Maharashtra Civic Polls Results:मराठावाड़ा में कांग्रेस का जलवा! लातूर में सबसे बड़ी पार्टी,कितनी सीटें जीतीं?
Maharashtra Municipal Corporation Election Results: महाराष्ट्र में आज शहरी राजनीति की सबसे बड़ी परीक्षा का दिन है। 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव नतीजों के लिए सुबह 10 बजे से मतगणना जारी है और शुरुआती रुझानों ने ही साफ कर दिया है कि महाराष्ट्र की सियासत का सेमीफाइनल हैं। वहीं कांग्रेस के लिए लातूर से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है।
राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर हालिया चुनावी झटकों के बीच कांग्रेस ने लातूर महानगरपालिका में मजबूत प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट बढ़त बना ली है। ताजा रुझानों के मुताबिक, कांग्रेस यहां सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती नजर आ रही है।

Latur Municipal Corporation: लातूर में कांग्रेस की मजबूत पकड़
बीएमसी चुनावों में कांग्रेस ने पहली आधिकारिक जीत दर्ज कर ली है। पार्टी की उम्मीदवार आशा दीपक काले ने वार्ड नंबर 183 से जीत हासिल की है। इसे कांग्रेस के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब पार्टी को हालिया चुनावों में लगातार झटके लगे हैं।
लातूर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 70 में से 43 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं, भाजपा 22 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही।
- कांग्रेस: 43वार्डों में बढ़त
- बीजेपी: 22 वार्डों में बढ़त
- वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA): 5 वार्डों में आगे
अन्य प्रमुख दलों जैसे AIMIM, शिवसेना (शिंदे गुट), शिवसेना (UBT), एनसीपी के दोनों गुट और अन्य दल फिलहाल खाता भी नहीं खोल पाए हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि लातूर में कांग्रेस ने चुनावी बढ़त बना ली है और नगर निगम की राजनीति में उसकी पकड़ मजबूत होती दिख रही है।
लातूर महानगरपालिका से मिल रही यह बढ़त पार्टी के लिए मनोबल बढ़ाने वाली मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मराठवाड़ा क्षेत्र में कांग्रेस का पारंपरिक जनाधार एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है।
BMC में हाई-वोल्टेज मुकाबला, महायुति आगे
देश की सबसे अमीर नगर पालिका बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में मुकाबला बेहद रोमांचक बना हुआ है। शुरुआती रुझानों के अनुसार-बीजेपी-शिवसेना (शिंदे गुट) गठबंधन बढ़त बनाए हुए है। वहीं, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की जोड़ी भी कड़ी टक्कर दे रही है। BMC को महाराष्ट्र की राजनीति की धुरी माना जाता है। यहां जीत का मतलब सिर्फ मुंबई की सत्ता नहीं, बल्कि पूरे राज्य में राजनीतिक संदेश देना होता है। यही वजह है कि सभी बड़े दलों ने यहां पूरी ताकत झोंक दी है।
29 महानगरपालिकाएं, एक बड़ा सियासी संदेश
महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं में हो रहे ये चुनाव कई मायनों में खास हैं ये चुनाव बताएंगे कि शहरी मतदाता किसके साथ हैं। महायुति सरकार के कामकाज पर जनता की सीधी मुहर या नाराजगी सामने आएगी इसके साथ ही विपक्षी दलों के लिए यह खुद को दोबारा स्थापित करने का मौका है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनावों के नतीजे आने वाले दिनों में गठबंधन की राजनीति, नेतृत्व की स्वीकार्यता और चुनावी रणनीतियों को नई दिशा देंगे।
आगे की राह क्या तय होगी?
जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ेगी, तस्वीर और साफ होती जाएगी। अगर महायुति BMC समेत बड़े नगर निगमों में बढ़त बनाए रखती है, तो इसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनकी सरकार के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता माना जाएगा। वहीं, अगर विपक्ष खासकर उद्धव-राज ठाकरे की जोड़ी या कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन करती है, तो यह सरकार के लिए चेतावनी का संकेत हो सकता है।
फिलहाल, महाराष्ट्र की सियासत की धड़कन इन नतीजों पर टिकी हुई है। आज आने वाले आंकड़े न सिर्फ नगर निगमों की सत्ता तय करेंगे, बल्कि यह भी बताएंगे कि आने वाले चुनावों में महाराष्ट्र की राजनीति किस मोड़ पर जाने वाली है।












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