Maharashtra Politics: हिंदुत्व छोड़ने का आरोप लगाने वाले गद्दारों को आज क्या मिला? आदित्य ठाकरे के 4 सवाल
शिवसेना यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और 40 बागी विधायकों की आलोचना की है। साथ ही अजित पवार के डिप्टी सीएम और उनके साथ आए विधायको के मंत्री बनते ही आए राजनीति भूचाल पर सवाल उठाए हैं।
Maharashtra NCP Crisis: महाराष्ट्र में रविवार यानी आज एकनाथ शिंदे सरकार के 1 साल पूरे हुए। इस पल को शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने राजनीतिक गलियारों में भूचाल लाकर और भी खास बना दिया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता अजित पवार ने कुछ विधायकों का दामन थामकर बीजेपी नेतृत्व वाली एकनाथ शिंदे की सरकार में एंट्री ली। अजित पवार को डिप्टी सीएम बनाया गया। अजित पवार के साथ आए 9 एनसीपी विधायकों को मंत्री बना दिया गया है।
उधर, पिछले साल शिवसेना के दो फाड़ कर शिंदे गुट के साथ गए विधायक मंत्री पद के इंतजार में बैठे मूकदर्शक बने रह गए। लेकिन, बाजी अजित पवार ने मार ली। ऐसे में शिवसेना यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और 40 बागी विधायकों की आलोचना की है। आदित्य ठाकरे ने ट्वीट के जरिए मामले पर टिप्पणी करते हुए 4 अहम सवाल पूछे हैं...

- आदित्य ठाकरे ने कहा कि राज्य में वर्तमान में चल रही गंदी राजनीति पर कोई टिप्पणी न करते हुए मैं कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न पूछ रहा हूं। महाराष्ट्र में विफल डबल इंजन सरकार के पास अब तीसरा पहिया है। अब एक साल से अधिक हो गया है, लेकिन असली गद्दार आज कैबिनेट में जगह बनाने का सपना देख रहे थे। लेकिन, गद्दारों को 1 साल बाद भी क्या मिला? वहीं, बैठे 9 अन्य लोगों को शपथ लेते देख रहे थे।
- असली गद्दारों ने यह बहाना बनाकर हमारी पीठ में छुरा घोंपा कि उनके जिलों के एनसीपी नेताओं और मंत्रियों ने उन्हें काम नहीं करने दिया। आज, एनसीपी के उन्हीं लोगों को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई, जिन्हें रायगढ़ या नासिक या अन्य जिलों में सड़क जाम करने के लिए दोषी ठहराया गया था। उनके खिलाफ शिकायत करने वाले मूल गद्दारों को चुपचाप उनका स्वागत करना पड़ा। अब क्या होगा? अब फिर गुवाहाटी??
- एक गद्दार ने आज एक टीवी बाइट में कहा कि बीजेपी के वरिष्ठों ने उन्हें बताया कि उन्हें इस एनसीपी गुट की जरूरत है, ताकि महाराष्ट्र में 145 सीटें जीत सकें। इससे यह साबित होता है कि शिंदे उतना ही अयोग्य हैं जितना वह पहले था। अन्यथा जब इतने सारे गद्दार बहुसंख्यक हैं, तो आज का कार्यक्रम क्यों?
- सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बीजेपी और गद्दारों ने हम पर हिंदुत्व और हमारी विचारधाराओं से दूरी बनाने का आरोप लगाया। क्योंकि हमने कांग्रेस और एनसीपी के साथ राजनीतिक रूप से गठबंधन किया था। शिंदे गुट और बीजेपी ने आज खुद को किस चीज से अलग कर लिया है? खासकर तब जब उनके अनैतिक और अवैध गठबंधन को बहुमत साबित करने के लिए किसी विधायी संख्या की आवश्यकता नहीं थी। आज की राजनीति से यह स्पष्ट है कि लड़ाई स्वार्थी बनाम सैद्धांतिक होने वाली है। जो लोग गए हैं, वे केवल स्वार्थ के लिए गए हैं और हम निस्वार्थ और सिद्धान्तहीन राजनीति के लिए लड़ेंगे।












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