Mumbai News: मुंबई में बन रही देश की पहली शहरी टनल, ऑरेंज गेट से मरीन ड्राइव तक का सफर मिनटों में होगा तय
Mumbai underground tunnel: मुंबई में ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी बेहतर बनाने और यातायात कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) की ऑरेंज गेट-मरीन ड्राइव शहरी सुरंग प्रोजेक्ट का श्री गणेश हो चुका है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को ऑरेंज गेट से मरीन ड्राइव' तक प्रस्तावित अंडग्राउंड सड़क कॉरिडोर टनल बोरिंग मशीन (TBM) लॉन्च की।
लगभग 8,056 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह 7 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड टनल साउथमुंबई के लिए गेमचेंजर साबित होगाी। मुंबई में ट्रैफिक की बड़ी समस्या का समाधान करेगी। यह ऑरेंज गेट से मरीन ड्राइव तक के सफर को केवल 15-20 मिनट में पूरा कर, सफर को आसान बनाएगी

सीएम ने इस अर्बन सुरंग को बताया इंजीनियरिंग का चमत्कार
महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इसे 'इंजीनियरिंग चमत्कार' बताया। उन्होंने इसका शुभारंभ करते हुए बताया कि यह भारत की पहली इतनी जटिल शहरी सुरंग है, जो साउथ मुंबई के घनी आबादी वाले क्षेत्रों के नीचे से गुजरेगी। कुल 9.239 किलोमीटर के इस कॉरिडोर में लगभग 6.51 किलोमीटर का ट्विन-ट्यूब अंडरग्राउंड सुरंग खंड है।
कब तक बन कर तैयार हो जाएगा ये टनल कॉरिडोर?
यह परियोजना लगभग 54 महीनों में (दिसंबर 2028 तक) पूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद ईस्टर्न फ्रीवे और मरीन ड्राइव के बीच यात्रा का समय 15 से 20 मिनट कम हो जाएगा, जिससे यातायात में बड़ी राहत मिलेगी। यह सुरंग एमटीएचएल और तटीय सड़क जैसे अन्य मेगा-प्रोजेक्टों से भी जुड़ेगी, जिससे नवी मुंबई हवाई अड्डे से पश्चिमी उपनगरों तक एक एकीकृत परिवहन नेटवर्क बनेगा।
इस प्रोजेक्ट के लिए सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
यह सुरंग 52 मीटर तक गहरी होगी, जो प्रमुख परिवहन लाइनों के नीचे से गुजरेगी। इसमें सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे पटरियों के साथ-साथ, मुंबई मेट्रो लाइन 3 (एक्वा लाइन) के मौजूदा अंडग्राउंड मार्ग से 50 मीटर नीचे से गुजरना भी शामिल है, जो एक बड़ी चुनौती है।
मुंबई के 700 से अधिक स्ट्रकचर के नीचे से गुजरेगी
यह सुरंग डोंगरी और खेतवाड़ी जैसे क्षेत्रों में 700 से अधिक स्ट्रकचर, जिनमें कई ऐतिहासिक संपत्तियाँ भी शामिल हैं, के नीचे से गुजरेगी। दोहरी सुरंग डिजाइन सुरक्षा और क्षमता को प्राथमिकता देता है। प्रत्येक ट्यूब में 3.2 मीटर चौड़ी दो मुख्य ट्रैफिक लेन और 2.5 मीटर की एक इमरजेंसी लेन होगी।
कौन-कौन सी सावधानियां बरती जाएंगी?
सुरंग में अधिकतम गति सीमा 80 किमी/घंटा है। सुरक्षा के लिए, दोनों सुरंगों को जोड़ने वाले क्रॉस पैसेज हर 300 मीटर पर बनाए जाएँगे, जिससे तुरंत एग्जिट या इमरजेंसी प्रतिक्रिया मिल सके। यह अत्याधुनिक प्रणाली अग्नि प्रतिरोधी सुविधा, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, वेंटिलेशन और सुचारू यातायात प्रबंधन के लिए इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आईटीएस) से लैस होगी।












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