Ram Mandir Chanda Chori: 8 गिरफ्तार आरोपियों के घरों पर बुलडोजर की तैयारी, किसके पास से कितना कैश-सोना बरामद?
Ram Mandir Chanda Chori: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला अब बड़े विवाद में बदल गया है। 25 जून को दर्ज FIR के बाद SIT ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया। अब खबरें आ रही हैं कि आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी शुरू हो गई है। पुलिस ने राम मंदिर परिसर और योग केंद्र में छापेमारी कर नकद, सोना, चांदी और विदेशी मुद्रा बरामद की।
ट्रस्ट के सदस्यों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। महंत दिनेंद्र दास (Mahant Dinendra Das) ने गोपाल राव पर गंभीर आरोप लगाए। वहीं, 500 से ज्यादा वकील सड़क पर उतर आए और चंपत राय, अनिल मिश्रा व गोपाल राव के खिलाफ FIR की मांग कर रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि किस आरोपी के पास से कितनी रकम बरामद हुई?

Ram Mandir Donation Scam: मामला क्या है? चढ़ावा चोरी की शुरुआत
राम मंदिर में लाखों भक्त चढ़ावा चढ़ाते हैं। इसमें नकद, सोना-चांदी, विदेशी मुद्रा शामिल है। 7 जून को अखिलेश यादव ने हेराफेरी का आरोप लगाया। UP सरकार की SIT ने 23 जून को रिपोर्ट दी। 25 जून को FIR दर्ज हुई। कौन-कौन 8 गिरफ्तार हुए?
आरोपी (8 गिरफ्तार):
- अविनाश शुक्ला
- करुणेश पांडे
- अनुकल्प मिश्रा
- लवकुश मिश्रा
- रमाशंकर मिश्रा
- राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू
- और दो अन्य
ये लोग चढ़ावा गिनने और मैनेजमेंट से जुड़े थे। SIT का आरोप है कि उन्होंने बड़े पैमाने पर हेराफेरी की।
Ram Mandir Donation Scam Recovery: छापेमारी में किसके पास से कितनी बरामदगी?
पुलिस और SIT की छापेमारी में अब तक:-

- अविनाश शुक्ला: 20.39 लाख रुपये नकद
- करुणेश पांडे: 18.07 लाख रुपये
- अनुकल्प मिश्रा: 16.82 लाख रुपये
- लवकुश मिश्रा: 14.25 लाख रुपये
- रमाशंकर मिश्रा: 7.32 लाख रुपये
- राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू: 1 लाख रुपये
कुल नकद: लगभग 80 लाख रुपये (विभिन्न स्रोतों से)।
अन्य बरामदगी:
- करीब 11 ग्राम सोना
- 375 ग्राम चांदी
- 1,121 अमेरिकी डॉलर
- QR कोड वाला दान पात्र (योग केंद्र से)
लवकुश मिश्रा के घर सूखे चारे के ढेर में भी तलाशी ली गई। अविनाश शुक्ला 10 साल से एक योग केंद्र में रह रहा था। वहां से भी सामान बरामद हुआ।
Bulldozer Action की तैयारी?
अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने आरोपियों के घरों की पहचान कर ली है। जिनका नक्शा पास नहीं है या नियमों का उल्लंघन हुआ है, उन पर बुलडोजर चल सकता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की तैयारी है। यह UP में अवैध निर्माणों के खिलाफ चले अभियान की तर्ज पर होगा।
ट्रस्ट के अंदर घमासान: महंत दिनेंद्र दास का बयान
ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने गोपाल राव पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूरी गलती गोपाल राव की है। वे राजनीति कर रहे हैं। राम की परंपरा नहीं मानते। गोपाल राव मूल रूप से कर्नाटक के हैं। वे राम मंदिर निर्माण प्रभारी और ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य थे। ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की पेशकश की।
सुरक्षा एजेंसी का बचाव: चढ़ावे में हेराफेरी से हमारा लेना-देना नहीं
- प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी ने, जिसके कर्मचारियों को राम मंदिर दान मैनेजमेंट से जुड़ी कैश-हैंडलिंग यूनिट में तैनात किया गया था, चढ़ावे में कथित हेराफेरी में किसी भी भूमिका से इनकार किया है। एजेंसी का कहना है कि उसने स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) के कहने पर बैंक के लिए कर्मचारियों की भर्ती की थी। यह सफाई अयोध्या में राम मंदिर में दान में कथित हेराफेरी की चल रही जांच के बीच आई है, जिसमें स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में से छह इसी एजेंसी के कर्मचारी हैं।
- सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज के डायरेक्टर गौरव सिंह ने बताया कि कंपनी ने 22 कर्मचारियों की भर्ती की थी और उन्हें हाउसकीपिंग के काम के लिए SBI की अयोध्या ब्रांच में भेजा था, और उसके बाद उनकी ड्यूटी तय करने में कंपनी की कोई भूमिका नहीं थी। सिंह ने बताया कि राम मंदिर में दान की कथित चोरी से हमारी कंपनी का कोई लेना-देना नहीं है। हमने 22 लोगों की भर्ती की और उन्हें अयोध्या में SBI ब्रांच में हाउसकीपिंग के काम के लिए भेजा। उसके बाद बैंक ने उन्हें क्या काम सौंपा, इसकी हमें जानकारी नहीं है।
- उन्होंने दावा किया कि सभी 22 कर्मचारियों की भर्ती SBI की अयोध्या ब्रांच के चीफ मैनेजर के निर्देशों पर की गई थी। सिंह ने कहा, SBI की अयोध्या ब्रांच के चीफ मैनेजर ने हमें इन 22 लोगों के नामों और बायोडाटा की लिस्ट भेजी थी। वे सभी पहले किसी दूसरी एजेंसी के साथ काम कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि उनकी कंपनी मंदिरों के लिए कॉन्ट्रैक्ट नहीं लेती है और उसने केवल SBI ब्रांच को मैनपावर उपलब्ध कराया था। उन्होंने कहा, "हमें केवल अयोध्या में SBI ब्रांच को हाउसकीपिंग स्टाफ उपलब्ध कराने के लिए काम पर रखा गया था। इन कर्मचारियों ने आखिरकार क्या काम किया और क्यों किया, यह बैंक को बताना है।
500 वकीलों का प्रदर्शन: चंपत राय-अनिल मिश्रा पर FIR की मांग
2 जुलाई को करीब 11:45 बजे 500 से ज्यादा वकील सड़क पर उतरे। चंपत राय(Champat Rai), अनिल मिश्रा और गोपाल राव पर FIR की मांग की। सिविल लाइन चौकी में शिकायत दी गई। वकीलों का कहना है कि मंदिर की पवित्रता प्रभावित हुई है।













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