महाराष्ट्र की सियासत में थूकने को लेकर मचा बवाल! संजय राउत और अजित पवार आमने-समाने; जानें पूरा विवाद
Maharashtra Politics: शिवसेना (UBT) गुट के सांसद संजय राउत की थूकने वाली घटना को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP)के अजित पवार ने निशाना साधा है। कहा कि बोलते समय संयम अपनाना चाहिए।

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर खलबली मची हुई है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना (UBT) गुट के सांसद संजय राउत के थूकने वाली हरकत को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP)के अजित पवार ने शनिवार को निशाना साधा है। पुणे में मीडिया बातचीत के दौरान अजित पवार ने कहा कि थूकने की हरकत महाराष्ट्र की संस्कृति नहीं है। बोलते समय संयम अपनाना चाहिए। हमारी एक संस्कृति है, एक परंपरा है और इतिहास है। मैंने सुना है कि संजय राउत किसी बीमारी से पीड़ित थे और इसलिए थूकना पड़ा।
वहीं, सांसद संजय राउत ने पलटवार करते हुए कहा कि थूकना पेशाब करने से बेहतर है। दरअसल, राउत का इशारा पवार द्वारा साल 2013 में दिए गए एक बयान पर था। जब मुंबई के आजाद मैदान में किसानों की पानी की समस्या के मुद्दे पर पवार ने बेहद विवादित बयान दिया था। अजित पवार ने मंच से कहा था कि बांध में पानी नहीं है तो क्या वहां आकर पेशाब करूं। हालांकि , बाद में पवार ने बयान को लेकर माफी भी मांगी थी।
क्यों मचा है थूकने को लेकर बवाल?
दरअसल, बीती शुक्रवार को मुंबई में मीडिया ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत की शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के खिलाफ टिप्पणी के बारे में संजय राउत से सवाल पूछे। इसपर राउत ने जमीन पर थूक दिया था। सवाल था कि वह विदेश यात्रा कर सकते हैं क्योंकि वह मुंबई की गर्मी बर्दाश्त नहीं कर सकते। राउत ने सवाल सुनाते ही पूछा कि यह कौन कह रहा है? मीडिया ने जब सांसद श्रीकांत शिंदे का नाम लिया। राउत ने जमीन पर थूक दिया। यह घटना कैमरे में कैद हो गई। इसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली मच गई।
राउत ने बताई थूकने की वजह
वहीं, मीडिया में थूकने की बात सामने आते ही विपक्षियों के निशाने पर संजय राउत आ गए। ऐसे में राउत ने स्पष्ट किया कि जीभ दांत के नीचे आ गई थी, इसलिए थूकना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि थूकना महाराष्ट्र की संस्कृति है। राउत ने वीर सावरकर एक किस्सा भी मीडिया के आगे साझा किया। उन्होंने बताया कि एक बार वीर सावरकर को कोर्ट में पेश किया गया था। उस वक्त उनकी आंखों के सामने एक गद्दार आया तो उन्होंने जमीन पर थूक दिया था। इसी तरह शिवसेना और बालासाहेब से गद्दारी करने वालों का नाम सुनते ही मेरी जीभ को तकलीफ हुई तो थूकना पड़ा।












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