फल बेचने वाली भाग्यश्री ने जीता चुनाव, कॉर्पोरेटर बनने के बाद लगाया ठेला, मुस्कुराते हुए अमरूद बेचते आईं नजर
Maharashtra Nikay Chunav: महाराष्ट्र में नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के नतीजों में सत्तारूढ़ महायुति ने शानदार जीत हासिल की है। वहीं महाविकास आघाडी (MVA) को एक बार फिर तगड़ा झटका लगा है। हालांकि कई सीटों पर महायुति के बीच फ्रेंडली मुकाबला देखने को मिला जिसमें लोनावला (Lonavala) भी शामिल है। अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने यहां ऐतिहासिक जीत हासिल करते हुए पहली बार नगर परिषद में सत्ता हासिल की है।
अजित गुट वाली एनसीपी के राजेंद्र सोनवणे, भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवारों को हराकर मेयर चुने गए हैं लेकिन चुनाव परिणाम के बाद मेयर के बजाय लोनावला (Lonavala) में पार्षद चुनी गई एक महिला नगरसेवक सुर्खियों में हैं क्योंकि सड़क किनारे रेहड़ी लगाकर फल बेचने वाली भाग्यश्री जगताप ने पार्षद का चुनाव जीत लिया है। रोचक बात ये है कि पार्षद चुने जाने के चंद घंटे बाद ही भाग्यश्री ने रेहड़ी लगाकर फल बेचना शुरू कर दिया, जिसके चलते वो चर्चा में हैं।

भाग्यश्री ने किस पार्टी से लड़ा है चुनाव?
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने लोनावला नगर परिषद चुनाव से फल विक्रेता भाग्यश्री जगताप को उम्मीदवार बनाया था। भाग्यश्री के उम्मीदवार बनाए जाने इस निर्णय ने चुनाव के दौरान ही राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी थी। अजित पवार ने फल बेचने वाली महिला को मौका देने का कदम वंशवादी राजनीति से परे, आम लोगों को अवसर देने की मिसाल साबित हुआ।
फल बेचने वाली भाग्यश्री ने जीता चुनाव
लगभग दस वर्षों से भाग्यश्री लोनावला में फल बेचकर अपने परिवार का गुजारा करती हैं। उन्होंने हमेशा साधारण जीवन जिया और अपनी मेहनत, ईमानदारी व सादगी से लोगों का भरोसा जीता है। भाग्यश्री फल बेचकर ही अपने बच्चों और परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। ये ही वजह है कि चुनाव जीतने के बाद उन्होंने अपना ये काम बंद नहीं किया और बिना किसी हिचक के अपना फल बेचने का काम शुरू कर दिया।

कॉर्पोटर भाग्यश्री ने लगाया ठेला और बेचे अमरूद
चुनाव परिणम के महज 24 घंटे के अंदर बाद ही महिला पार्षद (कॉर्पोरेटर) भाग्यश्री फिर से अपनी फल की टोकरी लेकर सड़क किनारे फल बेचती नजर आईं। जिस काम ने सालों तक उनका पालन-पोषण किया, उसी को उन्होंने प्राथमिकता दी। लोनावला की कॉर्पोटर ने लोगों का हंसते हुए अमरूद बेंचे। आज भी उनसे फल खरीदते और उनकी इस सादगी की दिल खोलकर प्रशंसा करते नजर आए। भाग्यश्री जगताप ने कहा पार्षद बनने के बाद भी वह फल बेचती रहेंगी। उनका मुख्य उद्देश्य जनता की पूरी ईमानदारी और समर्पण से सेवा करना है।
सुबह फल बेचती थी और शाम को करती थी चुनाव प्रचार
एनसीपी ने भाग्यश्री जगताप चुनाव के दौरान सुबह फल बेचती थीं और शाम को चुनाव प्रचार करने निकल जाती थीं। उन्होंने मतदाताओं की समस्याओं को हल करने और क्षेत्र के विकास के लिए अपना विजन के बारे में भी लोगों को बताया। चुनाव के दौरान, उन्होंने खोखले वादों के बजाय अपने काम और व्यवहार को ही अपना मुख्य आधार बनाया।
भाग्यश्री ने लोगों का भरोसा जीता
राजनीति में, उम्मीदवारों को टिकट पाने से लेकर जन समर्थन जीतने तक अनेक चुनौतियाँ होती हैं। ऐसे में, पार्टी का विश्वास जीतने के बाद भाग्यश्री जगताप ने लोनावाला के लोगों का भी दिल जीत लिया है और उन्हें जनसेवा का मौका मिल गया है।












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