UP BJP की नई टीम में कितने ब्राह्मण, ठाकुर, OBC और दलित? योगी का जाति समीकरण देख, विपक्ष की बढ़ेगी टेंशन!
UP BJP New Team Caste Equation: उत्तर प्रदेश में चुनावी शंखनाद से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी संगठन के नए टीम बना ली है। यूपी भाजपा की नई टीम में कुल 64 पदाधिकारियों के नामों का ऐलान किया गया है। इनमें से 52 चेहरों को मुख्य प्रदेश कार्यकारिणी में जगह मिली है, जिसमें 19 उपाध्यक्ष, 19 मंत्री, 8 महामंत्री और 6 मोर्चा अध्यक्ष शामिल हैं।
इस नई फेहरिस्त को गहराई से देखें तो साफ पता चलता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय नेतृत्व ने मिलकर एक ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया है, जो समाजवादी पार्टी के 'PDA' यानी पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक फॉर्मूले को सीधे टक्कर दे रहा है। बीजेपी ने अपनी इस नई पलटन में पिछड़ों को सबसे बड़ी हिस्सेदारी देकर विपक्ष के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। ऐसे में आइए समझते हैं UP BJP की नई टीम के जाति समीकरण के बारे में।

UP BJP की नई टीम में कितने ब्राह्मण, ठाकुर और OBC?
बीजेपी की इस नई टीम में सबसे बड़ा उलटफेर जातियों के आंकड़ों में हुआ है। पार्टी ने इस बार सोशल इंजीनियरिंग का एक नया मॉडल पेश किया है।
- ओबीसी (OBC): पिछली टीम के मुकाबले इस बार अन्य पिछड़ा वर्ग के चेहरों को सबसे ज्यादा तवज्जो मिली है। पिछली कार्यकारिणी में जहां सिर्फ 16 ओबीसी नेता थे, वहीं इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 25 हो गया है। खुद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी ओबीसी की कुर्मी बिरादरी से आते हैं। पश्चिम क्षेत्र के अध्यक्ष नवाब सिंह नागर गुर्जर है, ब्रज क्षेत्र की कमान पूरन लाल लोधी को मिली है, कानपुर क्षेत्र के अध्यक्ष राम किशोर साहू हैं, काशी क्षेत्र के अध्यक्ष अशोक चौरसिया हैं। कुल 19 उपाध्यक्ष बनाए गए हैं, इसमें से सत्यपाल सैनी, पूजा पाल, दुर्विजय शाक्य, देवेश कोरी, सुरेश मौर्य, राजेश यादव OBC से हैं। 8 महामंत्रियों की सूची में भी 4 ओबीसी वर्ग के हैं।
- राजपूत और ब्राह्मणों का नया गणित: पार्टी ने अपने कोर सवर्ण वोट बैंक को भी साधे रखा है, लेकिन कुछ नए बदलावों के साथ। इस बार ठाकुर (राजपूत) नेताओं की संख्या 7 से घटाकर 6 कर दी गई है। वहीं ब्राह्मण चेहरों की संख्या भी 8 से कम करके 7 की गई है। अवध के क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी हैं। जो ब्राह्मण हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) उत्तर प्रदेश के नए प्रदेशाध्यक्ष रोहित मिश्रा बनाए गए हैं, जो ब्राह्मण हैं। उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, राजनाथ सिंह के छोटे बेटे नीरज सिंह, रमेश सिंह, कामेश्वर सिंह, रामप्रताप सिंह चौहान और शिवभूषण सिंह ठाकुर (राजपूत) हैं।
- बाकी सवर्ण जातियां: इनके अलावा सवर्ण कोटे से 4 भूमिहार, 3 वैश्य और 1 श्रीवास्तव को टीम का हिस्सा बनाया गया है। कुल मिलाकर सामान्य वर्ग के 21 चेहरों को प्रदेश की मुख्य टीम में जगह मिली है। गोरखपुर क्षेत्र की कमान विनोद राय को मिली है, जो भूमिहार हैं। अवधेश श्रीवास्तव मंत्री बनाए गए हैं।
- दलित और आदिवासी समाज: दलितों (SC) को साधने के लिए 7 नेताओं को मुख्य पदों पर बैठाया गया है। वहीं आदिवासी (ST) समाज से आईआईएम लखनऊ के पढ़े-लिखे इंजीनियर विद्याभूषण गोंड को एसटी मोर्चा का मुखिया बनाकर बड़ा दांव खेला गया है।
6 इलाकों के 'क्षेत्रीय अध्यक्ष' और अखिलेश के PDA की काट का गणित भी समझ लीजिए
उत्तर प्रदेश में भाजपा का संगठन कुल 6 बड़े हिस्सों (क्षेत्रों) में बंटा हुआ है। पार्टी ने इन छह क्षेत्रों के अध्यक्षों को पूरी तरह बदल दिया है और यहां भी पिछड़ा कार्ड खुलकर खेला है।
- पश्चिम क्षेत्र: गुर्जर बिरादरी के बड़े नेता नवाब सिंह नागर को कमान मिली है।
- ब्रज क्षेत्र: पूरन लाल लोधी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- कानपुर क्षेत्र: राम किशोर साहू को नया अध्यक्ष बनाया गया है।
- काशी क्षेत्र: अशोक चौरसिया को कमान दी गई है।
- (यानी 6 में से 4 प्रमुख क्षेत्रों की कमान सीधे तौर पर ओबीसी चेहरों के हाथों में सौंप दी गई है।)
- अवध क्षेत्र: यहां ब्राह्मण समाज से आने वाले अवधेश द्विवेदी को जिम्मेदारी मिली है।
- गोरखपुर क्षेत्र: इस इलाके की बागडोर भूमिहार समाज के विनोद राय संभालेंगे।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव अक्सर पिछड़े और दलितों की राजनीति की बात करते हैं। उनके इसी नैरेटिव को कमजोर करने के लिए बीजेपी ने संगठन के 8 महामंत्रियों में से 4 पद अकेले ओबीसी नेताओं को दे दिए हैं। इसके साथ ही 19 उपाध्यक्षों में सत्यपाल सैनी, पूजा पाल, दुर्विजय शाक्य, देवेश कोरी, सुरेश मौर्य और राजेश यादव जैसे कद्दावर पिछड़े नेताओं को आगे कर दिया है।
राजनाथ सिंह के छोटे बेटे से लेकर अमित शाह के PA तक, किन नए नामों की हुई एंट्री?
इस नई टीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पार्टी ने बहुत कम पुराने चेहरों को रिपीट किया है। 52 सदस्यों की टीम में से सिर्फ 7 पुराने नेताओं को दोबारा मौका मिला है, जबकि 15 बिल्कुल नए चेहरों को टीम में एंट्री देकर सबको चौंका दिया गया है।
पूजा पाल: समाजवादी पार्टी से बगावत करने वालीं विधायक पूजा पाल को सीधे प्रदेश उपाध्यक्ष की बड़ी कुर्सी दी गई है। प्रयागराज, कौशांबी और प्रतापगढ़ जैसे जिलों में पाल समाज का अच्छा-खासा वोट बैंक है। राजू पाल हत्याकांड से जुड़ी सहानुभूति और पाल समाज के बीच उनकी पकड़ का फायदा सीधे बीजेपी को मिलना तय है।
नीरज सिंह: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के छोटे बेटे नीरज सिंह की अब यूपी की राजनीति में आधिकारिक तौर पर धमाकेदार एंट्री हो गई है। उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। इससे पहले उनके बड़े भाई पंकज सिंह लंबे समय से इस पद पर थे, जिन्हें अब चुनावी मैदान के लिए फ्री किया गया है।
डॉ. रोहित मिश्रा: युवा मोर्चा की कमान प्रतापगढ़ के रहने वाले और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष डॉ. रोहित मिश्रा को दी गई है, जो लंबे समय तक एबीवीपी में सक्रिय रहे हैं।
अमित शाह के पीए और पत्रकार भी रेस में आगे: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पीए अंकुर शर्मा और वरिष्ठ पत्रकार यतेंद्र शर्मा को भी प्रदेश मंत्री बनाकर संगठन में काम करने का मौका दिया गया है। वहीं मांट सीट से विधायक राजेश चौधरी को प्रदेश महामंत्री की अहम जिम्मेदारी मिली है।
अब देखिए यूपी बीजेपी संगठन की पूरी सूची
यूपी भाजपा के उपाध्यक्षों की सूची (UP BJP Vice Presidents List)
| क्रमांक | नाम | पद |
|---|---|---|
| 1 | सुरेश राणा | उपाध्यक्ष |
| 2 | सत्यपाल सैनी | उपाध्यक्ष |
| 3 | ब्रज बहादुर | उपाध्यक्ष |
| 4 | डॉ. धर्मेंद्र सिंह | उपाध्यक्ष |
| 5 | मोहित बेनीवाल | उपाध्यक्ष |
| 6 | देवेश कोरी | उपाध्यक्ष |
| 7 | प्रियंका रावत | उपाध्यक्ष |
| 8 | दुर्गविजय शाक्य | उपाध्यक्ष |
| 9 | राकेश सिंह | उपाध्यक्ष |
| 10 | नीरज सिंह | उपाध्यक्ष |
| 11 | अर्चना मिश्रा | उपाध्यक्ष |
| 12 | पूजा पाल | उपाध्यक्ष |
| 13 | शंकर गिरी | उपाध्यक्ष |
| 14 | कामेश्वर सिंह | उपाध्यक्ष |
| 15 | डॉ. कृतिका अग्रवाल | उपाध्यक्ष |
| 16 | सुरेश मौर्य | उपाध्यक्ष |
| 17 | राजोर यादव | उपाध्यक्ष |
| 18 | कृष्ण बिहारी राय | उपाध्यक्ष |
| 19 | आलोक गुप्ता | उपाध्यक्ष |
यूपी भाजपा के महासचिवों की सूची (UP BJP General Secretaries)
| नाम | पद |
|---|---|
| राजपाल सिंह चौहान | महासचिव |
| गीता शाक्य | महासचिव |
| अभिजात मिश्रा | महासचिव |
| उपेंद्र रावत | महासचिव |
| सुभाष राय | महासचिव |
| शंकर चौधरी | महासचिव |
| दिलीप पटेल | महासचिव |
| राजेश चौधरी | महासचिव |
| नाम | पद |
|---|---|
| विजय शिवहरे | मंत्री |
| बब्बन कोरी | मंत्री |
| रिपुसूदन सिंह | मंत्री |
| महेंद्र नाथ | मंत्री |
| अंकुर शर्मा | मंत्री |
| अमित यादव | मंत्री |
| अवदेश श्रीवास्तव | मंत्री |
| विजय राजभर | मंत्री |
| प्रमोद गंगवार दिवाकर | मंत्री |
| किरण चौधरी निषाद | मंत्री |
| राकेश सिंह | मंत्री |
| मोहित सिंह चौहान | मंत्री |
| रजनीश पाण्डेय | मंत्री |
| राहुल राजभाषिक | मंत्री |
| महेश नागर | मंत्री |
| दीपमाला चौधरी | मंत्री |
| सुमिरानी वाल्मीकि | मंत्री |
| यतींद्र शर्मा | मंत्री |
| आकाश सोनकर | मंत्री |
भाजपा मोर्चा अध्यक्ष
| मोर्चा | नाम | पद |
|---|---|---|
| युवा मोर्चा | रोहित मिश्रा | प्रदेश अध्यक्ष |
| पिछड़ा मोर्चा | प्रदीप पाल | प्रदेश अध्यक्ष |
| किसान मोर्चा | देवेंद्र सिंह | प्रदेश अध्यक्ष |
| अल्पसंख्यक मोर्चा | आरिफ रजा | प्रदेश अध्यक्ष |
| महिला मोर्चा | रक्षा कुशवाहा | प्रदेश अध्यक्ष |
| अनुसूचित जाति मोर्चा | विद्यासागर गोंड | प्रदेश अध्यक्ष |
| अनुसूचित जनजाति मोर्चा | जनार्दन सिंह गोंड | प्रदेश अध्यक्ष |
यूपी भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्षों की सूची
| क्रमांक | क्षेत्र | नाम | पद |
|---|---|---|---|
| 1 | पश्चिम | नवाब सिंह नागर | क्षेत्रीय अध्यक्ष |
| 2 | ब्रज | पूरन लाल लोधी | क्षेत्रीय अध्यक्ष |
| 3 | कानपुर | राम किशोर साहू | क्षेत्रीय अध्यक्ष |
| 4 | अवध | अवधेश द्विवेदी | क्षेत्रीय अध्यक्ष |
| 5 | काशी | अशोक चौरसिया | क्षेत्रीय अध्यक्ष |
| 6 | गोरखपुर | विनोद राय | क्षेत्रीय अध्यक्ष |
यूपी भाजपा के कार्यालय मंत्री
| क्रमांक | नाम | पद |
|---|---|---|
| 1 | भारत दीक्षित | कार्यालय मंत्री |
| 2 | अतुल अवस्थी | कार्यालय सह-मंत्री |
| 3 | लक्ष्मण सिंह | कार्यालय सह-मंत्री |
यूपी भाजपा के अन्य प्रमुख पदाधिकारी
| क्रमांक | नाम | पद |
|---|---|---|
| 1 | दिनेश प्रताप सिंह | मुख्य प्रवक्ता |
| 2 | मनीष दीक्षित | प्रदेश मीडिया संयोजक |
| 3 | हिमांशु राज पंडित | प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक |
यूपी विधानसभा चुनाव-2027 के लिए तैयार की गई टीम
साल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की चुनावी रणनीति से लेकर संगठनात्मक गतिविधियों तक की पूरी कमान अब प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम के हाथों में होगी। यह टीम बूथ स्तर की तैयारियों, सदस्यता अभियान, जनसंपर्क कार्यक्रमों, रैलियों और चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेगी। प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के लिए भी यह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव एक बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।
हालांकि उन्हें झारखंड विधानसभा चुनाव में संगठनात्मक कामकाज का अनुभव है, लेकिन यूपी जैसा विशाल और राजनीतिक रूप से बेहद अहम राज्य अलग चुनौती पेश करता है। यूपी की राजनीति को करीब से देखने वाले राजनीतिक एक्सपर्ट प्रदीप सिंह का मानना है कि इस नई टीम का वजन किसी कैबिनेट मंत्रियों की फौज से कम नहीं है।














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