'यह बच्चे की बरही है क्या जो तुमको बुलाएंगे', औरंगजेब की कब्र हटाए जाने को लेकर नितेश राणे के बयान से मचा बवाल
Aurangzeb tomb Row: महाराष्ट्र में मुगल शासक औरंगजेब की कब्र हटाए जाने को लेकर सियासत गरमाई हुई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि भारतीय जनता पार्टी ही नहीं महाराष्ट्र के लोग औरंगजेब की कब्र को हटवाना चाहते हैं।
वहीं अब महाराष्ट्र सरकार के फायरब्रांड मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने औरंगजेब की कब्र को हटवाए जाने को लेकर ऐसा बयान दिया है जिसके बाद ये मामला और तूल पकड़ चुका है और महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है।

दरअसल, कोकण में जनसभा को संबोधित करते हुए नितेश राणे ने औरंगजेब की कब्र को हटाए जाने को लेकर बहुत कुछ बोला है। नितेश राणे ने कहा औरंगजेब की कब्र को लेकर हमारी सरकार के प्रमुख की भी वो ही मानसिकता है। हम तैयार बैठे हैं। उन्होंने आगे कहा औरंगजेब की कब्र को हम चुपचाप हटवा देंगे, कब्र हटाते वक्त पत्रकारों को भी नहीं बताएंगे।
"कार्यक्रम जो तय हुआ है, वो हो कर रहेगा"
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री ने कहा "जब हमने शिवाजी महाराज के किलों पर अतिक्रमण को हटाया था पहले अतिक्रमण को तोड़ा इसके बाद ब्रेकिंग न्यूज दी। मैं हिंदू समाज को ये विश्वास दिलाता हूं कि उसका (औरंगज़ेब के कब्र ) कार्यक्रम जरूर होगा, जो तय हुआ है, वह हो कर रहेगा।"
नितेश राणे ने ली चुटकी बोले- सुरक्षा जितनी बढ़ेगी उतना मजा आएगा
नितेश राणे ने आगे कहा अभी महाराष्ट्र सरकार के पांच साल है अभी तो हमारी टीम पिच पर आई है, सेंचुरी मारना है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा "सुना है औरंगजेब की कब्र की सुरक्षा बढ़ा दी गई है अच्छा है जितनी अधिक सुरक्षा बढ़ाई जाएगी, कार्यक्रम आयोजित करने में उतना ही मज़ा आएगा।"
"यह बच्चे की बरही है क्या जो तुमको बुलाएंगे"
नितेश राणे ने कहा "मेरे पत्रकार मित्र पूछते हैं कि कब्र कब निकालेंगे? कब्र को निकालने के वक्त तुमको नहीं बताएंगे। यह बच्चे की बरही है क्या जो तुमको बुलाएंगे नाम रखने के लिए... अंत में नितेश राणे ने कहा हमें महाराष्ट्र राज्य में स्वराज्य रक्षक शिवाजी महाराज की यादें चाहिए, महाराष्ट्र में स्वराज के विचार चाहिए। हमें ऐसी औरंगजेब, टीपू सुल्तान की गंदगी नहीं चाहिए।"
अचानक महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को हटाए जाने की मांग क्यों हो रही?
हिंदू जनजागृति समिति द्वारा दायर सूचना के अधिकार (आरटीआई) अनुरोध की रिपोर्ट के बाद औरंगजेब की कब्र को लेकर विवाद ने जोर पकड़ लिया। जांच से पता चला कि पुरातत्व विभाग ने 2011 से 2023 के बीच औरंगजेब की कब्र के रखरखाव के लिए लगभग 6.5 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। इस खुलासे के बाद विभिन्न समूहों के बीच बहस छेड़ दी। कुछ राजनीतिक दलों और संगठनों ने मुगल सम्राट के विश्राम स्थल के रखरखाव पर इस खर्च के औचित्य पर सवाल उठाया।
महाराष्ट्र में कहां पर है औरंगजेब की कब्र और मजार?
औरंगाबाद से 25 किलोमीटर दूर खुल्दाबाद में औरंगजेब की कब्र स्थित है। यह स्थल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के संरक्षण में है।












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