"मुझे हल्‍के में मत लेना", महाराष्‍ट्र में एकनाथ शिंदे क्‍या उठाने वाले हैं बड़ा कदम, इस बयान ने मचाई सनसनी

Maharashtra News: महाराष्‍ट्र की सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर दरार की अटकलों के बीच उपमुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को एक ऐसा बयान दे डाला है जिससे बवाल मच गया है। महाराष्ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ कई मुदों पर टकराव और तनातनी के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को चेतावनी दी है कि "मुझे हल्के में मत लें"।

इतना ही नहीं एकनाथ शिंदे ने अविभाजित शिवसेना में उद्धव ठाकरे के खिलाफ अपने विद्रोह को भी याद दिलाया। एकनाथ शिंदे ने चेतावनी देते हुए कहा "2022 में जब मुझे हल्‍के में लिया गया तब मैंने....।"

Eknath Shinde

बता दें शिंदे का ये बयान ऐसे समय में आया है जब कई मुद्दों को लेकर एकनाथ शिंदे देवेंद्र फडणवीस से नाराज बताए जा रहे हैं। एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा बुलाई गई बैठकों में शामिल नहीं हो रहे थे। जिसके बाद महायुति में दरार की अटकलें तेज हो गईं थी वहीं शिंदे के इस बयान के अगल-अलग मायने लगाए जा रहे हैं।

एकनाथ शिंदे बोले- जब मुझे हल्‍के में लिया तो मैंने...

'महादजी शिंदे राष्‍ट्रीय गौरव पुरस्‍कार' दिए जाने पर की गई आलोचना पर बोलते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा "मैं एक सामान्‍य कार्यकर्ता हूं लेकिन मुझे बालासाहेब और दिघे साहेब के कार्यकर्ता के रूप में देखा जाना चाहिए। जब मुझे हल्‍के में लिया तो मैंने 2020 में टांगा पलटी कर दिया, सरकार को बदल दिया। महाराष्‍ट्र में लोग चाहते थे, हम वहां सरकार लेकर आए और डबल इंजन की सरकार चली।"

एकनाथ शिंदे बोले- जिसे इशारा समझाना है वो समझ ले.."

एकनाथ शिंदे ने कहा "मैंने उस वक्‍त विधानसभा के भाषण में कहा था कि मैं और देवेंद्र फडणवीस जी 200 से अधिक सीटें लाएंगे और 232 सीटें आई और इसलिए मुझे हल्‍के में मत लेना, मेरा इशारा जिनको समझना है वो समझ लें, मैं अपना काम करता रहूंगा। ये तो हर दिन आरोप लगा रहे हैं।"

शिंदे ने किसके लिए कहा- एक दिन जल कर खाक हो जाओगे

एकनाथ शिंदे ने कहा "शरद पवार साहब ने मुझे पुरस्‍कार दिया, एक मराठी मनुष को महादजी शिंदे राष्‍ट्रीय गौरव पुरस्‍कार दिया। महादजी शिंदे महारापराक्रमी योद्धा थे उनके नाम पर मेरे जैसे कार्यकर्ता को पुरस्‍कार दिया गया तो उस पर उनको जलन हो गई। अरे कितना जलोगे। एक दिन जल कर खाक हो जाओगे। उस वक्‍त शरद पवार का अपमान किया था, जिन्‍होंने उनको मुख्‍यमंत्री बनाया था।

शिंदे के विद्रोह के कारण 2022 में गिरी थी ठाकरे सरकार

गौरतलब है कि 2022 में एकनाथ शिंदे के विद्राेह के कारण उद्धव ठाकरे की सरकार गिर गई थी और शिवसेना दो धड़ों में बंट गई थी। इसके बाद एकनाथ शिंदे ने भाजपा के साथ गठबंधन किया और महाराष्‍ट्र में मुख्‍यमंत्री की कुर्सी संभाली।

2024 के चुनाव में में शिंदे की शिवसेना ने जीती हैं कितनी सीटें?

2024 के महाराष्‍ट्र विधासनभा चुनव में महायुति में शामिल भाजपा ने ही नहीं शिंदे शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी ने शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि एकनाथ शिंदे को चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाजवूद फडणवीस के चलते मुख्‍यमंत्री पद नहीं मिला। जिससे वो खासे नाराज भी हुए थे। शिंद शिवसेना के पार वर्तमान समय में 57 विधायक है और भाजपा के पास 132 विधायक है।

फडणवीस सरकार ने शिंदे के विधायकों से छीनी Z सिक्‍योरिटी

गौरतलब है कि सीएम देवेंद्र फडणवीस सरकार से दो दिन पहले ही महाराष्‍ट्र में कई विधायकों की जेड सिक्‍योरिटी को छीन लिया है, जिन विधायकों से जेड सिक्‍योरिटी की सुविधा छीनी है उनमें से सर्वाधिक 20 विधायक डिप्‍टी सीएम एकनाथ शिंदे गुट वाली शिवसेना के हैं। जिसके बाद शिंदे सीएम फडणवीस से और नाराज बताए जा रहे हैं। हालांकि नाराजगी पर दो दिन पहले शिंदे ने कहा था कि हमारे बीच कोई कोल्‍ड वॉर नहीं चल रही है, महायुति में सब कुछ ठंडा-ठंडा कूल-कूल है!

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