Maharashtra Political Criris: शिवसेना पर अधिकार को लेकर उद्धव-शिंदे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज
शिवसेना पर किसका अधिकार इसको लेकर एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे खेमे में चल रहे टकराव पर आज सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा.

Maharashtra Political Criris: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट के बीच चल रहे विवाद के बीच इस राजनीतिक संकट पर सुप्रीम कोर्ट आज अपना फैसला सुना सकता है। यह विवाद पिछले एक साल से चल रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यह तय हो जाएगा कि एकनाथ शिंदे प्रदेश के मुख्यमंत्री रहेंगे या उनके द्वारा की गई बगावत गैर कानूनी थी। ठाकरे और शिंदे दोनों खेमा शिवसेना पर अपना दावा ठोक रहा है, दोनों को ही उम्मीद है कि उनकी जीत होगी।
बता दें कि यह पूरा विवाद जून 2022 में शुरू हुआ था जब उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत करते हुए एकनाथ शिंदे अपने साथ 40 विधायकों को लेकर पार्टी से अलग हो गए थे।
पिछले साल जून माह के आखिरी हफ्ते में बागी विधायक असम शिफ्ट हो घए थे, यहां से उन्होंने भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने का दावा किया। एकनाथ शिंदे खेमे को शिवसेना के तौर पर स्वीकार किया गया।
उद्ध ठाकरे ने अपने पद से इस्तीफ दे दिया और एकनाथ शिंदे ने सीएम पद की शपथ ली। सुप्रीम कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट पर रोक नहीं लगाई, जिसकी अनुमति तत्कालीन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने दी थी। 4 जुलाई को एकनाथ शिंदे सरकार का फ्लोर टेस्ट हुआ।
इसके बाद उद्ध ठाकरे खेमा सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जहां बागी विधायकों को सस्पेंड किए जाने की मांग की गई, जो एकनाथ शिंदे खेमे में चले गए ते. चुनाव आयोग ने शिवसेना के चुनाव चिन्ह धनुष-तीर और पार्टी का नाम शिवसेना को एकनाथ शिंदे खेमे को दे दिया, जबकि उद्ध ठाकरे खेमे को टॉर्च दिया जबकि पार्टी का नाम शिव सेना उद्धव बाला साहेब ठाकरे दिया।
उद्धव बाला साहेब ठाकरे के सांसद संजय राउत ने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि देश में लोकतंत्र बचा है या खत्म हो गया है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि एकनाथ शिंदे सीएम बने रहेंगे, कोर्ट का फैसला उनके पक्ष में आएगा। शिंदे इस्तीफा क्यों देंगे, किसी भी तरह का कयास लगाने की जरूरत नहीं है। आखिर उन्होंने क्या गलती की है।












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