Maharashtra Chunav: बीजेपी को क्यों बदलनी पड़ी रणनीति? महाराष्ट्र में अधिकतर सीटिंग MLA को टिकट देने का राज!
Maharashtra Election 2024: बीजेपी ने हाल ही में हुए हरियाणा विधानसभा चुनावों में करीब आधे मौजूदा विधायकों के टिकट काट लिए थे। लेकिन, महाराष्ट्र में पार्टी ने अपनी मौजूदा 99 सीटों के लिए पहली लिस्ट जारी की है, उनमें पार्टी ने करीब 80 सीटों पर सीटिंग एमएलए या उनके किसी नजदीकी रिश्तेदारों को ही टिकट दिया है। मतलब, हरियाणा में जीत के फॉर्मूले को पार्टी ने महाराष्ट्र में अपनाने से कन्नी काट ली है।
2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बीजेपी राज्य में 105 सीटों पर जीती थी। तब शिवसेना के उद्धव ठाकरे के पाला बदलने की वजह से इनके गठबंधन की सरकार नहीं बनी थी। लेकिन, पिछले करीब ढाई वर्षों से शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली सरकार है, जिसमें भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है।

महाराष्ट्र में बीजेपी ने नहीं पकड़ी हरियाणा की राह
बीते रविवार को बीजेपी ने 99 सीटिंग सीटों के लिए प्रत्याशी घोषित किए हैं, जिनमें पार्टी ने 71 मौजूदा विधायकों और करीब दस पर उनके नजीदीकी रिश्तेदारों को उतारा है। अक्टूबर में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने 40 मौजूदा विधायकों में से सिर्फ 23 को ही टिकट दिया था।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, 'गुजरात और हरियाणा में जो दिखा था, पार्टी ने उस तरह के किसी कठोर बदलाव से परहेज करने का फैसला लिया है, जहां लगभग आधे विधायकों का टिकट काट दिया गया था। सिर्फ कुछ ही विधानसभा क्षेत्रों में जहां मौजूदा विधायकों की जीत की संभावना बहुत ही मुश्किल है, वहीं पर नए चेहरे दिए जाएंगे।'
लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र में बीजेपी को हो चुका है नुकसान
बीजेपी ने महाराष्ट्र में मौजूदा विधायकों का टिकट काटने का कोई भी बड़ा जोखिम लेने से परहेज किया है तो उसके पीछे बहुत बड़ी वजह लग रही है। इस साल हुए लोकसभा चुनावों में पार्टी ने अपने करीब आधा दर्जन मौजूदा सांसदों का टिकट काट दिया था। लेकिन, उसका पार्टी को बहुत बड़ा खामियाजा उठाना पड़ गया। पार्टी राज्य की 48 में से 28 सीटों पर चुनाव लड़ी और सिर्फ 9 पर ही जीत सकी।
यही वजह है कि पार्टी विधानसभा चुनावों में कोई सख्त प्रयोग करने से पीछे हट गई है। बीजेपी की अंदरूनी जानकारी रखने वाले लोगों की मानें तो पार्टी नहीं चाहती थी कि उसे अपना ध्यान चुनाव लड़ने पर कम और बागियों से निपटने में ज्यादा लगाना पड़े। क्योंकि, महाराष्ट्र में विपक्ष हालिया लोकसभा चुनाव में महायुति गठबंधन पर बहुत भारी पड़ा था। हरियाणा में तो फिर भी बराबर वाली स्थिति रही थी।
बागियों से बचने की कोशिश में बीजेपी
महाराष्ट्र में बीजेपी कोटे के एक कैबिनेट मंत्री का कहना है, 'हम बागियों, निर्दलियों को बढ़ावा नहीं देना चाहते हैं।' बीजेपी की पहली लिस्ट जारी करते हुए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेकर बावनकुले ने कहा था, 'टिकट देने का एकमात्र मानदंड (उम्मीदवारों के) जीतने की क्षमता है।' उनके मुताबिक, 'पार्टी सामूहिक रूप से फैसला लेती है। एक व्यवस्था है, जिसे कड़ाई से क्रियान्वित किया जाता है।'
150 से ज्यादा सीटों पर लड़ना चाह रही है बीजेपी
2019 के विधानसभा चुनाव में महाराष्ट्र में बीजेपी 288 में से 164 सीटों पर लड़ी थी और उनमें से 105 पर जीती थी। तब उसका शिवसेना (संयुक्त) के साथ गठबंधन था, जो 128 सीटों पर लड़कर 56 सीटें ले पाई थी।
इस बार 20 नवंबर को होने वाले चुनाव में भाजपा 150 से ज्यादा सीटों पर लड़ना चाह रही है, जबकि अजित पवार की एनसीपी 50 से 55 और सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना 80 से 85 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है।












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