Maharashtra Weather: विदर्भ, मराठवाड़ा समेत अन्य क्षेत्रों में इतने दिनों तक होगी भारी बारिश, IMD की चेतावनी
Maharashtra weather: नवरात्रि उत्सव पर बारिश का साया मंडरा रहा है। वर्तमान में महाराष्ट्र के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर हो गया है, लेकिन पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बन गया है, जिससे महाराष्ट्र की ओर हवाओं का प्रवाह बढ़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र सहित बिहार और गुजरात में अगले छह दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
IMD ने बताया है कि लौटता मानसून गुजरात में सक्रिय है, जिसके कारण इन राज्यों में 22 सितंबर (सोमवार) से 27 सितंबर (शनिवार) तक तेज बारिश की आशंका है।

इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण राज्य में मौसम का मिजाज बदला है। विदर्भ और मराठवाड़ा सहित महाराष्ट्र में अगले 48 घंटों तक भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार मराठवाड़ा क्षेत्र में अगले 24 घंटों में 120 से 200 मिमी बारिश होने का अनुमान है और 24 से 27 सितंबर के बीच विदर्भ में अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है।
विदर्भ में 27-28 सितंबर तक जारी रहेगी बारिश
25-26 सितंबर को फिर से चक्रवाती स्थिति बनने की आशंका है, जिससे मौसम में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नवरात्र उत्सव आज से शुरू हो गया है, लेकिन गरबा आयोजनों पर बारिश का खतरा बना रहेगा। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले 48 घंटों तक राज्य में तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद धीरे-धीरे बारिश की तीव्रता कम होगी, हालांकि विदर्भ में 27-28 सितंबर तक बारिश जारी रहने की संभावना है। इस बारिश से किसानों की फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
क्षेत्रवार बारिश का अनुमान
मराठवाड़ा: 22, 23, 26 और 27 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश।
कोंकण: 24 से 27 सितंबर तक अत्यधिक भारी बारिश, जबकि 22 और 23 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है।
मध्य महाराष्ट्र: 22, 23 और 27 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।
विदर्भ: 25 से 27 सितंबर तक अत्यधिक भारी बारिश, और 24 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
कौन से जिलों में होगी भारी बारिश?
22 सितंबर को पालघर, ठाणे और मुंबई में भारी बारिश का अनुमान है, जबकि अगले तीन दिनों में धीरे-धीरे बारिश कम होती जाएगी। घाटमाथा और उत्तर महाराष्ट्र, साथ ही निचले कोंकण में बारिश बढ़ने की उम्मीद है।
सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी, धुले, नंदुरबार, जलगाँव, नासिक, घाटमाथा, अहिल्या नगर, पुणे, सतारा, कोल्हापुर और सांगली जिलों में अगले 48 घंटों तक तूफानी हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
कब होगी मानसून की वापसी?
इस वर्ष मानसून की वापसी में भी देरी होने का अनुमान है। महाराष्ट्र से मानसून की वापसी 5 से 10 अक्टूबर के बीच शुरू होने की संभावना है, जिससे राज्य में कुछ और दिनों तक बारिश का माहौल बना रहेगा।
बादल फटने से किसानों को हुआ भारी नुकसान
सोलापुर और नांदेड़ जिलों में बादल फटने जैसी स्थिति के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों और घरों में घुटनों तक पानी भर गया है। किसान सरकार से 'ओला दुष्काळ' (गीला सूखा) घोषित करने और तत्काल पंचनामा कराकर मुआवजे की मांग कर रहे हैं। भारी बारिश के कारण हल्दी और प्याज की फसलें गल गई हैं, जिससे किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है।मानसून ने इस साल 8 सितंबर को पूर्वी राजस्थान से वापसी शुरू की थी, लेकिन इसकी गति धीमी रही है।












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