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Mumbai Local Train: मुंबई लोकल ट्रेन के ऑटोमेटिक गेट केवल स्‍टेशनों में खुलेंगे, यात्रियों की बढ़ेगी सुरक्षा

Mumbai Local Train: मुंबई लोकल ट्रेन नेटवर्क में 2024-25 के दौरान अप्राकृतिक मौतों की घटनाओं में कमी आई है। जिसका श्रेय एसी मुंबई लोकल ट्रेन को जाता है। मुंबई में ऑटामैटिक गेट वाली AC लोकल ट्रेनों की शुरुआत से यात्रियों की सुरक्षा बढ़ी है और भीड़भाड़ से संबंधित घटनाएं कम हुई हैं। ये दरवाजे यात्रियों को फुटबोर्ड पर लटकने या चलती ट्रेनों में चढ़ने से रोकते हैं, जो घातक दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण है।

ट्रेन के चलने के दौरान ये दरवाजे बंद रहते हैं और ट्रेन के रुकने पर ही स्टेशनों पर खुलते हैं, जिससे गिरने का जोखिम काफी कम हो जाता है। आने वाले दिनों में जल्‍द ही मुंबई की नार्मल लोकल ट्रेनों में भी ऑटोमैटिक डोर नजर आएंगे, जिससे ट्रेन से गिर कर होने वाली दुर्घटनाओं पर पूर्ण तरीके से नियंत्रण हो जाएगा। रेलवे मंंत्रालय इस पर तेजी से काम कर रहा है रेलवे अधिकारियों ने बताया सामान्‍य लोकल ट्रेनों के गेट स्‍टेशन पर ही खुलेंगे, जिससे यात्री पूर्ण रूप से सुरक्षित रहेंगे।

Mumbai Local Train

गौरतलब है कि सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) से मिली जानकारी के अनुसार, ब्लॉक सेक्शन में अप्राकृतिक मौतों के मामलों की संख्या 2022 में 1764, 2023 में 1880 और 2024 में 1692 दर्ज की गई। इसी तरह, स्टेशनों पर अप्राकृतिक मौतों के मामले 2022 में 662, 2023 में 656 और 2024 में 781 रहे। इन आंकड़ों में ट्रेन से गिरने, अनधिकृत रूप से ट्रैक पार करने (अतिक्रमण) और पोल से टकराने जैसे विभिन्न कारण शामिल हैं।

अब तक, इस योजना के तहत 132 महाराष्ट्र सहित कुल 1337 स्टेशनों की पहचान विकास के लिए की गई है। भारतीय रेलवे में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। वर्षों से उठाए गए विभिन्न सुरक्षा उपायों के चलते दुर्घटनाओं की संख्या में तेजी से कमी आई है।

ट्रेन संचालन में सुरक्षा में सुधार दिखाने वाला एक और महत्वपूर्ण सूचकांक प्रति मिलियन ट्रेन किलोमीटर (APMTKM) दुर्घटनाएं हैं, जो 2014-15 में 0.11 से घटकर 2024-25 में 0.03 हो गई हैं, जो लगभग 73% का सुधार का प्रमाण है।

मुंबई लोकल रेलवे सर्विस में बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए कई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई

  • इनमें CSMT-कुर्ला 5वीं और 6वीं लाइन (MUTP-II) 17.5 किमी, मुंबई सेंट्रल-बोरीवली 6वीं लाइन (MUTP-II) 30 किमी, गोरेगांव-बोरीवली हार्बर लाइन विस्तार (MUTP-IIIA) 7 किमी, बोरीवली-विरार 5वीं और 6वीं लाइन (MUTP-IIIA) 26 किमी और विरार-दहानु रोड 3री और 4थी लाइन (MUTP-III) 64 किमी शामिल हैं।
  • अन्य प्रमुख परियोजनाओं में पनवेल-कर्जत लोकल ट्रेन कॉरिडोर (MUTP-III) 29.6 किमी, ऐरोली-कलवा (एलिवेटेड) उपनगरीय गलियारा लिंक (MUTP-III) 3.3 किमी, कल्याण-आसनगांव 4थी लाइन (MUTP-IIIA) 32 किमी, कल्याण-बदलापुर 3री और 4थी लाइन (MUTP-IIIA) 14 किमी और कल्याण-कसारा 3री लाइन 67 किमी शामिल हैं।
  • नागांव-जुईचंद्र डबल कॉर्ड लाइन 6 किमी और निलाजे-कोपर डबल कॉर्ड लाइन 5 किमी की परियोजनाएं भी स्वीकृत की गई हैं। रेल मंत्रालय ने अमृत भारत स्टेशन योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य स्टेशनों का निरंतर विकास करना है।
  • इसमें मास्टर प्लान तैयार करना और चरणों में उनका क्रियान्वयन शामिल है, ताकि स्टेशन पहुंच, प्रतीक्षा हॉल, शौचालय, लिफ्ट/एस्केलेटर, प्लेटफॉर्म सतह और कवर, स्वच्छता, मुफ्त वाई-फाई जैसी सुविधाओं में सुधार हो सके।
  • यह योजना 'वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों के लिए कियोस्क, बेहतर यात्री सूचना प्रणाली, कार्यकारी लाउंज और व्यावसायिक बैठकों के लिए नामित स्थान जैसे विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित है।
  • इसके अलावा, योजना में भवन में सुधार, स्टेशन को शहर के दोनों ओर से जोड़ना, मल्टीमॉडल एकीकरण, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं और पर्यावरण-अनुकूल समाधान शामिल हैं। दीर्घावधि में स्टेशन को शहर के केंद्र के रूप में विकसित करने की भी परिकल्पना की गई है।

इंडियन रेलवे का सुरक्षा संबंधी उपायों में बढ़ा खर्च

भारतीय रेलवे में सुरक्षा संबंधी गतिविधियों पर खर्च बढ़ा है। 2013-14 में 39,463 करोड़ रुपये का खर्च 2024-25 के संशोधित अनुमान में 1,14,022 करोड़ रुपये और 2025-26 के बजट अनुमान में 1,16,470 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह वृद्धि स्थायी मार्ग के रखरखाव, रोलिंग स्टॉक, मशीनों, सड़क सुरक्षा, ट्रैक नवीनीकरण, पुलों, सिग्नल और दूरसंचार कार्यों और कार्यशालाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में दिखाई देती है।

जून 2025 तक, भारतीय रेलवे ने ट्रेन संचालन और यात्री सुरक्षा में सुधार के लिए सुरक्षा और आधुनिकीकरण उपाय लागू किए हैं। 6,600 से अधिक स्टेशनों को इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम से लैस किया गया है, जो मानव त्रुटि के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को कम करता है।

इसके अतिरिक्त, 11,096 लेवल क्रॉसिंग गेट्स इंटरलॉक किए गए हैं, जबकि 6,640 स्टेशनों पर ट्रैक सर्किटिग लागू की गई है ताकि ट्रैक की स्थिति की इलेक्ट्रॉनिक रूप से निगरानी की जा सके। उन्नत "कवच" स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली, जिसे 2020 में राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया गया था, को लगातार तैनात किया जा रहा है।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए की जा चुकी हैं ये पहल

मुंबई उपनगरीय रेलवे नेटवर्क में यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। यह जानकारी केंद्रीय रेल, सूचना और प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में एक अतारांकित प्रश्न के उत्तर में दी।

  • रेलवे सोशल मीडिया, डिजिटल और प्रिंट मीडिया का उपयोग करके विभिन्न जागरूकता और संवेदीकरण अभियान चलाता है ताकि यात्रियों को असुरक्षित प्रथाओं के प्रति आगाह किया जा सके।
  • स्टेशनों पर लाउडस्पीकर और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणालियों के माध्यम से बार-बार घोषणाएं की जाती हैं, जिसमें ट्रैक पार करने, चलती ट्रेनों में चढ़ने और फुटबोर्ड पर यात्रा करने के खिलाफ चेतावनी दी जाती है।
  • स्टेशनों पर रेल डिस्प्ले नेटवर्क पर छोटे यात्री जागरूकता वीडियो प्रदर्शित किए जाते हैं। संवेदनशील अतिक्रमण बिंदुओं पर हिंदी और मराठी में फ्लेक्स बोर्ड लगाए गए हैं ताकि जनता को आगाह किया जा सके।
  • रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कर्मचारियों को ऐसे स्थानों पर तैनात किया जाता है ताकि अतिक्रमण को रोका जा सके और ट्रेन की छतों, फुटबोर्ड या अन्य प्रतिबंधित क्षेत्रों में यात्रा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है।
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