Maharashtra Civic Polls के बीच Uddhav Thackeray का बड़ा हमला, बोले- बेशर्म सरकार कर रही है लोकतंत्र की हत्या
Uddhav Thackeray On Civic Polls Voting: महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 के बीच सियासी माहौल और ज्यादा गरमा गया है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयुक्त और सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने नगर निगम चुनावों में हुई देरी, मतदाता सूची की गड़बड़ियों, ईवीएम और स्याही से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए इसे 'लोकतंत्र की सरेआम हत्या' करार दिया।
मुंबई में गुरुवार, 15 जनवरी को मीडिया से बात करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव नौ साल की लंबी देरी के बाद हो रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने वर्षों तक चुनाव आयुक्त और उनका स्टाफ आखिर करता क्या रहा।

उद्धव ठाकरे ने कहा, यह सामने आना चाहिए कि चुनाव आयुक्त को तनख्वाह कैसे मिलती है। मुंबई नगर निगम के चुनाव नौ साल बाद हो रहे हैं। इन वर्षों में चुनाव आयुक्त और उनका स्टाफ क्या कर रहा था? इस देरी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।"
EVM issue Maharashtra Civic Polls: वोटिंग में कई गड़बड़ियों का आरोप
महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों को लेकर उद्धव ठाकरे ने कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य के कई हिस्सों से शिकायतें आ रही हैं।उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया, कि कई जगहों पर लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब हैं। पहली बार ऐसा हो रहा है कि मतदान में लगाई जाने वाली स्याही को साफ किया जा सकता है। पुराने ईवीएम लगाए गए हैं। यह सब जानबूझकर किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि सत्ता की लालच में सरकार हर हद पार कर रही है। सत्ता पाने की इतनी लालसा मैंने कभी नहीं देखी। यह सबसे बेशर्म सरकार है।
'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर भी हमला
उद्धव ठाकरे ने 'वन नेशन, वन इलेक्शन' के विचार को लेकर भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे देश में एक साथ चुनाव कराकर एक साथ धांधली करना चाहती है। इसीलिए ये लोग 'वन नेशन, वन इलेक्शन' चाहते हैं, ताकि पूरे देश में एक साथ गड़बड़ियां कर सकें और सत्ता पर कब्जा जमा सकें। यह सब लोकतंत्र की सरेआम हत्या है। उद्धव ठाकरे ने साफ कहा कि शिवसेना (यूबीटी) इन कथित गड़बड़ियों के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि पार्टी और जनता मिलकर विरोध प्रदर्शन करेगी।
Maharashtra Civic Polls: गठबंधन और सियासी समीकरण का गणित
इस बार स्थानीय निकाय चुनावों में सियासी समीकरण काफी दिलचस्प हैं। बीजेपी के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन ज्यादातर जगहों पर मिलकर चुनाव लड़ रहा है। हालांकि पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने शरद पवार की एनसीपी (एसपी) के साथ गठबंधन किया है। इन दोनों शहरों में दोनों एनसीपी गुट एक संयुक्त घोषणापत्र के साथ मैदान में हैं।
मुंबई और पुणे में मुख्य मुकाबला बीजेपी-नेतृत्व वाली महायुति और ठाकरे खेमे के बीच माना जा रहा है। खास बात यह है कि बीएमसी चुनाव से ठीक पहले राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने 'मराठी मानुष' यानी "सॉइल ऑफ द सॉइल" के मुद्दे पर हाथ मिलाया है। बीएमसी देश का सबसे अमीर नगर निगम माना जाता है और इस पर नियंत्रण को लेकर मुकाबला बेहद अहम हो गया है।
MC Election 2026 में कितना बदला चुनावी मैदान?
बीएमसी के पिछले चुनाव 2017 में हुए थे। वहीं पुणे नगर निगम में 2023 में एनसीपी के विभाजन के बाद बड़ा राजनीतिक फेरबदल देखने को मिला। अजित पवार ने एक बार फिर शरद पवार के साथ हाथ मिलाया और पुणे में बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ा। दूसरी ओर, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने सीट बंटवारे पर सहमति न बनने के बाद पुणे नगर निगम में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया।
महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 के बीच उद्धव ठाकरे के इन बयानों से सियासी तापमान और बढ़ गया है। अब सभी की नजरें चुनाव आयोग और सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं, साथ ही 16 जनवरी को होने वाली मतगणना पर भी, जो राज्य की शहरी राजनीति की दिशा तय करेगी।












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