'माफी नहीं मांगूंगा, जब तक...', गद्दार टिप्पणी के बाद कुणाल कामरा क्या बोले, पैसे लेने के आरोप पर भी दिया जवाब
Kunal Kamra Row: मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा हमेशा अपने बेबाक और तीखे राजनीतिक व्यंग्यों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन इस बार उनका एक बयान उन्हें मुश्किल में डाल सकता है। अपने नए यूट्यूब स्पेशल शो 'नया भारत' में कामरा ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे को 'गद्दार' कहा, जिससे सियासी भूचाल आ गया।
शिंदे समर्थकों ने उनके इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई और शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मुंबई पुलिस ने कामरा की लोकेशन ट्रैक करना शुरू कर दिया। उधर युवा सेना के कार्यकर्ताओं ने उस स्टूडियो में तोड़फोड़ भी की जहां इस शो की शूटिंग हुई थी।

इस बीच, खबर आई कि कामरा फिलहाल तमिलनाडु में हैं और वहीं से उन्होंने मुंबई पुलिस को जवाब दिया। लेकिन जिस जवाब की उम्मीद पुलिस कर रही थी, वह नहीं मिला। कामरा ने साफ कर दिया कि उन्हें अपने बयान पर कोई पछतावा नहीं है और वे माफी भी नहीं मांगेंगे, जब तक कि कोर्ट का आदेश न आ जाए। उनका यह रुख इस पूरे विवाद को और ज्यादा तूल दे सकता है।
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क्या कहा था कुणाल कामरा ने?
कुणाल कामरा ने अपने कॉमेडी शो 'नया भारत' में एक लोकप्रिय बॉलीवुड गाने की पैरोडी बनाकर 2022 में एकनाथ शिंदे की उद्धव ठाकरे से बगावत पर कटाक्ष किया था। शो मुंबई के खार इलाके में स्थित हैबिटेट स्टूडियो में रिकॉर्ड किया गया था।
कामरा ने शिंदे के उस फैसले पर व्यंग्य किया, जब उन्होंने उद्धव ठाकरे से अलग होकर अपनी खुद की शिवसेना बना ली थी। इस पैरोडी के जरिए उन्होंने शिंदे को 'गद्दार' बताया, जिसे शिंदे गुट ने अपनी छवि खराब करने की साजिश बताया।
मुंबई पुलिस से क्या बोले कामरा?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जैसे ही मुंबई पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू की, तो कामरा ने खुद ही उनसे संपर्क किया। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, कामरा ने तमिलनाडु से मुंबई पुलिस को स्पष्ट जवाब दिया कि वे माफी नहीं मांगेंगे, जब तक कि कोर्ट का आदेश नहीं आता।
इतना ही नहीं, कामरा ने यह भी कहा कि अगर पुलिस चाहे तो उनकी वित्तीय जांच कर सकती है ताकि यह साबित किया जा सके कि उन्हें किसी भी विपक्षी दल से पैसे नहीं मिले हैं। शिवसेना नेताओं ने उन पर आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र की विपक्षी पार्टियों ने उन्हें पैसे देकर एकनाथ शिंदे की छवि खराब करने के लिए हायर किया है।
'आजादी के नाम पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं'
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "हम अभिव्यक्ति की आजादी का सम्मान करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई भी लापरवाही से किसी का भी अपमान करे।"
फडणवीस ने यह भी कहा कि 2024 के विधानसभा चुनावों ने यह तय कर दिया है कि असली 'गद्दार' कौन है और असली 'खुद्दार' कौन।
उन्होंने आगे कहा, "लोगों को कॉमेडी और व्यंग्य की आजादी है, लेकिन किसी व्यक्ति को जानबूझकर अपमानित करने की छूट नहीं है। कुणाल कामरा ने संविधान की लाल किताब दिखाकर अपने बयान को सही ठहराने की कोशिश की, लेकिन यह संविधान की भावना के खिलाफ है।"
अब आगे क्या होगा?
यह मामला अब और गंभीर होता दिख रहा है। मुंबई पुलिस की जांच जारी है और यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कामरा के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई होती है या नहीं। वहीं, दूसरी तरफ, कामरा अपने बयान पर अडिग हैं और किसी भी दबाव में झुकने को तैयार नहीं हैं।
क्या यह मामला सिर्फ एक कॉमेडियन की 'अभिव्यक्ति की आजादी' से जुड़ा है या फिर यह सच में किसी की छवि खराब करने की साजिश थी? आने वाले दिनों में इस पर सियासी हलचल और तेज हो सकती है।
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