Ketan Agrawal Case: 'प्यार,प्लानिंग और लोहागढ़', क्यों बना ऐतिहासिक किला हत्या की साजिश का अड्डा?
Ketan Agrawal Case: पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस ने महाराष्ट्र समेत पूरे भारत में हड़कंप मचा दिया है, लोगों को अब भी भरोसा नहीं हो रहा है कि एक 20 साल की मासूम सी दिखने वाली सुंदर सी लड़की इतनी घिनौनी साजिश रच सकती है। आपको बता दें इस वारदात के कारण पूरे देश में एक नाम काफी चर्चित हो गया है और वो है 'लोहागढ़ किला'।
जिसकी पहाड़ी से केतन अग्रवाल को उसकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर खाई में धक्का दिया था और इस पूरे घटनाक्रम को हादसे की शक्ल देने की कोशिश की थी।

केतन-सिया और चेतन से जुड़ी अब तक जो भी खबरें सामने आई हैं, वो किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म जैसी लगती है। कुछ ही महीनों में जिस लड़के के साथ सिया की शादी होने वाली थी, वह अचानक उसकी जान की दुश्मन क्यों बन बैठी? यह सवाल आज हर किसी के मन में घूम रहा है, अगर उससे वो शादी नहीं करना चाहती थी तो साफ-साफ घरवालों से या खुद केतन से शादी के लिए मना कर सकती थी लेकिन उसे मारने की साजिश क्यों रची और उसने 'लोहागढ़' को ही मर्डर प्लेस क्यों चुना?

लोहागढ़ किला ही क्यों? साजिश का खतरनाक भूगोल
आपको बता दें कि लोनावला हिल स्टेशन के पास और पुणे से 52 किमी उत्तर-पश्चिम में स्थित, लोहागढ़ किला समुद्र तल से 3,389 फीट की ऊंचाई पर है। यह किला एक छोटी पर्वत-श्रेणी के ज़रिए पास के विसापुर किले से जुड़ा हुआ है। यह किला पहले लोहतामिया साम्राज्य और फिर मुगल साम्राज्य के अधीन रहा है। इसे 'आयरन फोर्ट' भी कहते है क्योंकि इसकी मजबूत दीवारें दुश्मनों को इसके अंदर घुसने नहीं देती थी।
ट्रेकर्स के बीच काफी लोकप्रिय है लोहागढ़ का ट्रैक
लोहागढ़ का ट्रैक अपेक्षाकृत आसान माना जाता है इसलिए ट्रेकर्स और परिवारों के बीच काफी लोकप्रिय है। मानसून के दौरान यहां हरियाली, झरने और बादलों का अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है। इंडिया टूडे की खबर के मुताबिक पुलिस भी इस सवाल का जवाब खोज रही है कि आखिर सिया ने केतन को मारने के लिए लोहागढ़ को क्योॆ चुना? वो बार-बार जब केतन से यहां आने की जिद करती थी तो केतन या उसकी फैमिली ने उससे इस बारे में सवाल क्यों नहीं किया?

'पर्यटकों की संख्या काफी कम रहती है'
मालूम हो कि इस ऐतिहासिक किले तक जाने वाले कई रास्ते हैं और कुछ बहुत सूनसान भी हैं, गर्मियों और मानसून की शुरुआत से पहले यहां पर पर्यटकों की संख्या काफी कम रहती है, हो सकता है कि सिया-चेतन ने इसी सूनेपन का फायदा उठाने के लिए लोहागढ़ को केतन के मर्डर के लिए चुना हो?
'केतन को पहाड़ी से धक्का दिया, फिर गढ़ी सांप वाली कहानी'
केतन और सिया पहली बार 31 मई को लोहागढ़ घूमने गए थे। इसके बाद 5 जून को फिर से वहां जाने का प्लान बना, लेकिन वह सफल नहीं हुआ क्योंकि केतन की मां ने उसे वहां जाने से रोका था, इसके बाद 14 जून को केतन और सिया दोबारा लोहागढ़ किला घूमने के गए थे। पुलिस का का दावा है कि सिया ने उस दिन भी केतन को पहाड़ी के एक ऊंचे किनारे से धक्का दिया था। हालांकि, किस्मत अच्छी थी कि गिरते समय केतन का शरीर एक पेड़ में फंस गया और उसकी जान बच गई और सिया ने उसे ये कहा था कि 'झाड़ियों में उसे सांप दिखा था इसलिए उसने उसे बचाने के लिए धक्का दिया था।'

'18 जून को केतन की खाई में गिरने की खबर आई'
इसके बाद आई 18 जून की वह काली तारीख, जब केतन की जिंदगी हमेशा के लिए खत्म हो गई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सिया के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर केतन को बुलाया गया था। सिया ने फोन कर केतन के परिवार से जन्मदिन मनाने की इजाजत मांगी थी। परिवार ने केतन को सहर्ष जाने दिया, बिना यह जाने कि यह उनकी आखिरी मुलाकात होगी। 18 जून को केतन की खाई में गिरने की खबर आई और सिया ने कहा कि वो 'फोटो क्लिक कर रहा था, जिसमें उसका पैर फिसल गया और वो खाई में गिर गया।'
सीसीटीवी और किले के गेटकीपर ने खोला आरोपियों का राज
पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने जब जांच शुरू हुई, तो कई कड़ियां आपस में मेल नहीं खा रही थीं। केतन एक कुशल और अनुभवी ट्रेकर था, इसलिए उसका पैर फिसलना पुलिस को ठीक नहीं लगा। इसके बाद जब पुलिस ने किले के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो उसमें साजिश की सारी परतें खुलती चली गईं।
किले के गेटकीपर धीरज जाधव ने खोला राज
फुटेज में भरी गर्मी भरी में एक युवक हूडी और चेहरा ढके हुए नजर आया। वह शख्स कोई और नहीं बल्कि सिया का दोस्त चेतन चौधरी था। किले के गेटकीपर धीरज जाधव ने भी पुलिस को बताया कि 'उस व्यक्ति ने खुद को एथलीट बताकर टिकट लेने से मना कर दिया था और सीधे किले की ओर बढ़ गया था।'
29 जून तक पुलिस रिमांड में सिया-चेतन
इस घटना के तुरंत बाद सिया ने खुद को बेकसूर दिखाने के लिए सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखकर विलाप का नाटक भी किया था। हालांकि, अदालत ने सबूतों के आधार पर सिया गोयल और चेतन चौधरी को 29 जून तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है।














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