Maharashtra Politics: एकनाथ शिंदे के सम्मान पर भड़की शिवसेना (UBT) तो, शरद पवार की पार्टी ने दी यह नसीहत
Maharashtra Politics: शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी(शरद पवार) के बीच राजनीतिक संबंधों में तब तल्खी देखने को मिली जब शरद पवार ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का सम्मान किया। इससे महाराष्ट्र के विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (एमवीए) में दरार को उजागर करती है, जो तीन विभिन्न विचारधाराओं वाली पार्टियों का गठबंधन है। शिवसेना (यूबीटी)के प्रवक्ता संजय राउत ने इस सम्मान को महाराष्ट्र की जनता के साथ विश्वासघात करार दिया।
राउत ने कहा कि शिंदे ने शिवसेना को तोड़कर महाराष्ट्र को कमजोर किया और उनके सम्मान से मराठी जनता की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिंदे को सम्मानित करना,बीजेपी और गृह मंत्री अमित शाह को सम्मानित करने जैसा है।

Maharashtra Politics: शिंदे का सम्मान, महा विकास अघाड़ी में घमासान
महाविकास आघाड़ी, जिसमें शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) और कांग्रेस शामिल हैं, 2019 से 2022 तक महाराष्ट्र में सत्ता में थी। इसके बाद शिंदे के बगावत के कारण सरकार गिर गई थी। मंगलवार को दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम में शिंदे को शरद पवार ने 'महादजी शिंदे राष्ट्र गौरव पुरस्कार'से सम्मानित किया था।
राउत ने इस कार्यक्रम में पवार की उपस्थिति पर सवाल उठाया और कहा कि उन्हें इस कार्यक्रम से दूर रहना चाहिए था क्योंकि शिंदे ने एमवीए सरकार गिराकर "विश्वासघात" किया था। उन्होंने कहा, "पवार साहब ने शिंदे को नहीं, बल्कि अमित शाह को सम्मानित किया है। यह महाराष्ट्र की अस्मिता को ठेस पहुंचाने वाला है।"
Maharashtra Politics: बीजेपी ने उद्धव ठाकरे पर कस दिया तंज
इस घटना को लेकर भाजपा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि शरद पवार के इस कदम से यह साबित होता है कि शिंदे,उद्धव ठाकरे से बेहतर मुख्यमंत्री थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ठाकरे ने मुख्यमंत्री रहते हुए मंत्रालय का दौरा केवल दो बार किया,जबकि शिंदे दिन में 22 घंटे काम करते हैं।
Maharashtra Politics: हर बात पर राजनीति सही नहीं, उद्धव की पार्टी को शरद पवार की पार्टी की नसीहत
हालांकि, एनसीपी (शरद पवार) ने इस विवाद को राजनीति से जोड़ने से इनकार किया। पार्टी के नेता अमोल कोल्हे ने कहा कि यह एक साहित्यिक कार्यक्रम था,न कि राजनीतिक मंच। उन्होंने कहा,'पवार साहब ने राज्य की परंपरा को आगे बढ़ाया है,जहां राजनीतिक मतभेदों को सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नहीं लाया जाता।'
Maharashtra Politics: गठबंधन बचाने के लिए रोहित पवार ने बीजेपी पर फोड़ा ठीकरा?
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के नेता रोहित पवार ने भी राउत के बयान पर हैरानी जताई और कहा कि महाराष्ट्र में हमेशा से सभ्य राजनीतिक संस्कृति रही है,जिसे यशवंतराव चव्हाण और बाल ठाकरे ने आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि राउत की प्रतिक्रिया जल्दबाजी में आई हो सकती है और यह भाजपा की ओर से महाराष्ट्र की राजनीति को भटकाने की कोशिश का हिस्सा हो सकता है।
इस विवाद के बीच शिंदे ने संजय राउत के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और इसे पुरस्कार से उत्पन्न "ईर्ष्या" करार दिया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम साहित्य से जुड़ा था, राजनीति से नहीं। वहीं, भाजपा ने राउत पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें महाराष्ट्र की राजनीति की संस्कृति समझनी चाहिए और अमित शाह के खिलाफ बोलने से बचना चाहिए। (इनपुट-पीटआई)












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