गजब है 'ठाकरे की बहू' की कहानी, पति को तलाक देने के बाद भी रहती हैं ससुराल में, जानिए खास बातें
Smita Thackeray Profile: महाराष्ट्र में आज विधानसभा सीटों के लिए मतदान हो रहा है, चुनावी नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। कड़ी सुरक्षा के बीच वोटिंग कराई जा रही है।
इस बार यहां का चुनावी माहौल काफी विषम है क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव के साथी इस बार के दंगल में आमने-सामने हैं, जो कभी एक-दूसरे के हमदर्द थे, आज एक-दूसरे पर कोई आरोप लगाने में संकोच नहीं करते हैं, जी हां हम बात कर रहे हैं ठाकरे की शिवसेना और भाजपा की।

दोनों दलों के बीच जहां सियासी दूरियां हैं वहीं दूसरी ओर बाल ठाकरे के परिवार में भी बिखराव हो गया है। उनके परिवार की बड़ी बहू स्मिता ठाकरे भी इस वक्त शिंदे और भाजपा के साथ हैं, हाल ही में शिंदे सरकार ने उन्हें चित्रपट नीति समिति का अध्यक्ष बनाया है।
आपको बता दें कि स्मिता ठाकरे की शादी उद्धव ठाकरे के बड़े भाई जयदेव ठाकरे से हुई थी, यानी कि उद्वव ठाकरे और स्मिता ठाकरे रिश्ते में देवर-भाभी हैं। स्मिता ठाकरे की लाइफ भी काफी संघर्षों से गुजरी है। दरअसल शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के तीन पुत्र थे। उनके बड़े बेटे का नाम बिंदु माधव था,जिनकी दुर्भाग्यवश एक हादसे में मौत हो गई थी।
जयदेव ठाकरे के विचार बालासाहेब से नहीं मिलते थे
उनके मझले बेटे का नाम जयदेव ठाकरे है, जो कि आचार-विचार और हरकतों में बाला साहेब से बिल्कल उलट थे। उनकी और बाला साहेब की बनती नहीं थी। उन्होंने जिंदगी में तीन शादियां की थीं। उनका पहला विवाह जयश्री कालेकर से हुआ था लेकिन ये शादी लंबी चली नहीं और जयदेव ने जयश्री को तलाक दे दिया, इस बात से बाला साहेब काफी नाराज हुए थे और तब से ही उनके और उनके बेटे के बीच तनाव था।
मध्यम वर्गीय परिवार में पली-बढ़ी स्मिता ठाकरे
जयदेव ने दूसरी शादी मुंबई में एक मध्यम वर्गीय परिवार में पली-बढ़ी स्मिता ठाकरे से की ,ये भी प्रेमविवाह था जो कि साल 1986 में हुआ था और इस शादी से दोनों को दो बेटे भी हुए लेकिन जयदेव ने स्मिता ठाकरे को भी छोड़ने का फैसला ले लिया, जिसकी वजह से बाला साहेब काफी नाराज हुए ,लेकिन जयदेव ने उनकी एक ना सुनी, जिस पर ठाकरे ने उन्हें अपने घर से निकाल दिया और बहू स्मिता को 'मातोश्री'( ठाकरे का घर) में रहने का हक दिया।
'जयदेव ने तीसरी शादी अनुराधा के साथ की लेकिन...'
स्मिता से शादी टूटने के बाद जयदेव ने तीसरी शादी अनुराधा के साथ की लेकिन स्मिता 'मातोश्री' में ही रहती थी। जयदेव के साथ बाल ठाकरे के रिश्ते इतने बिगड़ गए कि उन्होंने अपनी वसीयत से भी उनको कुछ भी नहीं दिया। हालांकि बालासाहेब ने जयदेव की दूसरी पत्नी स्मिता और पोतों के नाम संपत्ति में हिस्सा दिया।
वसीयत में हिस्सा मांगने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
साल 2012 में बाल ठाकरे के निधन के बाद जयदेव ने वसीयत में हिस्सा मांगने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने अपने छोटे बेटे ऐश्वर्या को अपना बेटा मानने से भी इनकार कर दिया था तो वहीं उन्होंने स्मिता और उद्धव ठाकरे पर संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया था। हालांकि उद्धव ठाकरे ने कोर्ट में कहा था कि 'उनके भाई की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए वो अनाप-शनाप बातें कर रहे हैं।'
स्मिता ठाकरे की छवि बेबाक और 'पेज 3' पार्टी वाली महिला की रही
आपको बता दें कि स्मिता ठाकरे की छवि बेबाक और 'पेज 3' पार्टी वाली महिला की रही है। वो भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता और मुक्ति फाउंडेशन की अध्यक्ष और संस्थापक हैं। उन्होंने महिला सुरक्षा, एचआईवी/एड्स जागरूकता और शिक्षा के क्षेत्र में काम किया है।
कॉमेडी फिल्म 'हसीना मान जाएगी' ....
उन्होंने 1999 में हिंदी भाषा की कॉमेडी फिल्म 'हसीना मान जाएगी' से अपने मोशन पिक्चर करियर की शुरुआत की थी, कि जून 1999 में रिलीज़ हुई थी, जिसने दुनिया भर में 27 करोड़ रुपये की कमाई की थी। वो इन दिनों हिंदी और मराठी फिल्म और टेलीविजन उद्योग सक्रिय हैं।












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