Maharashtra Civic Polls: डॉ भीमराव अंबेडकर के पोते प्रकाश ने BJP के लिए कर दी बड़ी भविष्यवाणी, मचा बवाल
Maharashtra Civic Polls:महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) समेत कुल 29 महानगरपालिका के लिए वोटिंग हो रही है। लंबे इंतजार के बाद हो रहे महानगरपालिका चुनाव प्रमुख राजनीतिक दलों और नेताओं के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुका है। महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी जड़ें मजबूत करने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नजर अब BMC पर है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा हिंदुत्व के वोट बैंक को साधने और शिंदे गुट के समर्थन का पूरा लाभ उठाने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं इस सबके बीच संविधान रचयिता डॉ बी आर अंबेडकर के पोते ने भाजपा को लेकर बड़ा दावा कर दिया है।

डॉ अंबेडकर के पोते और वंचित बहुजन आघाडी (VBA) के प्रमुख, प्रकाश आंबेडकर ने गुरुवार, 15 जनवरी को महाराष्ट्र निकाय चुनावों को 'निर्णायक' करार दिया। अकोला में अपनी पत्नी अंजली आंबेडकर के साथ मतदान करने के बाद उन्होंने दावा किया कि ये चुनाव भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पिछले दस साल के प्रभुत्व को 'समाप्त' कर देंगे।
अंबेडकर ने मीडिया से बातचीत में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बीजेपी एकदलीय व्यवस्था चाहती है, किंतु जनता बहुदलीय शासन में विश्वास रखती है, और ये चुनाव इसी विरोधाभास को स्पष्ट करेंगे। उनका मानना है कि जनता ऐसे चुनावों का इंतजार कर रही थी।
वंचित बहुजन आघाडी (VBA) के प्रमुख ने यह भी अनुमान जताया कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) सहित राज्य के किसी भी नगर निकाय में कोई एक दल पूर्ण सत्ता हासिल नहीं कर पाएगा। उनकी पार्टी VBA ने मुंबई में चुनावों के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है।
"यह लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है"
आंबेडकर ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान सामने आ रही कुछ घटनाओं पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, ''चुनाव के दौरान पैसे बांटने की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन मतदाता खुद ऐसे लोगों को भगा रहे हैं। यह लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।''
29 महानगर पालिकाओं के लिए हो रहा मतदान
गौरतलब है कि 15 जनवरी को मुंबई, पुणे, नागपुर और अकोला सहित राज्य की 29 महानगर पालिकाओं में मतदान संपन्न हो रहा है। जिसमें 3.48 करोड़ मतदाताता 893 वार्डों की 2,869 सीटों पर खड़े 15,931 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य तय करेंगे।
बीएमसी चुनाव 2026
याद रहे देश के सबसे धनी निकायों में से एक बीएमसी शिवसेना के पारंपरिक गढ़ रही हैं BMC में उद्धव ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना (जिसे भाजपा का समर्थन प्राप्त है) मुख्य दावेदार हैं। बीएमसी 227 सीटों के लिए 1700 उम्मीदवार मैदान में थे, जिसका वार्षिक बजट ₹74,000 करोड़ है। मुंबई को छोड़कर, अन्य सभी शहरी निकायों में बहुसदस्यीय वार्ड प्रणाली लागू है। इन चुनावों की मतगणना 16 जनवरी को निर्धारित है।
शिवसेना के विभाजन के बाद है ये पहला बीएमसी चुनाव
ये चुनाव 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद पहले बीएमसी चुनाव हैं। अविभाजित शिवसेना ने देश के इस सबसे अमीर नगर निकाय पर 25 साल तक शासन किया था। उस साल, एकनाथ शिंदे अधिकतर विधायकों के साथ अलग हो गए और बाद में उन्हें पार्टी का नाम व चुनाव चिह्न दोनों मिल गए थे। वहीं दो दशक पहले अलग हुए चचेरे भाई उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे मराठी मतदाताओं को एकजुट करने के लिए फिर साथ आए हैं। वहीं, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रतिद्वंद्वी गुटों ने भी गठबंधन किया है।












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