शिवसेना के पूर्व नेता ने शरद पवार पर लगाए गंभीर आरोप, कहा-उन्होंने तोड़ी Shiv sena
मुंबई, 19 जुलाई; शिवसेना के कद्दावर नेता रामदास कदम ने 18 जुलाई को शिवसेना से इस्तीफा दे दिया। शिवसेना में करीब 52 साल तक रहने के बाद रामदास कदम की ओर से ये फैसला लिया गया। रामदास के इस्तीफा देने के बाद शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया। पार्टी से निकाले जाने के बाद रामदास ने कहा कि, एनसीपी चीफ शरद पवार शिवसेना को खत्म करना चाहते हैं, वह ये कोशिश बालासाहब ठाकरे के समय से कर रहे हैं।

रामदास कदम ने मंगलवार को दावा किया कि शरद पवार ने शिवसेना को 'व्यवस्थित रूप से कमजोर' किया है। यह शरद पवार (राकांपा प्रमुख) ही हैं जिन्होंने पार्टी (शिवसेना) को तोड़ा। वह इसे खत्म करने की कोशिश बालासाहेब के समय से कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कभी मौका नहीं मिला। अब उन्होंने उद्धव को सीएम बनाया। उद्धव कोविड के दौरान बाहर नहीं गए और फिर 6 महीने तक बीमार रहे। उन्होंने इसका इस्तेमाल किया। कुछ विधायकों ने इस पर चिंता व्यक्त की थी, लेकिन उद्धव ठाकरे शरद पवार से अलग होने को तैयार नहीं थे।
कदम ने मंगलवार को कहा कि 'मैंने उद्धव ठाकरे को पर्याप्त सबूत दिए हैं कि कैसे राकांपा प्रमुख शरद पवार शिवसेना को तोड़ रहे हैं।' पवार ने कुनाबी समुदाय के सदस्यों को अच्छे पद दिए हैं और उन्हें धन से मजबूत भी किया है। उन्होंने आगे दावा किया कि मुख्यमंत्री हमारे थे, धन सरकारी खजाने से आया, लेकिन शिवसेना को पवार ने व्यवस्थित रूप से कमजोर कर दिया। अगर बालासाहेब ठाकरे आज जीवित होते, तो क्या उन्होंने उद्धव ठाकरे को राकांपा और कांग्रेस के समर्थन से मुख्यमंत्री बनने दिया होता?
रामदास ने कहा कि, उनका बेटा योगेश कदम विधायक है, लेकिन अजीत पवार शिवसेना के विधायकों को विकास निधि नहीं देते थे जबकि एनसीपी के पूर्व विधायक को 10 करोड़ का हाल ही में फंड दिया गया। शिवसेना हम हैं और आगे भी रहेंगे। भगवा हमारा खून है, भगवा को हम कभी नहीं छोड़ेंगे।
रामदास कदम ने कहा कि जो लोग मुझ पर आरोप लगा रहे हैं उनकी औकात क्या है? कौन है यह लोग? पार्टी की दुर्दशा करने वाले ये लोग चमचे हैं। अरविंद सावंत की क्या औकात है! उन्होंने कहा कि मैं दोनों को (उद्धव -एकनाथ) को एक साथ लाने की कोशिश करूंगा। जहां-जहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक है मैं वहां घूमूंगा।
योगेश कदम एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हैं। रामदास कदम 4 बार विधायक और कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। रामदास कदम कोंकण के रत्नागिरी से कद्दावर नेता हैं और महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रह चुके हैं।












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