'एकसाथ जवाबदेही बनती है, मैं नहीं दूंगा इस्तीफा', MVA पर भी बोले महाराष्ट्र कांग्रेस चीफ नाना पटोले
Maharashtra Congress President Nana Patole: महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने सोमवार को यह स्पष्ट किया कि वे पार्टी अध्यक्ष के पद से इस्तीफा नहीं दे रहे हैं, भले ही महा विकास आघाडी (MVA) को महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा हो। उन्होंने कहा कि महाविकास अघाड़ी गठबंधन अभी भी एकजुट है।
गौरतलब है कि महायुति गठबंधन, जिसमें भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी शामिल हैं, ने विधानसभा चुनावों में 235 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। वहीं, महाविकास अघाड़ी गठबंधन, जिसमें कांग्रेस, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी शामिल हैं, केवल 49 सीटें ही जीत सका।

कांग्रेस ने 103 सीटों में से सिर्फ 16 सीटें जीतीं, और नाना पटोले, जो साकोली से उम्मीदवार थे, केवल 208 वोटों के मामूली अंतर से विजयी हुए। उल्लेखनीय है कि पटोले ने 2019 विधानसभा चुनावों में साकोली से लगभग 8,000 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी।
बीजेपी महाराष्ट्र में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई, उसने 132 सीटें जीतीं। हालांकि, महाविकास अघाड़ी गठबंधन ने भाजपा पर ईवीएम में छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।
सबकी एकसाथ जवाबदेही बनती है: नाना पटोले
नाना पटोले ने उन अटकलों को खारिज किया जिसमें कहा जा रहा था कि उन्होंने अध्यक्ष पद से अपने इस्तीफे की पेशकश की है। पटोले ने बयान जारी करते हुए कहा कि "सबकी एकसाथ जवाबदेही बनती है।" उन्होंने यह भी कहा कि महाविकास आघाडी (MVA) एकजुट है और लोग महाराष्ट्र विधानसभा के जनादेश पर संदेह जता रहे हैं। इससे पहले खबर आई थी कि नाना पटोले ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना पद छोड़ने की पेशकश की थी और जिम्मेदारी से मुक्ति की बात की थी।
अपनी सीट बमुश्किल से बचा पाए पटोले
पटोले के नेतृत्व में कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनावों में शानदार सफलता हासिल की थी। लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने महाराष्ट्र में अघाडी गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा और 17 में से 13 सीटों पर जीत हासिल की थीं। हालांकि, विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। नाना पटोले को अपने निर्वाचन क्षेत्र सकोली में कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ा, जहां वे केवल 208 वोटों के मामूली अंतर से अपनी सीट बचा सके।
महाविकास अघाड़ी का रहा था निराशाजनक प्रदर्शन
288 सदस्यीय विधानसभा में महायुति ने 233 सीटों पर जीत हासिल की, जिसमें भाजपा की 132, शिंदे शिवसेना की 57 और एनसीपी की 41 सीटें शामिल हैं। वहीं विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाडी महज 49 सीटें ही हासिल कर सका। इसमें सबसे ज्यादा सीटें उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को 20 मिलीं, जबकि कांग्रेस को 16 और शरद पवार की एनसीपी को 10 सीटें मिलीं।












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