महाराष्ट्र: मुठभेड़ में मारा गया नक्सलियों का खूंखार नेता मिलिंद तेलतुम्बड़े, 50 लाख का था इनाम
मुंबई, 14 नवंबर। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में बीते शनिवार नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। यहां एक मुठभेड़ में पुलिस ने कम से कम 26 नक्सलियों को मार गिराया, जबकि इस दौरान कुछ पुलिसवालों को भी मामलू चोटें आईं। गढ़चिरौली पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों में 20 पुरुष और 6 महिलाएं थी। इसमें सबसे बड़ी सफलता मिलिंद तेलतुम्बड़े को मारने में मिली जो शीर्ष नक्सल कमांडर और भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी था। महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने रविवार को इसकी पुष्टि की।

दिलीप वालसे पाटिल ने मीडिया को बताया कि सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। जितने भी शव बरामद हुए हैं, उनमें से कुछ की पहचान हो चुकी है, कुछ की पहचान की जानी बाकी है। दिलीप वलसे पाटिल ने पुष्टि की कि नक्सली नेता मिलिंद तेलतुम्बड़े को मुठभेड़ में शनिवार को गढ़चिरौली जिले के ग्यारापट्टी के जंगलों में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया। कुल 26 शव बरामद हुए हैं वहीं, 3 पुलिस कर्मियों को मामूली चोटें आईं और वे अस्पताल में भर्ती हैं। नक्सलियों के खूंखार नेता मिलिंद तेलतुम्बड़े पर सरकार ने 50 लाख रुपए का इनाम भी रखा था।
Recommended Video
यह भी पढ़ें: 1 करोड़ रुपये का इनामी नक्सली प्रशांत बोस गिरफ्तार, पत्नी के साथ इलाज कराने पहुंचा था अस्पताल
बता दें कि अतिरिक्त एसपी सौम्या मुंडे के नेतृत्व में सी-60 पुलिस कमांडो टीम गढ़चिरौली जिले के ग्यारापट्टी के जंगलों सर्च अभियान चला रही थी, तभी नक्सलियों ने टीम पर हमला कर दिया। तेलतुम्बड़े उर्फ जीवा, माओवादियो के सबसे वरिष्ठ पदाधिकारियों में से एक संगठन के एमएमसी क्षेत्र का विशेष क्षेत्र सचिव था। मिलिंद भीमा कोरेगांव एल्गार परिषद हिंसा मामले में भी आरोपी था, जिस मामले में उसके बड़े भाई आनंद तेलतुम्बड़े, एक प्रसिद्ध शिक्षाविद, न्यायिक हिरासत में रखे गए एक विचाराधीन हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अक्टूबर 2020 में एल्गार परिषद मामले में दायर चार्जशीट में कहा कि मिलिंद अपने बड़े भाई से माओवादी रैंक में शामिल होने के लिए प्रेरित था।












Click it and Unblock the Notifications