दिखते हैं।
मुंबई फिर मानसून की मार झेल रहा है। रेड अलर्ट और उच्च ज्वार की चेतावनी गंभीर है। BMC, पुलिस और नागरिकों को मिलकर चुनौती का सामना करना होगा।













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