जबरन वसूली मामले में मुंबई पुलिस को मिली सचिन वाजे की हिरासत, कोर्ट ने दी इजाजत
मुंबई, 29 अक्टूबर। मुंबई पुलिस को शुक्रवार को जबरन वसूली के एक मामले में पूछताछ के लिए बर्खास्त किए गए पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को मुंबई की एक विशेष अदालत ने हिरासत में लेने की अनुमति दे दी है। इससे पहले मुंबई पुलिस ने व्यवसायी बिमल अग्रवाल द्वारा गोरेगांव पुलिस स्टेशन में उनके और मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह के खिलाफ दर्ज रंगदारी के मामले की जांच के लिए सचिन वाजे की हिरासत की मांग के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

गोरेगांव पुलिस थाने में दर्ज जबरन वसूली के मामले की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच ने अपराध की 'आवश्यक जांच' के लिए विशेष अदालत से वाजे की हिरासत की मांग की थी। इस मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह भी आरोपी हैं। बता दें कि हाल ही में वाजे ने बाईपास सर्जरी कराई थी जिसे ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने जेल अधिकारियों से उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में एक रिपोर्ट मांगी थी। स्पेशल जज एटी वानखेड़े ने पाया कि सचिन वाजे कुछ दिनों की यात्रा करने के लिए पूरी तरह फिट हैं। हेल्थ रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने जेल प्रशासन को 1 नवंबर को उनकी हिरासत मुंबई पुलिस को सौंपने का निर्देश दिया है।
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बता दें कि सचिन वाजे को इस साल मार्च में एंटीलिया बम मामले में गिरफ्तार किया गया था, जहां उद्योगपति मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित आवास के पास विस्फोटकों वाली एक एसयूवी मिली थी। सचिन वाजे फिलहाल नवी मुंबई की तलोजा जेल में बंद है। 49 वर्षीय सहायक पुलिस निरीक्षक वाजे को एनिटिलिया बम से डराने के मामले में गिरफ्तारी और ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरन की हत्या के बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। पुलिस की नौकरी से बर्खास्त हो चुके सचिन वाजे ने मशहूर उद्योगपति मुकेश अंबानी से बड़ी उगाही की योजना बना रखी थी। यह जानकारी मुंबई में अंबानी के घर के बाहर विस्फोटकों से लदे वाहन रखे जाने के मामले में दर्ज चार्जशीट में एनआईए ने दी है।












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