'पैरों पर खड़े रहना सीखो', महाराष्ट्र चुनाव से पहले NCP सिंबल विवाद पर SC ने अजित पवार को दिया सख्त निर्देश
Maharashtra Assembly Elections 2024: 20 नवंबर को होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट ने एनसीपी के चुनाव चिन्ह विवाद पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अजित पवार गुट को सख्त निर्देश दिया कि वे अपने अभियान में शरद पवार की तस्वीरों, वीडियो का उपयोग न करें।
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले के आदेश में दोनों गुटों को मतदाताओं में भ्रम की स्थिति को रोकने के लिए अलग-अलग पहचान बनाए रखने की हिदायत दी थी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट जज ने मतदाताओं की बुद्धि पर भरोसा करते हुए कहा कि मतदाता इस बारे में जानकार हैं कि उन्हें किसे वोट देना है।

अपने पैरों पर खड़ा होना सीखें
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने एनसीपी प्रमुख अजित पवार से कहा "अब जब आपका शरद पवार से वैचारिक मतभेद है तो अपने पैरों पर खड़ा होना सीखें। एक बार जब आप शरद पवार से अलग हो जाते हैं तो आपको उनके नाम, फोटो या वीडियो का उपयोग नहीं करना चाहिए।
कोर्ट बोली- वोटर्स जानते हैं किसे वोट देना है
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर अगली सुनवाई 19 नवंबर को करने की बात बताते हुए कहा कि मतदाताओं की बुद्धिमत्ता पर पूरा भरोसा है जो जानते हैं कि किसे वोट देना है, लेकिन अदालत ने समान अवसर को नष्ट करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल को छूट नहीं दी।
दोनों गुटों को वोटर्स को योजनाएं बताने पर फोकस करना चाहिए
सुप्रीम कोर्ट की पीठ की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां ने इस बात पर जोर दिया कि महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार में दोनों गुटों को मतदाताओं के सामने अपनी विचारधारा और योजनाएं पेश करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
शरद पवार के वकील ने अजित पवार पर लगाया था ये आरोप
बता दें शरद पवार की एनसीपी के सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में बताया कि शरद पवार के भतीजे अजित पवार अभी भी चाचार की सद्दाभावना पर निर्भर है। उन्होंने बताया अजित पवार की एसीपी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन चुनाव प्रचार में नहीं कर रही है।
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