संजय राउत की फिर बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने जारी किया मानहानि मामले में समन
नई दिल्ली, 18 जुलाई: शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के खास सिपहसालार संजय राउत की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मझगांव मजिस्ट्रेट की अदालत ने भाजपा नेता किरीट सोमैया की पत्नी मेधा सोमैया द्वारा दायर मानहानि मामले में समन जारी किया है। इससे पहले संजय राउत को ईडी ने 28 जून को लैंड स्कैम के एक मामले में समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है।

संजय राउत ने किरीट सोमैया और उनकी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाया था। संजय राउत ने कहा गया था कि किरीट सोमैया ने अपनी पत्नी की मदद से 100 करोड़ रुपये का टॉयलेट घोटाला किया था। जिसके बाद भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया की पत्नी मेधा सोमैया ने संजय राउत के खिलाफ एक मानहानि का मामला दर्ज कराया था। जिसके बाद मुंबई की एक अदालत ने संजय राउत को अदालत में पेश होने के लिए कहा था। जिसके बाद अदालत के समक्ष पेश होने में विफल रहने के बाद मुंबई की एक अदालत ने शिवसेना सांसद संजय राउत के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था और 18 जुलाई को पेश होने के लिए कहा था।
इस तारीफ पर संजय राउत की ओर से कोई कोर्ट नहीं पहुंचा है। जिसके बाद इस मामले में कोर्ट की ओर से फिर से कार्रवाई की गई है। मझगांव मजिस्ट्रेट की अदालत ने 6 अगस्त को शिवसेना नेता संजय राउत को मेधा सोमैया द्वारा दायर मानहानि मामले में उनकी याचिका दर्ज करने के लिए तलब किया। हालांकि अभी तक संजय राउत की ओर से इस समन को लेकर किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं आई है।
बता दें कि सेवरी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने पिछले महीने राउत के खिलाफ एक प्रक्रिया (समन) जारी कर उन्हें चार जुलाई को पेश होने को कहा था। हालांकि, सोमवार को न तो राउत और न ही उनके वकील अदालत में मौजूद थे, मेधा सोमैया के वकील विवेकानंद गुप्ता ने कहा कि राउत के पेश नहीं होने के चलते ही हमने उसके खिलाफ वारंट जारी करने के लिए एक आवेदन किया, जिसे अदालत ने अनुमति दी। अदालत ने बाद में मामले को स्थगित कर दिया और इसे 18 जुलाई को सुनवाई के लिए रखा।
मजिस्ट्रेट ने समन जारी करते हुए कहा कि रिकॉर्ड पर पेश किए गए दस्तावेजों और वीडियो क्लिप से प्रथम दृष्टया पता चलता है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता (मेधा) के खिलाफ अपमानजनक बयान दिया, ताकि इसे जनता द्वारा बड़े पैमाने पर देखा जा सके और लोगों द्वारा समाचार पत्रों में पढ़ा जा सकते हैं। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता ने प्रथम दृष्टया यह भी साबित कर दिया था कि आरोपी संजय राउत ने जो शब्द कहे थे, उससे शिकायतकर्ता की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची थी।












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