महाराष्ट्र में सत्ता के लिए BJP, Congress और AIMIM आए साथ, मचा हड़कंप, भड़के सीएम फडणवीस ने दिया ये आदेश
Maharashtra Civic Poll: महाराष्ट्र की राजनीति पिछले पांच से सात वर्षों में पूरी तरह बदल गया है। राज्य में राजनीतिक समीकरणों ने कई ऐसी मिसालें पेश की हैं, जहाँ नेताओं का पाला बदलना या दलों के नए गठबंधन सामान्य हो गए हैं। कौन-सा राजनीतिक दल किसके साथ जाएगा, यह समझना अब मुश्किल है। महाराष्ट्र में नगरपालिका चुनाव में महाराष्ट्र के अंबरनाथ और अकोट नगर निकायों में भाजपा ने कांग्रेस और AIMIM के साथ गठबंधन कर सबको चौंकाया।

इस घटनाक्रम ने महायुति गठबंधन में न सिर्फ दरार डाली है, बल्कि प्रदेश की राजनीति में नैतिकता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।हालांकि मुख्यमंत्री फडणवीस ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए गठबंधन तोड़ने का आदेश दिया।
अंबरनाथ में सत्ता के लिए भाजपा-कांग्रेस का गठबंधन
बता दें अंबरनाथ नगर परिषद में भाजपा और कांग्रेस का गठबंधन रहा। इसका मुख्य उद्देश्य शिंदे गुट की शिवसेना को सत्ता से दूर रखना था। भाजपा की तेजश्री करंजुले नगर अध्यक्ष चुनी गईं, हालांकि भाजपा के पास परिषद में स्पष्ट बहुमत नहीं था। अंबरनाथ में, भाजपा के 16, कांग्रेस के 12 और अजित पवार की राकांपा के 4 पार्षदों ने मिलकर कुल 32 पार्षदों का समूह बनाया।
अकोट में सत्ता के लिए भाजपा का AIMIM का गठबंधन
वहीं दूसरा गठबंधन अकोट नगर परिषद में भाजपा ने बहुमत के लिए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (MIM) का साथ लिया, जिससे राज्य की राजनीति में खलबली मच गई। भाजपा ने 'अकोट विकास मंच' बनाया, जिसमें एमआईएम, शिंदे-ठाकरे सेना के गुट, अजित पवार की एनसीपी और बच्चू कडू की प्रहार जनशक्ति जैसे दल शामिल हैं। इसका पंजीकरण अकोला जिलाधिकारी के पास कराया गया।
भड़के सीएम फडणवीस, दिए ये आदेश
हालांकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भाजपा नेताओं को कांग्रेस और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) से स्थानीय गठबंधन को लेकर नाराजगी जताते हुए कड़ी चेतावनी दी है। फडणवीस ने कहा, फडणवीस ने ऐसे स्थानीय स्तर के गठबंधनों पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित पदाधिकारियों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा विगत माह हुए नगर निकाय चुनावों के बाद ऐसे तालमेल पार्टी अनुशासन का उल्लंघन हैं और सख्त कार्रवाई होगी।
क्या बोले फडणवीस?
फडणवीस ने इन चुनाव-बाद गठबंधनों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व ने कांग्रेस या एआईएमआईएम से किसी भी गठबंधन को मंजूरी नहीं दी है। उन्होंने कहा, "मैं यह साफ कर रहा हूं कि कांग्रेस या एआईएमआईएम के साथ किसी भी गठबंधन को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि किसी स्थानीय नेता ने अपने दम पर ऐसा कोई निर्णय लिया है, तो यह अनुशासन के लिहाज से गलत है और कार्रवाई की जाएगी।" फडणवीस ने यह भी बताया कि इन गठबंधनों को रद्द करने के निर्देश पहले ही जारी कर दिए गए हैं।
कांग्रेस ने भाजपा से गठबंधन करने वाले 12 पार्षदों को किया निलंबित
वहीं दूसरी ओर अंबरनाथ में हुए एक अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने अंबरनाथ नगर परिषद में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से गठबंधन करने वाले अपने 12 पार्षदों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, स्थानीय ब्लॉक कांग्रेस कार्यकारिणी को भी तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया गया है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि पार्टी किसी भी स्तर पर बीजेपी से गठबंधन स्वीकार्य नहीं करेगी, और ऐसे नेताओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।












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