फडणवीस कैबिनेट के इकलौते मुस्लिम चेहरे Hasan Mushrif कौन हैं, BJP शासित राज्यों में अलग क्यों है महाराष्ट्र?
Maharashtra New Cabinet: रविवार को बीजेपी नेता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली महायुति सरकार में 39 मंत्रियों को शामिल किया गया है। इनमें 33 कैबिनेट और 6 राज्यमंत्री शामिल हैं। कुल 42 सदस्यीय मंत्रिपरिषद में हसन मुश्रीफ एकमात्र मुसलमान हैं, जिन्हें सीएम फडणवीस ने अपनी कैबिनेट में जगह दी है। इस समय देश में बीजेपी के मुख्यमंत्री वाली 13 सरकारें हैं, उनमें से किसी में भी कोई मुस्लिम नेता कैबिनेट में शामिल नहीं है।
इसलिए महाराष्ट्र इस समय का एकमात्र बीजेपी शासित राज्य है, जहां किसी मुसलमान को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मंत्रिपरिषद में मुस्लिम नेता दानिश अंसारी मंत्री जरूर हैं, लेकिन वह कैबिनेट नहीं, बल्कि राज्यमंत्री हैं।

कौन हैं हसन मुश्रीफ?
हसन मुश्रीफ एनसीपी के 6 बार के एमएलए हैं। वह कोल्हापुर जिले की कागल सीट से चुनाव जीतकर आए हैं। एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली पिछली महायुति सरकार में एनसीपी के मुश्रीफ और शिवसेना के अब्दुल सत्तार दोनों को कैबिनेट में शामिल किया गया था। लेकिन, फडणवीस की सरकार में सिर्फ हसन ही जगह बना सके हैं।
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इस बार हसन मुश्रीफ को देवेंद्र फडणवीस कैबिनेट में जगह मिलना इसलिए खास है, क्योंकि 2014 से 2019 तक की उनकी अगुवाई वाली बीजेपी-शिवसेना सरकार में किसी भी मुसलमान विधायक को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली थी।
हसन मुश्रीफ और बीजेपी के पुराने रिश्ते?
अजित पवार की एनसीपी का महायुति सरकार में हिस्सा बनने से पहले तक हसन मुश्रीफ बीजेपी के निशाने पर होते थे। उनकी उनके परिवार से जुड़े कोल्हापुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक और चीनी मिल से संबंधित भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर आलोचना की जाती थी। हालांकि, जबसे अजित पवार ने पाला बदला और मुश्रीफ ने उनका साथ दिया, बीजेपी की ओर से उनपर होने वाला हमला खत्म हो गया।
विवादित आईपीएस शमशुद्दीन मुश्रीफ के भाई हैं हसन
हसन मुश्रीफ महाराष्ट्र के पूर्व आईजी पुलिस शमशुद्दीन मुश्रीफ के छोटे भाई हैं। उन्होंने ही 'हू किल्ड करकरे?' नाम की विवादित किताब लिखी थी। इसमें उन्होंने दावा किया था कि 26/11 के मुंबई हमलों के दौरान महाराष्ट्र एटीएस के तत्कालीन चीफ हेमंत करकरे की आतंकियों के हाथों हुई हत्या कथित तौर पर अंदर के लोगों की ओर से ही रची गई साजिश का हिस्सा थी। उन्होंने दावा किया था कि इंटेलिजेंस और सुरक्षा एजेंसियों में शामिल लोगों ने यह कथित साजिश इसलिए रची ताकि हिंदू संगठनों के खिलाफ जारी जारी जांच रोकी जा सके।
अजित पवार की पसंद को फडणवीस ने दी जगह
महाराष्ट्र विधानसभा के लिए इस बार भी पिछली बार की तरह सिर्फ 10 मुस्लिम एमएलए ही चुने गए हैं। इनमें से तीन हसन मुश्रीफ, सना मलिक एनसीपी से और अब्दुल सत्तार शिवसेना से चुने गए महायुति के विधायक हैं। बीजेपी से कोई मुस्लिम एमएलए नहीं है और अजित पवार के साथ गठबंधन की वजह से देवेंद्र फडणवीस ने एनसीपी की पसंद को अपने मंत्रिमंडल में जगह दी है।
महाराष्ट्र में 2011 की जनगणना के मुताबिक मुसलमानों की आबादी लगभग 11.5% है। राज्य में गैर-भाजपा सरकारों में कम से कम दो से तीन मुस्लिम विधायकों को मंत्रिपरिषद में जगह दी जाती रही है। लेकिन, जब 1999 और 2004 में कांग्रेस की सरकार थी तो यह संख्या बढ़कर सात तक पहुंची थी।
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इस समय एनडीए शासित बिहार और आंध्र प्रदेश सरकार में मुस्लिम विधायक कैबिनट का हिस्सा है। बिहार में जेडीयू के जमा खान नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में शामिल हैं और आंध्र प्रदेश में टीडीपी के नस्यम मोहम्मद फारूक चंद्रबाबू नायडू सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। लेकिन, इन दोनों ही राज्यों में मुख्यमंत्री बीजेपी की सहयोगी पार्टियों के हैं।












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