एंटीलिया केस: सर्जरी के बाद 'हाउस कस्टडी' में रहना चाहता था वाजे, कोर्ट ने नहीं दी मंजूरी
नई दिल्ली, 29 सितंबर: एंटीलिया बम केस में बुधवार को एनआईए की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने मुख्य आरोपी पूर्व पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वाजे को नजरबंद की इजाजत देने से इनकार कर दिया। वाजे ने 13 सितंबर को एक निजी अस्पताल में ओपन हार्ट सर्जरी के बाद तीन महीने के लिए घर में ही हिरासत में रखने (हाउस अरेस्ट) की मांग की थी। उसकी इस मांग का एनआईए ने विरोध किया था।

एनआईए के मुताबिक वाजे को हाउस अरेस्ट की इजाजत देना उचित नहीं रहेगा। उन्हें तब तक सरकारी सरकारी अस्पताल में रखा जा सकता है, जब तक कि वह फिट नहीं हो जाते। इस मामले में विशेष न्यायाधीश एटी वानखेड़े ने निजी अस्पताल को 29 सितंबर तक वाजे को डिस्चार्ज नहीं करने का आदेश दिया था। अब कोर्ट के नए फैसले के मुताबिक आरोपी को जेल अस्पताल में रखा जाएगा। वहां पर उन्हें घर का खाना खाने की अनुमति रहेगी। कोर्ट ने ये भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो वाजे को जेजे अस्पताल ले जाया जा सकता है।
वहीं वाजे के वकील रौनक नाइक ने जेल की खराब स्थितियों पर प्रकाश डाला। साथ ही कहा कि वाजे पर गंभीर आरोप लगे हैं, लेकिन उनके खराब स्वास्थ्य को देखते हुए कोर्ट को मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। वकील ने स्टेन स्वामी का भी उदाहरण दिया, जो भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में जेल में बंद थे। वहीं पर खराब स्वास्थ्य की वजह से उनकी मौत हो गई। आरोप है कि उन्होंने जेल प्रशासन और एनआईए से कुछ मूलभूत चीजें मांगी थी, लेकिन उन्हें नहीं प्रदान की गई।
वाजे की याचिका पर एनआईए ने कहा कि हाउस कस्टडी मांगना अंतरिम जमानत मांगने के समान है। विशेष लोक अभियोजक सुनील गोंजाल्विस ने तर्क दिया कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि जिस आरोपी पर गंभीर अपराधों का आरोप है, वो फरार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि घर में उनके परिवार और निजी सामान तक उनकी पहुंच होगी। ऐसे में कुछ भी हो सकता है। इस पर कोर्ट ने वाजे की मांग को खारिज कर दिया।












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