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Maratha Reservation Movement: 10 फीसदी मराठा आरक्षण को लेकर सीएम देवेंद्र फडणवीस की आई अहम प्रतिक्रिया

Maratha Reservation Movement: मुंबई में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे पाटिल का अनशन जारी है। मनोज जरांगे पाटिल ओबीसी श्रेणी के तहत मराठों के लिए 10% आरक्षण की मांग कर रहे हैं, जिसके लिए वे मुंबई के आजाद मैदान में अनशन पर बैठे हैं। जरांगे का आरक्षण आंदोलन विकराल रूप ले चुका है।

मराठा आरक्षण के समर्थन में कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए गए, जिसके कारण मुंबई में भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। हजारों की संख्‍या में लोग इस प्रदर्शन में जुटे। जिसके चलते विशेष रूप से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के पास वाहनों की रफ्तार थम सी गई।

Maratha Reservation Movement

वहीं मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सरकार संवैधानिक ढांचे के भीतर मराठा आरक्षण के समाधान की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछले साल मराठा समुदाय को सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग श्रेणी में दिया गया 10% आरक्षण अभी भी लागू है।

सीएम फडणवीस ने इस बात पर जोर दिया कि 2014 से 2025 के बीच मराठा समुदाय को शिक्षा और रोजगार प्रदान करने के लिए सबसे अधिक फैसले लिए गए। यह वह समय था जब बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकारें अधिकतर सत्ता में थीं।

इससे पहले शुक्रवार (29 अगस्त) को भी मुख्यमंत्री ने बताया था कि कैबिनेट सब-कमेटी मांगों पर चर्चा कर रही है और संवैधानिक ढांचे के भीतर ही इसका समाधान खोजा जाएगा। उन्होंने मीडिया को जानकारी दी कि मनोज जरांगे को आजाद मैदान में एक दिन के विरोध प्रदर्शन की अनुमति मिली थी, लेकिन अब उन्होंने इसे जारी रखने के लिए नई अनुमति मांगी है, जिस पर पुलिस सकारात्मक विचार करेगी।

देवेंद्र फडणवीस ने यह भी कहा कि राज्य प्रशासन बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार काम कर रहा है और उसके आदेशों का पालन करना अनिवार्य है। शुक्रवार (29 अगस्त) को शुरू हुए इस ताजा आंदोलन में महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से हजारों समर्थक आजाद मैदान पहुंचे हैं और आरक्षण मिलने तक डटे रहने की बात कह रहे हैं।

मनोज जरांगे पाटिल की मुख्य मांग है कि सभी मराठों को ओबीसी के तहत आने वाली कृषि प्रधान जाति कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए। इससे उन्हें सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण का लाभ मिल पाएगा।

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