Mumbai Air Pollution: मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण का असर, GRAP-4 के गाइडलाइन में क्या बंद-क्या खुला
Mumbai Air Pollution: मुंबई में पिछले कुछ दिनों से वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए नगर निगम ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान-4 (GRAP-4) लागू करना शुरू कर दिया है। शहर में घनी धुंध और स्मॉग की स्थिति लगातार बनी हुई है, जिसके कारण अधिकारियों ने निर्णय लिया कि सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में इस योजना को लागू किया जाएगा।
हालांकि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सोमवार, 1 दिसंबर को मुंबई का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 103 पर पहुंच गया।

इसके अलावा कई इलाके अभी भी गंभीर रूप से प्रदूषित हैं। विशेष रूप से माजगांव, मलाड और डिओनार जैसे क्षेत्र नवंबर महीने में लगातार "बहुत खराब" (AQI 301-400) श्रेणी में दर्ज किए गए हैं। नीचे पढ़िए ग्रैप-4 में किन-किन गतिविधियों पर बैन रहेगा...
GRAP-4 के तहत क्या-क्या बैन
- बीएमसी ने निर्देश दिए हैं कि सबसे प्रभावित इलाकों में निर्माण कार्य और धूल फैलाने वाली गतिविधियां तुरंत रोक दी जाएँ।
- इसके अलावा, सड़क सफाई और अन्य धूल नियंत्रण उपाय मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में किए जाएंगे जहाँ AQI स्तर लगातार खराब रहा है। इन इलाकों में बोरिवली ईस्ट, मलाड वेस्ट, अंधेरी ईस्ट का चाकला, डिओनार, माजगांव, नेवी नगर, मुलुंड वेस्ट और पॉवई शामिल हैं।
- छोटे पैमाने के उद्योग जो प्रदूषण बढ़ा रहे हैं, उनके खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा। बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि 95 फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों को नियुक्त किया गया है, जिन्होंने मुंबई के 70 निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया।
- 28 पॉइंट गाइडलाइन का पालन न करने वाले 53 निर्माण स्थलों को 26 नवंबर तक स्टॉप-वर्क नोटिस जारी किए गए। ये टीमें आगे भी निर्माण स्थलों पर नजर बनाए रखेंगी और प्रदूषण उत्सर्जन को नियंत्रित करेंगी।
- इसके अलावा, बेकरी मालिकों को अपने चिमनी हटाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि अंधेरी ईस्ट के चाकला इलाके में संगमरमर काटने वाली यूनिटों को कम प्रदूषण फैलाने वाले और साफ-सुथरे तरीके अपनाने को कहा गया है।
- BMC के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट विभाग के 450 जूनियर सुपरवाइजरों को सड़क पर मलबा फेंकने वालों पर जुर्माना लगाने और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों, जैसे प्लास्टिक और कचरा जलाने पर नजर रखने का अधिकार दिया गया है।
बंबई हाईकोर्ट ने सरकार को फटकारा
पिछले हफ्ते, बंबई हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के उस दावे को खारिज कर दिया कि हाल ही में इथियोपिया में ज्वालामुखी विस्फोट के कारण मुंबई में वायु गुणवत्ता खराब हुई। न्यायाधीशों ने कहा, "इस विस्फोट से पहले भी बाहर जाने पर दृश्यता 500 मीटर से कम थी।"
कोर्ट ने बाद में एक स्वतंत्र पांच-सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिसका कार्य निर्माण स्थलों का निरीक्षण करना और यह सुनिश्चित करना है कि वहां प्रदूषण नियंत्रण के सभी उपायों का पालन किया जा रहा है। GRAP-4 लागू होने के बाद मुंबई में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कई सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और नगर निगम लगातार निगरानी कर रहा है, ताकि शहरवासियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।












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