'पीएम के सामने क्यों मजबूर हैं चंपत राय?', राम मंदिर ट्रस्ट के पुराने विवाद पर केजरीवाल ने दागे तीखे सवाल

Kejriwal Questions PMO Inquiry: अयोध्या के श्रीराम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पुराने आरोप एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। इस बार बहस की वजह एक पुरानी खबर और उस पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया बनी है। खबर में दावा किया गया था कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने राम मंदिर ट्रस्ट से चंदे और वित्तीय लेनदेन का पूरा ब्योरा मांगा था।

बताया गया कि जिला प्रशासन ने पीएमओ के पत्र को ट्रस्ट तक पहुंचाया, लेकिन ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने जांच का हवाला देते हुए जानकारी देने से इनकार कर दिया। इसी खबर को साझा करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कई सवाल उठाए हैं। उनके बयान के बाद एक बार फिर मंदिर ट्रस्ट, चंदे और जांच को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

Arvind Kejriwal

क्या था पूरा मामला?

सामने आई खबर के अनुसार, अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे और जमीन खरीद से जुड़े आरोपों के बीच प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्रस्ट से वित्तीय जानकारी मांगी थी। बताया गया कि पीएमओ की ओर से भेजे गए पत्र के आधार पर जिला प्रशासन ने ट्रस्ट से पूरा ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा था। हालांकि, खबर में दावा किया गया कि ट्रस्ट की ओर से यह जानकारी नहीं दी गई।

चंपत राय ने क्या कहा था?

रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने वित्तीय दस्तावेज देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि मामला पहले से जांच के दायरे में है। इसी कारण अलग से जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा सकती।

अरविंद केजरीवाल ने उठाए सवाल

इस खबर को दोबारा साझा करते हुए अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि चंपत राय द्वारा प्रधानमंत्री को हिसाब देने से इनकार करना कई सवाल खड़े करता है। केजरीवाल ने अपने पोस्ट में पूछा कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि चंपत राय इतनी मजबूती से जवाब दे पा रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या कोई ऐसी जानकारी है जिसकी वजह से प्रधानमंत्री भी उनके सामने मजबूर दिखाई देते हैं।

SIT जांच पर भी साधा निशाना

अपने बयान में केजरीवाल ने विशेष जांच दल (SIT) की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसी छोटे कर्मचारियों को बुलाकर पूछताछ कर रही है, जबकि असली सवालों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। उनके अनुसार, इस तरह की कार्रवाई से लोगों का ध्यान मुख्य मुद्दों से हटाया जा रहा है।

पहले भी लग चुके हैं आरोप

राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े जमीन खरीद और चंदे के मामलों को लेकर पहले भी विपक्षी दल सवाल उठाते रहे हैं। विपक्ष का आरोप रहा है कि कुछ जमीन सौदों में अनियमितताएं हुईं। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से इन आरोपों को पहले भी खारिज किया जाता रहा है और कहा जाता रहा है कि सभी लेनदेन नियमों के तहत किए गए हैं।

फिर चर्चा में आया पुराना विवाद

केजरीवाल के ताजा बयान के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस मुद्दे पर अलग-अलग राय रख रहे हैं। वहीं, ट्रस्ट से जुड़े पुराने आरोप, जांच और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+