Rajnath Singh के छोटे बेटे Neeraj Singh कौन हैं? कार्यकर्ता से बनें UP BJP उपाध्यक्ष, क्या करती है छोटी बहू?
Rajnath Singh Son Neeraj Singh UP BJP Vice President: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सभी दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। इसी बीच, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने गुरुवार (25 जून) को अपनी नई टीम का ऐलान किया। इसमें 64 पदाधिकारियों की लिस्ट जारी होते ही, सुर्खियों में छा गए- नीरज सिंह। इन्हें बीजेपी ने यूपी का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के छोटे बेटे नीरज को 24 साल के समर्पण के बाद एक मजबूत पद मिला। इसी के साथ ही, अब नीरज का यूपी की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। बड़े भाई पंकज सिंह (नोएडा विधायक और पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष) के बाद अब परिवार का दूसरा सदस्य भी संगठन की कमान संभालने जा रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि कौन हैं नीरज सिंह? पत्नी कौन? सियासी सफर...

Who Is Neeraj Singh: कौन हैं नीरज सिंह?
नीरज सिंह राजनाथ सिंह और सावित्री सिंह के छोटे पुत्र हैं। परिवार में दो बेटे (पंकज और नीरज) और एक बेटी अनामिका हैं। राजनाथ सिंह की साधारण किसान परिवार से शुरू हुई राजनीतिक यात्रा अब अगली पीढ़ी तक पहुंच चुकी है।

नीरज सिंह ने ब्रिटेन की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से उच्च शिक्षा प्राप्त की। उन्हें डॉ. नीरज सिंह भी कहा जाता है। विदेशी शिक्षा के बावजूद उन्होंने भारत लौटकर जमीनी राजनीति और संगठनात्मक काम को चुना। यह फैसला उनके पिता की छवि, 'शिक्षित लेकिन जड़ों से जुड़े' से मेल खाता है। वे लखनऊ में रहते हैं और अवध क्षेत्र (खासकर लखनऊ, बाराबंकी) में सक्रिय रहते हैं।
Neeraj Singh Political Career: 2002 से 2026 तक का 24 साल का समर्पण
नीरज सिंह ने 2002 में हैदरगढ़ विधानसभा (बाराबंकी) चुनाव प्रचार से राजनीतिक सफर शुरू किया। तब वे एक साधारण कार्यकर्ता थे। 24 साल बाद आज वे यूपी भाजपा के उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने 25 जून को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि 24 सालों का अटूट विश्वास, समर्पण और सेवा का सफर... पद और प्रतिष्ठा से ऊपर उठकर एक कार्यकर्ता के रूप में संगठन के लिए कार्य करना मेरे लिए गर्व और सौभाग्य का विषय है।

मुख्य योगदान:
- सदस्यता अभियान: अक्टूबर 2024 में उन्हें यूपी भाजपा का पहला 'सक्रिय सदस्य' बनाया गया। प्रत्येक विधानसभा में कम से कम 50 नए सदस्य जोड़ने का लक्ष्य पूरा किया।
- NaMo ऐप और विकसित भारत एंबेसडर: मार्च 2024 में एक सप्ताह में 50,000 से ज्यादा नए एंबेसडर जोड़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि की सराहना की।
- अवध क्षेत्र: लखनऊ और आसपास के इलाकों में पिता के निर्वाचन क्षेत्र में संगठनात्मक काम संभाला। सदस्यता अभियान के सह-आयोजक रहे।
- 2027 की तैयारी: उनकी नियुक्ति अवध क्षेत्र में भाजपा को मजबूत करने का संकेत है।
वे अक्सर पिता राजनाथ सिंह की गैरमौजूदगी में कार्यक्रमों में प्रतिनिधित्व करते रहे हैं।
Neeraj Singh Hobbies: खेल प्रेमी और बहुमुखी व्यक्तित्व

नीरज सिंह सिर्फ राजनेता नहीं, बल्कि बैडमिंटन खिलाड़ी भी हैं। 2023 में ऑल इंडिया मास्टर्स बैडमिंटन चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। यह उनका राष्ट्रीय स्तर पर पहला बड़ा प्रदर्शन था। खेल के प्रति लगाव उनकी फिटनेस और अनुशासन को दर्शाता है, जो युवा कार्यकर्ताओं के बीच उनकी लोकप्रियता बढ़ाता है।
सामाजिक कार्य और COVID काल में अहम योगदान
नीरज सिंह ने राजनीति को सेवा से जोड़ा
- कोविड-19 के दौरान अटल स्वास्थ्य मेले आयोजित किए, मास्क-सैनिटाइजर वितरित किए।
- लखनऊ में रोजगार मेले चलाए, जिसमें 25,000 से ज्यादा युवाओं को लाभ मिला।
- स्वच्छ भारत मिशन, युवा सशक्तिकरण और विभिन्न सामाजिक अभियानों में सक्रिय।
- FICCI युवा लीडर्स फोरम (UP चैप्टर) से जुड़े रहे।
वे 'डबल इंजन सरकार' के मॉडल को जमीनी स्तर पर लागू करने वाले चेहरे के रूप में उभरे हैं। जहां पिता रक्षा और राष्ट्रीय स्तर पर योगदान दे रहे हैं, वहीं बेटा युवा और स्थानीय विकास पर फोकस कर रहा है।
Who Is Neeraj Singh Wife: कौन है नीरज की पत्नी नीलम? राजनाथ सिंह की छोटी बहू?

नीरज सिंह की शादी राजनाथ सिंह परिवार की रिश्तेदारी में हुई। राजनाथ सिंह के भतीजे प्रभात सिंह (जिनका 11-12 जून 2026 में निधन हुआ) की बुआ की बेटी नीलम सिंह (Neelam Singh) से उनका विवाह हुआ। छोटी बहू घरेलू महिला (Housewife) हैं। उनका नाम और फोटो सार्वजनिक रूप से ज्यादा नहीं दिखाया जाता। परिवार सादगी और निजता बनाए रखने के लिए जाना जाता है। बड़े भाई पंकज सिंह की पत्नी सुषमा सिंह राष्ट्रीय स्तर की शूटर और कोच हैं। परिवार की तीन पीढ़ियां राजनीति में सक्रिय हैं।
कार्यकर्ता से उपाध्यक्ष तक
नीरज सिंह की कहानी राजनीतिक परिवार की अगली पीढ़ी का उदाहरण है। विदेशी शिक्षा, खेल, डिजिटल अभियान, जमीनी संघर्ष और अब संगठनात्मक जिम्मेदारी। राजनाथ सिंह की सादगी और अनुशासन की छाप उन पर साफ दिखती है। 2027 का चुनाव उनके लिए परीक्षा का समय होगा। क्या वे पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए खुद की अलग पहचान बना पाएंगे? क्या अवध क्षेत्र में भाजपा का प्रदर्शन सुधारेंगे?













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