सूअरों की चहलकदमी, बदबूदार नालियां...महाराष्ट्र के सरकारी अस्पताल की भयानक तस्वीर, 48 घंटों में 31 की मौत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान का मखौल उड़ाते महाराष्ट्र के नांदेड़ सरकारी अस्पताल में मौत का तांडव जारी है। पिछले 48 घंटों में 31 मरीजों की मौत हो चुकी है। बीते रोज इसी अस्पताल में 24 मरीजों ने दम तोड़ा था। मौतों के आंकड़ों में बुजुर्ग, नौजवान और बच्चे भी शामिल हैं।
मौतों के बीच बुधवार को अस्पताल की एक शर्मनाक तस्वीर भी सामने आई है। जिसमें एक तरफ मरीजों के तीमारदार अस्पताल परिसर की बदबूदार नालियों के बीच ब्रश करने और बर्तन धोने पर मजबूर दिखे। आसपास सूअर टहलते नजर आए। नांदेड़ अस्पताल में मौतों के बाद भी स्वच्छता ताख पर नजर आई। (फोटो- साभार एनडीटीवी)

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. शंकरराव चव्हाण सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के दृश्यों ने साफ-सफाई और स्वच्छता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। बुनियादी बातें जो एक स्वास्थ्य सुविधा में अपेक्षित होती हैं। गंदगी के बीच बर्तन साफ करती एक महिला तीमारदार ने बताया कि हर दिन ऐसा ही होता है। एक अन्य ने शिकायत करते हुए कहा कि हम शौचालय का उपयोग नहीं कर सकते। हमें यहां कुछ नहीं मिलता। हमें दवाएं, पानी और बाकी सभी जरूरी चीजों के लिए बाहर जाना पड़ता है। गरीब लोग कहां जाएंगे?
'पैसे नहीं तो आपका बच्चा मर जाएगा'
एक अन्य मरीज के रिश्तेदार ने कहा कि यहां कुछ भी उपलब्ध नहीं है। आपको सब कुछ बाहर से लाना होगा। अगर आपके पास पैसे नहीं हैं, तो आपका बच्चा मर जाएगा। एक महिला ने टोकते हुए कहा कि आपको प्रसूति वार्ड की हालत देखनी होगी, यह समझने के लिए कि यहां मरीज कैसे रहते हैं।
संविदा सफाई कर्मियों का छलका दर्द
तभी अचानक एक महिला झाड़ू लेकर निकलती है और नाली साफ करने लगती है। मैं कैंटीन में काम करती हूं। लेकिन, मैं इस क्षेत्र को साफ करती हूं। उसने इस बात से इनकार करते हुए कहा कि कैमरा देखने के बाद उसे क्षेत्र को साफ करने के लिए कहा गया था। एक संविदा सफाई कर्मचारी ने कहा कि अस्पताल में पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं और एक कर्मचारी को कई वार्डों का काम सौंपा गया है। यहां हर दिन सूअर घूमते हैं। वे कूड़ा खाते हैं। हर वार्ड में दो-तीन सफाई कर्मी होने चाहिए। एक व्यक्ति कई वार्डों को कैसे संभालेगा?
डीन से साफ कराया शौचालय तो नेता पर केस दर्ज
30 सितंबर से 48 घंटों के भीतर अस्पताल में 16 नवजात शिशुओं सहित 31 मरीजों की मौत चुकी है। बीते दिन यानी 3 सितंबर को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा था कि उनकी सरकार ने मौतों को बहुत गंभीरता से लिया है। लेकिन, किसी भी दवा की कमी से इनकार किया है। शिवसेना सांसद हेमंत पाटिल ने अस्पताल के डीन श्यामराव वाकोडे से सरकारी सुविधा में एक गंदा शौचालय साफ कराया। अब नेता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
मामले में सियासत भी शुरू हो चुकी है। राज्य की एकनाथ शिंदे सरकार पर विपक्ष भी हमलावर हुआ है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने इसे सरकारी तंत्र की विफलता बताया है।












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