Mumbai local train: मुंबई लोकल ट्रेनें बन गई मौत की गाड़ी, 20 सालों में 51 हजार लोग गंवा चुके हैं जान
Mumbai local train: मुंबई की लोकल ट्रेनों को देश की आर्थिक राजधानी की 'लाइफ लाइन' कहा जाता है लेकिन अब ट्रेनें मौत की गाड़ी बनती जा रही हैं। हर दिन लाखों यात्री इन ट्रेनों में सफर करते हैं, लेकिन कई यात्रियों की जिंदगी का ये आखिरी सफर साबित हो रहा है। सोमवार (9 जून 2025) को ऐसा ही बड़ा हादसा हुआ जिसमें लगभग 5 यात्रियों की मौत हो गई है और 13 लोग घायल हो गए हैं।
दरअसल, यात्रियों से खचाखच भरी ट्रेन में ये यात्री दरवाजे से लटकर सफर कर रहे थे और तेज रुफ्तार ट्रेन में ये बैलेंस खो बैठे और नीचे गिरने से इनकी मौत हो गई। ठाणे के पास मुंब्रा स्टेशन के बीच हुए हादसे के बाद एक बार फिर मुंबई लोकल ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा के मुद्दें को लेकर रेलवे प्रशासन घिर चुका है।

बता दें अगस्त 2024 में पश्चिम रेलवे और सेंट्रल रेलवे द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर किए गए हलफनामे में मुंबई लोकल ट्रेनों में होने वाली दुर्घटनाओं के आंकड़ों का खुलासा किया था वो वाकई चौंकाने वाला है।
20 सालों में 51 हजार लोग गंवा चुके हैं जान
सेंट्रल और पश्चिमी रेलवे ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया था कि पिछले 20 सालों में 51,000 से ज़्यादा यात्रियों की मौत हो चुकी है। इनमें पश्चिमी रेलवे लाइन पर 22,481 यात्रियों की मौत हुई है, जबकि मध्य रेलवे लाइन पर 29,321 यात्रियों की मौत हुई है। ये मौतें रेलवे लाइन पार करने वाले यात्री, ट्रेन से गिरना, बिजली के खंभे से टकरा जाना और प्लेटफॉर्म और फुटबोर्ड के बीच गैप के कारण्ण हुई हैं।
हाईकोर्ट में रेलवे ने कबूला था ये सच
दरअसल, यतीन जाधव द्वारा दायर एक याचिका की सुनवाई के दौरान ये खुलासा हुआ था। लोकल ट्रेन में हर दिन सफर करे वाले विरार जाधव के वकील ने कोर्ट में दावा किया था कि कॉलेज या काम पर लोकल ट्रेन पर जाने वाले लगभग पांच यात्रियों की प्रतिदिन मौत होती है। हालांकि पश्चिम रेलवे के वकील ने दलील दी थी कि बीते 15 वर्षों में मौतों में कमी आई है। इसके साथ ही हलफनामे में खुलासा किया गया कि 2009 में सेंट्रल रेलवे रूट पर लोकल ट्रेन दुर्घटनाओं में 1,782 लोगों की मौतें हुई और 1,614 लोग घायल हुए थे। वहीं 2023 में ये आंकड़ा घट गया, जिसमें 1,221 मौतों और 938 यात्री घायल हुए थे।
ट्रेनों की कम संख्या और लाखों यात्री
मुंबई की लाइफ लाइन कही जानें वाली लोकल ट्रेन में हर दिन लगभग 75 लाख यात्री सफर करते हैं। यात्रियों की संख्या की तुलना में कोचों, और ट्रेनों की संख्या बहुत कम है। वर्तमान समय में उपनगरीय रेलवे (लोकल ट्रेन) 2,342 सर्विस संचालित हो रही हैं। 75 लाख यात्रियों की तुलना में ट्रेनों की संख्या कम होने के कारण खासकर आफिस जाने और लौटने के पीक ऑवर्स में ट्रेन में यात्रियों का चढ़ना और उतरना किसी युद्ध से कम नहीं होता।












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