'यह लोकतंत्र और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत', SC के फैसले पर CM शिंदे
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत है।

महाराष्ट्र में शिंदे सरकार बनी रहेगी। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के सियासी संकट पर फैसला सुनाते हुए एकनाथ शिंदे को राहत दी है। कोर्ट ने कहा कि वह शिंदे सरकार को अयोग्य नहीं ठहरा सकता। कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा कि वह विधायकों की अयोग्यता पर फैसला नहीं लेगा। जिस पर महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
'लोकतंत्र और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत'
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने स्वागत किया। डिप्टी सीएम ने कहा जो लोग सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर अटकले लगाते हुए कहते थे कि हमारी सरकार जाएगी आज उन्हें जवाब मिल गया है। यह लोकतंत्र और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत है। हम सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले से संतुष्ट हैं।
देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा कि आज आज सुप्रीम कोर्ट ने महा विकास अघाड़ी के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। महा विकास अघाड़ी की साजिश नाकाम हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि महाराष्ट्र की मौजूदा सरकार पूरी तरह संवैधानिक है।
उद्धव ठाकरे नहीं बन सकते दोबारा सीएम
डिप्टी सीएम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि उद्धव ठाकरे को दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बनाया जा सकता है। सदस्यता निरस्त किए जाने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि स्पीकर के पास अधिकार है कि वे फैसला लें। स्पीकर को यह अधिकार दिया गया है कि 10वीं अनुसूचि को ध्यान में रखते हुए यह तय करेंगे कि राजनीतिक पार्टी कौनसी है और फिर सदस्यता निरस्त किए जाने पर फैसला होगा।
उद्धव पर पलटवार
वहीं कोर्ट के फैसले पर उद्धव ठाकरे के बयान पर फडणवीस ने पलटवार करते हुए कहा कि नैतिकता की बात करना उद्धव ठाकरे को शोभा नहीं देता। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि जब वह एनसीपी और कांग्रेस के साथ सीएम पद के लिए गए तो क्या वह अपनी नैतिकता भूल गए थे। उन्होंने नैतिक आधार पर इस्तीफा नहीं दिया था।
एकनाथ शिंदे ने किया पलटवार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा कि नैतिकता की बात अब करने से अच्छा तब करनी चाहिए थी जब चुनाव हुआ था। तब अगर लोगों का निर्णय देखते हुए नैतिकता की बात करते तो भाजपा-शिवसेना की सरकार बन जाती लेकिन इन्होंने कुर्सी पाने के लिए फैसला लिया।
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दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने उद्धव ठाकरे को झटका देते हुए कहा कि वह एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार को अयोग्य नहीं ठहरा सकता। इसी के साथ उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री के रूप में बहाल करने के लिए प्रस्तुत करने को खारिज कर दिया, क्योंकि उन्होंने फ्लोर टेस्ट का सामना करने के बजाए इस्तीफा देना चुना।












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