एकनाथ शिंदे ने बताया बालासाहेब प्रधानमंत्री बनकर क्या करना चाहते थे, जो पीएम मोदी ने किया पूरा
महाराष्ट्र सीएम एकनाथ शिंदे ने बताया बाला साहेब प्रधानमंत्री बनकर क्या करना चाहते थे जो पीएम मोदी ने किया पूरा
Maharashtra Chief Minister Eknath Shinde: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के साथ बगावत कर अघाड़ी सरकार गिराकर शिवसैनिक एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बने और सत्ता अपने हाथों में ले ली। शिंदे जब से अपने गुट के विधायकों के साथ अलग हुए हैं तभी से वो लगातार ये बताते आए हैं कि वो शिवसेना के संस्थापक बाला साहेब के बताएं मार्ग पर चल रहे हैं। शिंदे ने अब मोदी सरकार का गुणगान करते हुए कहा कि शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की आकांक्षाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रतिनिधित्व वाली केंद्र सरकार पूरा कर रही है।

बाला साहेब ठाकरे जो चाहते थे वो पीएम मोदी कर रहे
ये बात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को मुंबई में इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में अपने भाषण में कही। शिंदे ने कहा मोदी सरकार अनुच्छेद 370 से लेकर राम मंदिर निर्माण तक जो भी कार्य कर रही है वो सभी शिवसेना संस्थापक स्वर्गीय बाला साहेब ठाकरे चाहते थे।
बालासाहेब इसलिए बनना चाहते थे एक दिन का प्रधानमंत्री
एकनाथ शिंदे ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ आरएसएस की तारीफ करते हुए कहा "बालासाहेब का एक बार बयान दिया था जिसमें उन्होंने कहा था मुझे एक दिन प्रधानमंत्री बनाओ, मैं कश्मीर में अनुच्छेद 370 को खत्म कर दूंगा, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करूंगा। पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार अब अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया गया है और राम मंदिर बनाया जा रहा है।"
शिंदे बोले- मैंने विधायकों के लिए कदम उठाया
शिंदे ने बालासाहेब के बेटे उद्धव ठाकरे के खिलाफ अपनी बगावत के बारे में बात करते हुए कहा शिवसेना कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन में शामिल हुई तो विधायक खुश नहीं थे और उन्होंने विधायकों के लिए कदम
ठाया। शिंदे ने कहा मैं कभी सीएम नहीं बनना चाहता था। .हमारे विधायक परेशान थे इसलिए मैंने यह कदम उठाया और मुझे नहीं लगता कि मैंने कुछ गलत किया है।
विश्वासघात 2019 में हुआ है
शिंदे ने महाराष्ट्र की पूर्व महाअघाड़ी सरकार जिसमें शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी शामिल थी, उसके बारे में बात करते हुए कहा "यह शिवसेना उद्धव ठाकरे या एकनाथ शिंदे की नहीं है। यह बालासाहेब के सिद्धांतों की शिवसेना है। बालासाहेब के असली उत्तराधिकारी उनके विचारों के उत्तराधिकारी हैं। हमें देशद्रोही कहा जा रहा है, कहा जाता है कि विश्वासघात हुआ है लेकिन विश्वासघात 2019 में हुआ है। जब शिवसेना ने कांग्रेस और राकांपा के साथ सरकार बनाई थे।












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