महाराष्ट्र: अमरावती में हुई तोड़फोड़ और हिंसा के बाद लगाया गया कर्फ्यू
नई दिल्ली, 13 नवंबर। महाराष्ट्र के अमरावती शहर में शनिवार की सुबह हुई हिंसा के बाद वहां कर्फ्यू लगा दिया गया है। अमरावती में सुबह सैकड़ों की भीड़ ने तोड़फोड़ की और बड़ी संख्या में दुकानों और लोगों की निजी संपत्ति को नष्ट कर दिया। जिसके बाद स्थानीय पुलिस लाठीचार्ज किया इसके बावजूद उन्हें रोक पाने में पुलिस नाकाम रही। बाद में महाराष्ट्र पुलिस ने भीड़ पर लगाम लगाने के लिए राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) की चार कंपनियों और 125 अन्य पुलिसकर्मियों को स्थिति को काबू करने के लिए भेजा।

कई समाचार चैनलों पर सुबह करीब 10 बजे दुकानों को तोड़ते हुए भीड़ को दिखाया गया। ये सब एक महिला पुलिस अधिकारी सहित पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ। स्थानीय लोगों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज की इस दौरान एक पुलिसकर्मी पर बुरी तरह हमला उन्होंने किया। सामने आए वीडियो में वो चिल्लाते हुए नजर आ रहा है। जबकि महिला अधिकारी ने अधिकारी का बचाव करते हुए उन्हें पीछे धकेलने की कोशिश की थी। न्यूज चैनलों ने कई वीडियो भी दिखाए जिनमें पुलिस भीड़ को पीछे करने और उन्हें तितर-बितर करने की असफल कोशिश कर रही है।
महाराष्ट्र पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार दोपहर कहा, हिंसा अमरावती शहर तक सीमित है और स्थिति अब नियंत्रण में है। हमने एसआरपीएफ की चार कंपनियां और 125 पुलिस कर्मियों को भेजा है और जरूरत पड़ने पर और भेजेंगे। अमरावती पुलिस के एक अधिकारी ने स्थिति तनावपूर्ण होने की पुष्टि की, लेकिन दोपहर तक नियंत्रण में आ चुकी थी लेकिन एहतियात के तौर पर कर्फ्यू लगाया गया है।
बता दें अमरावती में शुक्रवार दोपहर से हिंसा शुरू हो गई थी लेकिन आरोप है कि शनिवार की तोड़फोड़ एक राजनीतिक दल द्वारा की गई। जबकि शुक्रवार की घटना को अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने शुरू की थी। शुक्रवार को अमरावती, नांदेड़ और मालेगांव में हिंसा भड़क उठी, जहां अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ लोगों ने त्रिपुरा में अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों के खिलाफ कथित हिंसा के विरोध में बिना पुलिस की अनुमति के रैली निकाली। गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने शुक्रवार को हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया था और राज्य भाजपा ने हिंसा के विरोध में शनिवार शाम 4 बजे तक अमरावती में बंद का आह्वान किया था।












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