एकनाथ शिंदे 9 अप्रैल को अयोध्या जाएंगे, महाराष्ट्र के सीएम ने 'धनुष-बाण' के बहाने दिया बड़ा संकेत
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे अपनी पार्टी के नेताओं और मंत्रियों के साथ 9 अप्रैल को अयोध्या जा रहे हैं। उनके मुताबिक उनका अयोध्या और भगवान राम के साथ पुराना नाता है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ऐलान किया है कि वे 9 अप्रैल को अपनी पार्टी के मंत्रियों, विधायकों, सांसदों और बाकी पदाधिकारियों के साथ अयोध्या जाएंगे और पूजा करेंगे। महाराष्ट्र में इस समय जिस तरह से वीर विनायक दामोदर सावरकर के नाम पर शिवसेना-बीजेपी गठबंधन उद्धव ठाकरे के गुट को घेरने की कोशिश कर रही है, उस हिसाब से सीएम शिंदे का यह ऐलान प्रदेश की राजनीति के लिहाज से बहुत अहम है। क्योंकि, अयोध्या और रामलला बाल ठाकरे के जमाने से शिवसेना की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण रहे हैं। खासकर मुख्यमंत्री ने जिस तरह से अपनी पार्टी के चुनाव चिन्ह को भगवान राम के धनुष-बाण के साथ जोड़ा है, वह प्रदेश की सियासत को और दिलचस्प बना रहा है।

9 अप्रैल को अयोध्या जाएंगे सीएम एकनाथ शिंदे
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को ऐलान किया है कि वह अयोध्या जाने वाले हैं। उन्होंने घोषणा की है कि वे 9 अप्रैल को अयोध्या जाएंगे, जहां भगवान राम का भव्य मंदिर बन रहा है। सीएम शिंदे के साथ उनकी पार्टी के नेता भी अयोध्या पहुंचेंगे और वहां पर सरयू नदी के तट पर पूजा-अर्चना भी करेंगे। मुख्यमंत्री शिंदे ने मुंबई में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान यह घोषणा की है। मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा है, '9 अप्रैल को मैं अपनी पार्टी के मंत्रियों, विधायकों, सांसदों और अन्य पदाधिकारियों के साथ अयोध्या की यात्रा पर जाऊंगा। हम सरयू नदी के किनारे पूजा भी करेंगे।' महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा है कि 'जब कार सेवा चल रही थी, तब मेरे गुरु दिवंगत आनंद दिघे ने अयोध्या में चांदी की ईंटें भेजी थीं। हम लोगों का अयोध्या और भगवान राम के साथ एक पुराना नाता है।'

चुनाव आयोग ने शिंदे की शिवसेना को दिया है 'धनुष और बाण'
इस ऐलान के बहाने महाराष्ट्र के सीएम ने एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने की भी कोशिश की है। दरअसल, इस साल पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाले शिवसेना के गुट को बहुत बड़ा झटका लगा है। चुनाव आयोग ने फरवरी में सीएम शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को ही असली शिवसेना माना है और उन्हें पार्टी का मूल चुनाव चिन्ह 'धनुष और बाण' आवंटित कर दिया है।

Recommended Video
भगवान राम के 'धनुष और बाण' से पार्टी निशान को जोड़ा
अब मुख्यमंत्री शिंदे ने अपनी पार्टी के चुनाव चिन्ह की ओर इशारा करते हुए कहा है कि 'हमने कभी भी धनुष और बाण निशान को दूसरों के खिलाफ उपयोग किए जाने वाले हथियार की तरह इस्तेमाल नहीं किया है। भगवान राम भी धनुष और बाण के साथ ही दिखते हैं, इसलिए हमें लगता है कि हमपर अच्छा प्रदर्शन करने का बहुत बड़ा उत्तरदायित्व है।' गौरतलब है कि बीजेपी के साथ नाता टूटने और एनडीए से अलग होने के बावजूद उद्धव ठाकरे और उनकी टीम ने अयोध्या मसले को हमेशा अपनी राजनीति के लिए अहमियत देने की कोशिश की है। क्योंकि, यह मसला शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के लिए भी महत्वपूर्ण था। अब मुख्यमंत्री शिंदे अपनी पार्टी के चुनाव निशान को भगवान राम के धनुष बाण से जोड़कर महाराष्ट्र की बदलती राजनीति को बड़ा संकेत देने की कोशिश कर रहे हैं।
शिंदे के लिए अयोध्या आना 'शुभ' रहा था!
खास बात ये है कि इससे पहले जब उद्धव ठाकरे के बेटे 15 जून, 2022 को अयोध्या में दर्शन के लिए पहुंचे थे, तो शिंदे भी उनके साथ थे। उसके चंद रोज बाद ही शिंदे ने उद्धव के नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी और 15 दिन बाद ही वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बन गए थे। वहीं उद्धव ठाकरे भी बीजेपी के साथ गठबंधन तोड़ने के कुछ महीने बाद अपने बेटे आदित्य ठाकरे के साथ 7 मार्च, 2020 को अयोध्या पहुंचे थे और यह संदेश देने की कोशिश की थी कि हिंदुत्व से उन्होंने मुंह नहीं मोड़ा है, जैसा कि भाजपा की ओर से दावे किया जा रहे हैं। (पहली तस्वीरे के अलावा बाकी-फाइल। इनपुट-पीटीआई)












Click it and Unblock the Notifications