हाई कोर्ट में झुका खान सर का ग्रुप! अंजना ओम कश्यप पर टिप्पणी वाले मामले में आया बड़ा अपडेट

Anjana Om Kashyap vs Khan Sir Defamation Case: वरिष्ठ पत्रकार अंजना ओम कश्यप और मशहूर शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर के बीच चल रहे मानहानि विवाद में गुरुवार, 2 जुलाई को बड़ा अपडेट सामने आया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को लंबी कानूनी लड़ाई के बजाय बातचीत के जरिए विवाद खत्म करने की सलाह दी है। कोर्ट ने मामले को मेडिएशन के लिए भेज दिया है।

अंजना ओम कश्यप और खान सर मानहानी केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों की आलोचना हो सकती है, लेकिन भाषा की एक सीमा होनी चाहिए। अदालत ने पत्रकार के बच्चों से जुड़ी निजी जानकारी सार्वजनिक किए जाने पर भी चिंता जताई और कहा कि ऐसे मामलों में परिवार को विवाद का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। अब दोनों पक्ष सीनियर मेडिएटर की मौजूदगी में समाधान तलाशने की कोशिश करेंगे। इस मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई 2026 को होगी।

Anjana Om Kashyap vs Khan Sir Defamation Case

क्या है पूरा मामला?

यह मामला पत्रकार अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड की ओर से दायर मानहानि के मुकदमे से जुड़ा है। दोनों ने खान सर और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ अदालत का रुख किया है। आरोप है कि ऑनलाइन प्रसारण के दौरान अंजना ओम कश्यप और समाचार चैनल के लिए "बिकाऊ पत्रकार", "दलाली" और "फेक न्यूज की दुकान" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया। यह पूरा विवाद उन खबरों के बाद शुरू हुआ, जिनमें तथाकथित "स्टार टीचर्स" को लेकर रिपोर्टिंग की गई थी।

Anjana Om Kashyap vs Khan Sir Defamation Case

उस दौरान अंजना ओम कश्यप के यूट्यूब टीचर्स को "दो कौड़ी" का बोलने को लेकर नाराजगी देखने को मिली थी। जिसका जबाव देते हुए खान सर सहित अन्य कई शिक्षकों ने पत्रकार की आलोचना करते हुए उनके खिलाफ कई तरह के बयान दिए थे। इन्हीं बयानों को आधार बनाकर अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क ने अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर किया, जिसमें आपत्तिजनक सामग्री हटाने और 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की गई है।

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कोर्ट ने पहले सुलह की सलाह दी

जस्टिस तुषार राव गेडेला की अदालत में सुनवाई शुरू होते ही अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क की ओर से वरिष्ठ वकील ऋषिकेश बरुआ ने कहा कि विवादित टिप्पणियां पूरी तरह मानहानिकारक हैं और उन पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। हालांकि कोर्ट ने दोनों पक्षों से पूछा कि जब बातचीत से मामला सुलझ सकता है तो समझौते की कोशिश क्यों नहीं की जा रही। वादी पक्ष ने कहा कि फिलहाल समझौते की संभावना नहीं है। इस पर अदालत ने कहा कि किसी सार्वजनिक व्यक्ति की आलोचना करना गलत नहीं है, लेकिन इस्तेमाल की गई भाषा शालीन होनी चाहिए।

Anjana Om Kashyap vs Khan Sir Defamation Case

सुनवाई के दौरान वादी पक्ष ने अदालत को बताया कि एक प्रतिवादी ने अंजना ओम कश्यप के बच्चों के स्कूल का नाम सार्वजनिक कर दिया। उनका कहना था कि इसके बाद परिवार को जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं। इस पर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई। अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि किसी भी विवाद में बच्चों को शामिल करना बिल्कुल उचित नहीं है और उनकी निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं होनी चाहिए।

खान सर की ओर से क्या दलील दी गई?

खान सर की ओर से पेश वकील मुरारी तिवारी ने अदालत को भरोसा दिलाया कि बच्चों से जुड़ी जानकारी वाले हिस्से को हटा दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वादी पक्ष को भी विवाद को और आगे नहीं बढ़ाना चाहिए।

कोर्ट ने कहा कि शिक्षक और मीडिया से जुड़े लोगों को इस तरह के विवादों को सार्वजनिक बहस का हिस्सा बनाने से बचना चाहिए। अदालत ने दोनों पक्षों से आपत्तिजनक शब्द हटाने पर भी विचार करने को कहा है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 9 जुलाई को होनी है।

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आपत्तिजनक शब्दों की सूची बनाने का निर्देश

हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों के वकीलों को साथ बैठकर उन सभी शब्दों और बयानों की पहचान करने का निर्देश दिया जिन्हें लेकर विवाद है। अदालत का मानना है कि इससे असली मुद्दों को सीमित करने और समाधान तक पहुंचने में आसानी होगी। सुनवाई के दौरान अदालत ने वाद खारिज करने की मांग वाली एक अर्जी पर भी नोटिस जारी किया। सुनवाई के दौरान एक प्रतिवादी की ओर से मेडिएटर नियुक्त करने का सुझाव दिया गया। इसके बाद अदालत ने कहा कि दोनों पक्ष बातचीत के जरिए समाधान तलाशने के लिए तैयार दिखाई दे रहे हैं।

हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि मामले को आज शाम 4 बजे मेडिएशन के लिए भेजा जाए और एक वरिष्ठ मेडिएटर नियुक्त किया जाए। अब 9 जुलाई 2026 को अदालत यह देखेगी कि बातचीत से कोई सहमति बन पाई या नहीं।

17 जून को अंतरिम राहत देने से किया था इनकार

इससे पहले 17 जून 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट ने अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क की ओर से मांगी गई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। उस समय अदालत ने कहा था कि कुछ प्रतिवादियों ने अभी तक अपना जवाब दाखिल नहीं किया है, इसलिए तत्काल कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता।

इस मानहानि मामले में अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क ने खान सर के अलावा शिक्षक अभिनव शर्मा, बबीता त्यागी, अरविंद भदौरिया, मनीष यादव और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के यूजर SamKhasa तथा Abhimanyu1305 को भी प्रतिवादी बनाया है। वादियों ने अदालत से कथित मानहानिकारक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट हटाने की मांग की है। इसके साथ ही 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की भी मांग की गई है।

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