Mumbai Monorail: 20 सितंबर से बंद हो रही मुंंबई मोनोरेल, हजारों यात्रियों के लिए क्या है प्लान?
Mumbai Monorail: मुंबई में मोनोरेल से हर दिन लाखों यात्री सफर करते हैं, उनके लिए बड़ी खबर सामने आई है। 20 सितंबर 2025 से अस्थायी तौर पर मुंबई मोनोरेल सर्विस बंद की जा रही है। मुंबई मोनोरेल को आधुनिक और अधिक सक्षम बनाने के लिए मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने मुंबई मोनोरेल निलंबित करने का ऐलान किया है।
इस अवधि में नई ट्रेनें (रेक्स) लाई जाएंगी, उन्नत कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (CBTC) सिग्नलिंग सिस्टम स्थापित किया जाएगा, और मौजूदा ट्रेनों का नवीनीकरण किया जाएगा, ताकि यात्रियों को भविष्य में अधिक सुरक्षित, सुचारु और विश्वसनीय सेवा मिल सके।

क्यों बंद की जा रही मोनोरेल?
MMRDA के प्रमुख संजय मुखर्जी ने स्वीकार किया कि मोनोरेल में यात्रियों की क्षमता सीमित है, और ओवरलोडिंग के कारण कुछ दिन पहले एक रेल रुक गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए, सेवा को अस्थायी रूप से निलंबित कर पूरे सिस्टम की समीक्षा की जाएगी। मुखर्जी ने यह भी बताया कि वर्तमान में चार मोनोरेल संचालित होती हैं, जिनमें एक बार में केवल 20 से 22 लोग ही चढ़ सकते हैं, जिससे नुकसान हो रहा है।
क्या है प्लॉन?
MMRDA के प्रमुख संजय मुखर्जी ने बताया अब नई और बेहतर ट्रेनें मोनोरेल परियोजना में शामिल की जाएंगी।इस अत्याधुनिक प्रणाली से सुरक्षा में वृद्धि होगी। हैदराबाद में स्वदेशी तकनीक से विकसित CBTC प्रणाली को पहली बार मुंबई मोनोरेल में स्थापित किया जा रहा है।
क्या-क्या होंगी सुविधाएं?
इसके तहत 32 स्थानों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, 260 वाई-फाई एक्सेस पॉइंट, 500 RFID टैग और 90 ट्रेन डिटेक्शन सिस्टम लगाए जा चुके हैं। वेसाइड सिग्नलिंग का काम पूरा हो चुका है और एकीकृत परीक्षण जारी है। यह प्रणाली ट्रेन अंतराल को कम करेगी और सेवा की विश्वसनीयता को बढ़ाएगी।
मोनोरेल को रोकना क्यों हो गया है जरूरी?
"मेक इन इंडिया" पहल के तहत 10 नए रेक्स खरीदे गए हैं। इनमें से 8 रेक्स पहले ही वितरित हो चुके हैं, नौवां निरीक्षण प्रक्रिया में है, और दसवां अंतिम असेंबली चरण में है। वर्तमान में, मोनोरेल सुबह 6:15 बजे से रात 11:30 बजे तक चलती है, जिससे स्थापना और परीक्षण के लिए केवल 3.5 घंटे का समय ही मिल पाता है। इस सीमित समय के कारण कार्य धीमी गति से होता है।
सेवा स्थगित होने से स्थापना, परीक्षण और पुराने रेक्स का ओवरहॉल बिना किसी बाधा के किया जा सकेगा। इससे तकनीकी खामियों को भी दूर किया जाएगा। साथ ही, आगामी मेट्रो परियोजनाओं के लिए मानव संसाधनों को प्रशिक्षित और पुनर्नियोजित करना भी संभव होगा। हाल के हफ्तों में तकनीकी समस्याओं के कारण सेवा प्रभावित हुई थी, और इन समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
कब तक बंद रहेंगी मोनोरेल?
उपमुख्यमंत्री और MMRDA अध्यक्ष एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह ब्लॉक मुंबई के परिवहन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण चरण है। चेंबूर से संत गाडगे महाराज चौक तक की मोनोरेल सेवा अगले आदेश तक बंद रहेगी, और नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी यात्रा योजना उसी के अनुसार बनाएं। MMRDA ने स्पष्ट किया कि यह स्थगन विश्राम के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की ओर बढ़ने का एक ठोस प्रयास है।
शिंदे ने कहा कि नए रेक्स, उन्नत सिग्नलिंग और मौजूदा रेक्स के नवीनीकरण से नागरिकों को सुरक्षित और भरोसेमंद सेवा मिलेगी। महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी ने इस स्थगन को मोनोरेल को नई ऊर्जा देने की एक सावधानीपूर्वक योजना बताया। उन्होंने नागरिकों से धैर्य रखने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि जब मोनोरेल फिर से शुरू होगी, तो वह पहले से अधिक सक्षम, सुरक्षित और विश्वसनीय होगी।












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