'सीएम शिंदे समेत 56 MLA के विरुद्ध आयोग्यता याचिका पर हो सुनवाई', महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष को SC का निर्देश
महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी सरकार को गिराने में शामिल शिवसेना विधायकों के उस गुट को लेकर अयोग्यता याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनके समर्थन से शिंदे सरकार बनी। याचिकाओं पर सुनवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष से कहा कि वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत 56 विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं को सुनवाई के लिए अपने समक्ष सूचीबद्ध किया जाय और अयोग्यता याचिकाओं पर निर्णय लेने के लिए एक समय-सारणी निर्धारित करें। सर्वोच्च अदालत ने इसके लिए महाष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष को एक सप्ताह का समय दिया है।
महाराष्ट्र की सियासत को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। सीएम शिंदे समेत महाराष्ट्र के 56 विधायकों के विरुद्ध दायर अयोग्यता याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सूचीद्ध करने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि याचिकाओं पर तय समय सीमा के अंदर फैसला आना चाहिए। सुनवाई में देरी पर नाराजगी जताते प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को उच्चतम न्यायालय की गरिमा का सम्मान करना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष सीएम शिंदे समेत 56 विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं को एक सप्ताह के भीतर सुनवाई के लिए अपने सामने सूचीबद्ध करें। अदालत ने इन याचिकाओं पर निर्णय लेने के लिए एक समय-सारणी निर्धारित करने का भी निर्देश दिया है। इसके वलिए अदालत ने एक सप्ताह का समय दिया है।
अयोग्यता याचिकाओं पर निर्णय में महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष की देरी को सुप्रीम कोर्ट की अस्वीकृति पर शिवसेना (यूबीटी) नेता अनिल देसाई ने कहा है कि इस पर जल्द कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होने एक सवाल के जवाब में कहा, "सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 11 मई को जारी अपने फैसले के अनुसार जिसमें यह निर्णय लिया गया था कि महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष अयोग्यता के संबंध में निर्णय लेंगे, चार महीने बाद भी अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। कोर्ट इसके लिए इंतजार करते रहे। अब ज्यादा समय लिए बिना, अयोग्यता की कार्यवाही शुरू होनी चाहिए।"












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