Ganesh Festival 2024: लातूर में डीजे-मुक्त गणेश उत्सव कराने की मांग
Ganesh Festival 2024: महाराष्ट्र के लातूर में विभिन्न सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने पुलिस से आगामी गणेश उत्सव के दौरान डीजे और डॉल्बी साउंड सिस्टम की अनुमति न देने का आग्रह किया है।
कई गणेश मंडलों, डॉक्टरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा समर्थित इस पहल का उद्देश्य अत्यधिक शोर के हानिकारक प्रभावों को कम करने के लिए लातूर शहर को "डीजे-मुक्त" बनाना है।

ध्वनि प्रदूषण पर चिंताएँ
सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत देशमुख ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस मुद्दे को उजागर किया। उन्होंने बताया कि जुलूस और त्यौहारों के दौरान डीजे से निकलने वाला तेज़ और विघटनकारी संगीत एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है।
उन्होंने कहा, "शहर में स्थानीय जुलूसों और समारोहों के दौरान डीजे और डॉल्बी साउंड सिस्टम के बढ़ते इस्तेमाल ने बड़ी चिंता पैदा कर दी है। इसलिए, पुलिस को एक आवेदन प्रस्तुत करके अनुरोध किया गया है कि वे ऐसे साउंड सिस्टम के लिए परमिट न दें।"
डॉ. आनंद गोरे ने पिछले चार सालों में सुनने की क्षमता में कमी के मामलों में हुई खतरनाक वृद्धि की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने इस प्रवृत्ति के लिए डीजे, डॉल्बी सिस्टम और यहां तक कि हेडफोन से होने वाले अत्यधिक शोर को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "मानव कान केवल 80 डेसिबल तक की ध्वनि को ही सहन कर सकते हैं, जिसके बाद सुनने की क्षमता में कमी का जोखिम काफी बढ़ जाता है।"
तेज़ आवाज़ में संगीत बजाने से होने वाले स्वास्थ्य जोखिम
डॉ. रमेश भारते ने डीजे और डॉल्बी सिस्टम से निकलने वाले तेज़ संगीत के दुष्प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के शोर से दिल का दौरा पड़ सकता है और हृदय गति बढ़ सकती है, इसलिए सख्त नियम लागू करना ज़रूरी है।












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