Mumbai airport पर इमरजेंसी लैंडिंग, इथियोपियन एयरलाइंस फ्लाइट में केबिन प्रेशर से सात यात्री बीमार
Mumbai airport emergency landing: इथियोपियन एयरलाइंस की मुंबई आ रही फ्लाइट ET640 को शुक्रवार की देर रात को इमरजेंसी में मुंबई एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा। यह आपातकालीन लैंडिंग उस समय की गई जब फ्लाइट में केबिन डिप्रेशराइजेशन (वायुदाब की कमी) की गंभीर समस्या शुरू हो गई। जिससे सात यात्रियों की तबीयत बिगड़ गई। विमान में मौजूद एक यात्री की हालत इतनी खराब थी कि उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
यह घटना उस समय हुई जब Boeing 787 ड्रीमलाइनर विमान अरब सागर के ऊपर, लगभग 33,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था।

इसी दौरान अचानक केबिन का दबाव सामान्य से कम हो गया, जिससे विमान में बैठे कई यात्रियों को सांस लेने में तकलीफ, चक्कर और बेचैनी की शिकायतें होने लगीं।
पायलट ने दिखाया सूझबूझ, प्लेन को सुरक्षित उतारा
Flightradar24 से मिली जानकारी के अनुसार, विमान में डिप्रेशराइजेशन की सूचना मिलते ही पायलटों ने तत्काल निर्णय लेकर विमान को तेजी से निचली ऊंचाई पर लाया और फिर मुंबई एयरपोर्ट की ओर मोड़ा। फ्लाइट ने रात 1:42 बजे मुंबई में आपात लैंडिंग की। इसके बाद बीमार यात्रियों को तुरंत एयरपोर्ट की मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार दिया।
Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, बीमार पड़े सात यात्रियों में से एक को गंभीर स्थिति में अस्पताल भेजा गया, जबकि बाकी को एयरपोर्ट पर ही उपचार देकर छुट्टी दे दी गई। हालांकि इस पूरे मामले की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक HT या अन्य स्वतंत्र स्रोतों से नहीं हो पाई है। इथियोपियन एयरलाइंस या मुंबई एयरपोर्ट प्राधिकरण की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान भी जारी नहीं हुआ है।
कुछ ही दिनों पहले भी हुआ था ऐसा मामला
यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब कुछ ही दिन पहले 24 जून को लंदन से मुंबई आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI 130 में भी पांच यात्रियों और दो क्रू मेंबर्स की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। उस फ्लाइट में फूड पॉइजनिंग जैसे लक्षण देखे गए थे, जिनमें उल्टी, मतली और चक्कर शामिल थे।
इस मामले में एयर इंडिया ने पुष्टि की थी कि फ्लाइट लैंडिंग के बाद बीमार यात्रियों और क्रू को मेडिकल सहायता दी गई थी। हालांकि वे सभी बाद में डिस्चार्ज कर दिए गए थे।
क्या ये डिप्रेशराइजेशन या सिस्टम फेलियर का संकेत?
एयर इंडिया की उस घटना के बाद एक एयरलाइन अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया था कि यह भी संभव है कि धीरे-धीरे केबिन प्रेशर में गिरावट (स्लो डिकम्प्रेशन) इसका कारण हो सकता है। यही कारण अब इथियोपियन एयरलाइंस की घटना से भी जुड़ता नजर आ रहा है।
इस बीच, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने हाल ही में देश के कई प्रमुख हवाई अड्डों पर सप्राइज सेफ्टी चेक किए थे। इन जांचों में कई सुरक्षा उल्लंघन और खामियां उजागर हुई थीं, जिसके बाद DGCA ने एयरलाइंस और एयरपोर्ट प्रबंधन को एक सप्ताह के भीतर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए थे।
पिछले कुछ दिनों में केबिन प्रेशर से संबंधित दो बड़ी घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। यह दर्शाता है कि विमानन कंपनियों को अपनी तकनीकी जांच प्रक्रियाएं, क्रू की तैयारी, और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है।












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